dharma sangrah

हर तरह की बीमारी-रोग-शोक-आपदा से बचाते हैं यह 3 महादेव मंत्र

Updated: बुधवार, 26 जुलाई 2017 (12:53 IST)
अनेक प्राचीन वांग्मय महाकाल की व्यापक महिमा से आपूरित हैं क्योंकि वे कालखंड, काल सीमा, काल-विभाजन आदि के प्रथम उपदेशक व अधिष्ठाता हैं। स्कन्दपुराण के अवंती खंड में, शिव पुराण (ज्ञान संहिता अध्याय 38), वराह पुराण, रुद्रयामल तंत्र, शिव महापुराण की विद्येश्वर संहिता के तेइसवें अध्याय तथा रुद्रसंहिता के चौदहवें अध्याय में भगवान महाकाल की अर्चना, महिमा व विधान आदि का विस्तृत वर्णन किया गया है। 

ALSO READ: क्या आप जानते हैं कब कराएं महामृत्युंजय का जाप
 
मृत्युंजय महाकाल की आराधना का मृत्यु शैया पर पड़े व्यक्ति को बचाने में विशेष महत्व है। खासकर तब जब व्यक्ति अकाल मृत्यु का शिकार होने वाला हो। इस हेतु विशेष जाप से भगवान महाकाल का लक्षार्चन अभिषेक किया जाता है- 
 
'ॐ ह्रीं जूं सः भूर्भुवः स्वः, 
ॐ त्र्यम्बकं स्यजा महे 
सुगन्धिम्पुष्टिवर्द्धनम्‌। 
उर्व्वारूकमिव बंधनान्नमृत्योर्म्मुक्षीयमामृतात्‌ 
ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ' 
 
इसी तरह सर्वव्याधि निवारण हेतु इस मंत्र का जाप किया जाता है। 
 
ॐ मृत्युंजय महादेव त्राहिमां शरणागतम 
जन्म मृत्यु जरा व्याधि पीड़ितं कर्म बंधनः 
 
श्रावण में शिव-माह समूचे उज्जैन में मनाया जाता है। इन दिनों भक्तवत्सल्य भगवान आशुतोष महाकालेश्वर का विशेष श्रृंगार किया जाता है, उन्हें विविध प्रकार के फूलों से सजाया जाता है। यहां तक कि भक्तजन अपनी श्रद्धा का अर्पण इतने विविध रूपों में करते हैं कि देखकर आश्चर्य होता है। 
 
कोई बिल्वपत्र की लंबी घनी माला चढ़ाता है। कोई बेर,संतरा, केले, और दूसरे फलों की माला लेकर आता है। कोई आंकड़ों के पत्तों पर चंदन से ॐ बना कर अर्पित करता है।

ALSO READ: श्रावण में श्रीराम भी देते हैं वरदान, रोग नाश करेगा यह छोटा सा राम मंत्र
 
औढरदानी, प्रलयंकारी, दिगम्बर भगवान शिव का यह सुहाना सुसज्जित सुंदर स्वरूप देखने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है। इसे 'सेहरा' के दर्शन कहा जाता है। श्री महाकालेश्वर से परम पुनीत प्रार्थना की जाती है कि इस श्रावण के पावन माह में अखिल सृष्टि पर वे प्रसन्न होकर प्राणी मात्र का कल्याण करें - 
 
'कर-चरणकृतं वाक्कायजं कर्मजं वा 
श्रवणनयनजं वा मानसं वापराधम, 
विहितमविहितं वा सर्वमेतत्क्षमस्व, 
जय-जय करुणाब्धे, श्री महादेव शम्भो॥' 
 
अर्थात हाथों से, पैरों से, वाणी से, शरीर से, कर्म से, कर्णों से, नेत्रों से अथवा मन से भी हमने जो अपराध किए हों, वे विहित हों अथवा अविहित, उन सबको है करुणासागर महादेव शम्भो! क्षमा कीजिए,  श्री महादेव आपकी जय हो,जय हो। 

ALSO READ: भगवान शंकर की भस्म के यह लाभ जानते हैं आप....

सावन सोमवार की पौराणिक कथा (देखें वीडियो)  
 
 

 
Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

05 August Birthday: आपको 5 अगस्त, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (5 अगस्‍त, 2026)

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 05 अगस्‍त 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

बुध का कर्क राशि में गोचर: इन 6 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा धन लाभ और सफलता

सावन के सोमवार में ज़रूर चढ़ाएं 'शिवा मुट्ठी': जानिए वो 1 चीज़ जो दूर करेगी पैसों की तंगी

अगला लेख