biodatamaker
Sun, 9 Aug 2026

Notifications

  1. धर्म-संसार
  2. व्रत-त्योहार
  3. श्राद्ध पर्व
  4. Shradh 2017

यह है पूर्वजों की विदाई की खास विधि, ऐसे करें उन्हें बिदा...

Shradh 2017
* अपने पितृ को श्रद्धा और सम्मान से करें विदा... 
 
आज पितृ पक्ष की विदाई का आखिरी दिन है। अत: आप उनकी श्रद्धास्वरूप अब तक उनके लिए कुछ नहीं कर पाए हैं तो भी घबराने की कोई बात नहीं। अमावस्या का दिन पितृपक्ष में पितरों के तर्पण के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिन आप उनके निमित्त वस्त्र, अन्न, बर्तन, धूप तथा दीप-दान करें। 
 
आज सर्व पितरों के लिए तर्पण करवा कर ब्राह्मणों को भोजन दान करें, क्योंकि आज का किया हुआ कार्य पितरों को प्रसन्नता देता है और आप कईं जन्मों के दोष और ऋण से मुक्त हो जाते है और आने वाली कईं पीढ़‍ियों का उद्धार कर देते हैं। 
 
पितृ के सम्मान स्वरूप क्या करें विशेष ताकि मिलें उनका आशीर्वाद :- 
 
आज पितरों के निमित पुष्पांजलि देना चाहिए, सभी दिवंगत पितरों के लिए धार्मिक पुस्तक विशेष तौर पर गीता, गरुड़ पुराण, रामायण, चन्दन की लकड़ी और तुलसी की माला ब्राह्मण को जरूर दान में देना चाहिए, इससे पितृ ऋण और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है, पितरों की प्रसन्नता प्राप्त होती है। 
 
पितृ विदाई का महाउपाय :- 
 
पितरों की विदाई हेतु एक तांबा या पीतल का लोटा जल से भर लें, उसमें काले तिल, जौ, अक्षत और दुर्वा डालकर पितरों का ध्यान करके पीपल के पेड़ के नीचे जल चढ़ा दें और पीपल पर एक माला समर्पित कर दें और लोटा शिव मंदिर में उल्टा करके रख दें। भगवान महादेव से प्रार्थना करें, उनकी प्रसन्नता के लिए और अपने कल्याण के लिए।

ज्योतिष के आधार पर जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष हो, जैसे सूर्य-राहु की युति एक साथ हो, चन्द्रमा-राहु का योग हो, मंगल-राहु-केतु का अंगारक योग हो या जिनकी कुंडली में चन्द्रमा नीच राशिगत हो, उन लोगों को पितरों के निमित्त, पितरों के लिए यह उपाय अवश्य ही करना चाहिए। 
 
यह उपाय शिक्षा में सफलता हेतु, गृह क्लेश के निवारण, सुखमय जीवन के लिए पितरों के निमित्त अमावस्या पर अवश्य करना चाहिए, इससे नवग्रह की अनुकूलता प्राप्त होती है। हमारे पितृगण प्रसन्न होते है और देव कृपा प्राप्त होती है। 
श्राद्ध करने की सबसे सरल विधि
ये भी पढ़ें
नवरात्रि 2017 : मां दुर्गा की नौवीं शक्ति सिद्धिदात्री की पावन कथा...