कुदरत की खूबसूरत इबारत केरल
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आपकी नजरें जहाँ जाएँगी, बस एक ही रंग उन्हें कैद करेगा - हरा। जी हाँ, केरल में इतनी हरियाली है कि समुद्र का पानी भी हरा ही दिखता है (पेड़ों की छाया के कारण)। खूब दूर-दूर तक फैले खेत, छोटे-छोटे लेकिन साफ-सुथरे गाँव, बेहद खुशनुमा जीवन और ढेर सारे पारंपरिक पकवान यहाँ की खासियत है। यहाँ के सीधे-सादे गाँव वाले भले ही हिंदी-अँग्रेजी ज्यादा न बोलें, लेकिन मेहमाननवाजी में किसी से कम नहीं।
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कोचीन (कोच्चि) तथा एर्नाकुलम - अरब सागर के तट पर बसा केरल का बेहद खूबसूरत शहर है कोच्चि। यह एक बड़ा औद्योगिक व व्यापारिक केंद्र है। इसके साथ ही यहाँ विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक हार्बर भी है। कोच्चि के लिए एप्पसी से कार द्वारा जाया जा सकता है। इसके अलावा पूरे देश से यह जगह हवाई और रेल मार्ग से जुड़ी हुई है। पुर्तगालियों ने कोच्चि गाँव को बसाया था। कोच्चि में आपको 500 साल पुराने पुर्तगाली अवशेष मिलेंगे। यहाँ आप भारत का एक बहुत पुराना चर्च भी देख सकते हैं।
प्रसिद्ध कथकली नृत्य के लिए भी इसे जाना जाता है। यहाँ समुद्र में अनेक द्वीप हैं, जो विभिन्न पुलों द्वारा नगर से जुड़े हुए हैं। इन पुलों के एक सिरे को ही एर्नाकुलम कहते हैं। अर्थात एर्नाकुलम व कोच्चि एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। कोचीन में आप बोलघट्टी व विलिंगडन द्वीप, थंपूरन संग्रहालय, डच पैलेस, यहूदी सिनेगाग, सेंट फ्रांसिस चर्च, सांताक्रूज कैथेड्रल आदि देख सकते हैं।
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त्रिचुर नमट्टनशेरी, गुंडू आयलैंड, थेकड़ी, राष्ट्रीय वन्य प्राणी उद्यान, कोट्टायमनपेरियार वाइल्ड लाइफ सेंचुरी, मंगलादेवी का मंदिर, अलप्पे, क्विलोन, गुरुवयूर, कालड़ी आदि।
त्रिवेंद्रम या तिरुअनंतपुरम - केरल की यह राजधानी कई अनुसंधान केंद्रों हेतु प्रसिद्ध है। इस नगर को महात्मा गाँधी ने ‘सदाबहार नगर’ की उपमा दी थी। पर्यटकों के यहाँ आने का प्रमुख कारण कोवलम बीच, जहाँ से श्रीलंका या मालदीव के लिए जाना भी होता है। कोवलम बीच की नैसर्गिक सुंदरता देखते ही बनती है। यह केरल से लगभग 16 किलोमीटर दूर पड़ता है। इस बीच की गहराई बेहद कम है। इसलिए गाइड की निगरानी में आप यहाँ जी भरकर अठखेलियाँ कर सकते हैं।
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त्रिवेंद्रम के आसपास के भ्रमण स्थल
कन्या कुमारी, पद्मनाभपुरम पैलेस, लक्षद्वीप आदि।
केरल के अन्य प्रमुख भ्रमण स्थल
कालीकट या कोझीकोड, पेरियार, पीरमेड पर्वत माला, मुन्नार, वारकला, कप्पड़ आदि।
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कैसे जाएँ - दक्षिण भारत के लिए आप हवाई यात्रा द्वारा बड़े शहरों (कोच्चि व बंगलोर आदि) तक जा सकते हैं। ट्रेन सबसे अच्छा व सस्ता साधन है। बस, टैक्सी या स्वयं का वाहन भी चुन सकते हैं। त्रिवेंद्रम के लिए देश के अन्य भागों से सड़क मार्ग द्वारा आवागमन सुलभ है।
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बजट- यह ऐसी जगह है, जहाँ व्यक्ति अपनी जेब के हिसाब से भरपूर लुत्फ उठा सकता है। यहाँ कई टूरिज्म कंपनियाँ पैकेज टूर चलाती हैं। जैसे केरला बैक वॉटर पैकेज, हनीमून पैकेज, बीच टूर पैकेज आदि जिनका बजट लगभग पाँच हजार से शुरू होकर आपकी जेब की क्षमता तक जाता है।
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मानचित्र में स्थिति - भारत के दक्षिण भाग के खूबसूरत प्रांत का नाम है केरल। अरब सागर के तट पर बसा होने के कारण यहाँ से दूसरे उपमहाद्वीपों तक जाने का समुद्री रास्ता जुड़ा है।
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1. जैसा कि पहले ही बताया जा चुका है कि यहाँ मई-जून के महीने में मानसून दस्तक देता है। इसलिए इन महीनों में केरल न जाएँ। यदि मूसलधार बारिश देखने के शौकीन हों तो बारिश से बचने के जरूरी उपाय जैसे रेनकोट, छाता, लाँग बूट आदि साथ में रख लें। मई-जून से लगे महीनों में केरल घूमने का इरादा हो तो हल्की बारिश से बचने के लिए जरूरी सामान साथ रखें।
2. यहाँ आपको पारंपरिक स्वादों से भरपूर दक्षिण भारतीय भोजन का लुत्फ उठाने का मौका मिलेगा। हमारी माने तो बढ़िया रेस्त्राँ में भोजन खाने से अच्छा होगा, सड़क किनारे लगी दुकानों में सजे पकवानों का लुत्फ लें। ये सस्ते होने के साथ ही पारंपरिक स्वाद से भरपूर होंगे। यह स्वाद आपको यहाँ के सिवाय कहीं और नहीं मिलेगा।
4. केरल में घूमते समय पहनावा सूती रखें तो बेहतर होगा। समुद्र का किनारा होने के कारण यहाँ उमस वाली गरमी होती है। सिर के लिए टोपी, चश्मा और अच्छे सनस्क्रीन लोशन साथ ले जाना अच्छा होगा।
5. केरल घूमने जाने से पहले देशी-विदेशी यात्री यहाँ संपर्क कर सकते हैं।
Department of Tourism, Government of Kerala
Park View, Thiruvananthapuram, Kerala, India - 695 033
Phone: +91-471-2321132 Fax: +91-471-2322279
Tourist Information toll free No:1-800-425-4747
Email:

