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मानव रक्षा के लिए बने हैं ये 6 दिव्य मंत्र और 5 स्तोत्र पाठ

बुधवार,मई 27, 2020
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हिंदू धर्म ग्रंथों में स्कंदपुराण को महापुराण कहा जाता है। पुराणों के क्रम में इसका तेरहवां स्थान है इसके खंडात्मक और संहितात्मक उपलब्ध दो रूपों में से प्रत्येक में 81 हजार श्लोक हैं। इस पुराण का नाम भगवान शंकर के बड़े पुत्र कार्तिकेय के नाम पर है। ...
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गरूड़ भगवान के बारे में सभी जानते होंगे। यह भगवान विष्णु का वाहन हैं। भगवान गरूड़ को विनायक, गरुत्मत्, तार्क्ष्य, वैनतेय, नागान्तक, विष्णुरथ, खगेश्वर, सुपर्ण और पन्नगाशन नाम से भी जाना जाता है। गरूड़ हिन्दू धर्म के साथ ही बौद्ध धर्म में भी ...
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प्रत्येक माह में दो चतुर्थी होती है। इस तरह 24 चतुर्थी और प्रत्येक तीन वर्ष बाद अधिमास की मिलाकर 26 चतुर्थी होती है। सभी चतुर्थी की महिमा और महत्व अलग-अलग है। आओ जानते हैं चतुर्थी के संबंध में 8 रहस्य।
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गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि वृक्षों में मैं पीपल हूं। हिन्दू धर्म में पीपल का बहुत धार्मिक महत्व है। आओ जानते हैं कि इसके 5 चमत्कारिक लाभ।
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प्राचीनकाल से ही लोग खाना खाने के बाद मीठा जरूर खाते हैं। हिन्दू शास्त्र और आयुरर्वेद में भी इसका उल्लेख मिलता है। मीठा खाने के संबंध में तो आपको पता ही होगा लेकिन बहुत कम लोग नहीं जानते होंगे कि खाने के पहले तीखा या कहें कि चरका क्यों खाते हैं। आओ ...
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बिल्व अथवा बेल (बिल्ला) विश्व के कई हिस्सों में पाया जाने वाला वृक्ष है। हिन्दू धर्म में बिल्व के वृक्ष को बहुत ही पवित्र माना जाता है। इसके घर के आसपास होने के कई फायदे हैं लेकिन यदि यह गलत दिशा में लगा है तो नुकसान भी हो सकते हैं। आओ जानते हैं ...
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प्रत्येक माह में 2 चतुर्दशी और वर्ष में 24 चतुर्दशी होती है। चतुर्दशी को चौदस भी कहते हैं। इस दिन व्रत और पूजा करने का बहुत महत्व माना गया है। आओ जानते हैं इस तिथि की 5 खास बातें।
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हिन्दू धर्म में किसी भी जीव की हत्या करने को ब्रह्म हत्या माना गया है। अलग अलग जीवों की हत्या करने का अलग अलग दोष लगता है और उसी के आधार पर नरक का निर्धारण होता है। इससे पहले उसके वर्तमान जीवन में उसे जो सजा भुगतना होती है वह अलग होती है।
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छुआछूत एक सर्वव्यापी और प्राचीनकालीन सत्य है, जिसका बाद में गलत अर्थ भी निकाला जाने लगा। वर्तमान की अपेक्षा प्राचीनकाल में चिकित्सा सुविधाएं इतनी नहीं थी। ऐसे में जब कोई बीमारी या महामारी फैलती थी तो लोग अपने अनुभव का उपयोग करते थे। इसी अनुभव के ...
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संध्यावंदन (पूजा, आरती, प्रार्थना, संध्योपासना, ध्यान, साधना, भजन कीर्तन आदि) के समय मंदिर या एकांत में शौच, आचमन, प्राणायामादि कर गायत्री छंद से निराकार ईश्वर की प्रार्थना की जाती है।
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हिन्दू धर्म में विवाह के दौरान सात फेरे लिए जाते हैं जिन्हें सप्तपदी कहते हैं। सप्तपदी के सात वचन होते हैं जिन्हें वर और वधु को निभाना होता है। कन्या यह वचन अपने होने वाले पति से मांगती है। यह सात वचन दाम्पत्य जीवन को खुशहाल और सफल बनाने हेतु होते ...
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तीज त्योहार पर मंदिरों में पूजा, आरती, हवन, अनुष्ठान आदि धर्म कर्म के कार्य किए जाते हैं, लेकिन लॉकडान के चलते लोगों ने घर में ही नवरात्रि, रामनवमी, हनुमान जयंती आदि मनाई है। आगे आने वाले समस्त दिवस, पर्व और उत्सव सीमित संसाधन के साथ कैसे मनाएं और ...
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पंचसूलक क्या होता है और क्या है इसका महत्व आप यह शायद जानते ही होंगे। हो सकता है कि बहुतों ने यह नाम सुना ही नहीं होगा। इसकी गणना मंगल प्रतीक के अंतर्गत की जाती है।
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हिन्दू धर्म में घर में धूप और दीप देने का प्राचीनकाल से ही प्रचलन रहा है। कई प्रकार से धूप दी जाती है। आओ जानते हैं कि धूप देना क्या है और यह कैसे दी जाती है।
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घर या मंदिर में पूजा करने के लिए कुछ विशेष सामग्री का होना जरूरी है। उन सभी को मिलाकर ही पूजा की जाती है। हालांकि पूजा सामग्री तो बहुत सारी होती है, लेकिन यहां प्रस्तुत है पूजा के 20 प्रतीक वस्तुएं।
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जब से बिजली का अविष्कार हुआ है व्यक्ति की प्राकृतिक नींद और जागरण समाप्त हो गया है। पहले के जमाने में लोग रात को 7 बजे के लगभग भोजन करने के बाद 8 बजे तक सो जाते थे लेकिन अब कम से कम 11 बजे तक जागते रहने की आदत हो चुकी है। अर्थात व्यक्ति मध्य रात्रि ...
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आधुनिक जीवन शैली के चलते बहुत से लोगों को कब्ज की शिकायत हो चली है। खाना समय पर पचना नहीं है और फिर पेट भी फुलता जा रहा है। समय की व्यस्तता के चलते कसरत करने का समय भी कहां हैं। ऐसे में यदि आप चाहते हैं कि खाना समय पर पच जाए तो आपको हिन्दू जीवन शैली ...
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क्या आप सोते समय अपने पैर दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर रखते हैं। हिंदू शास्त्रों और वास्तुविदों के अनुसार यह अनुचित है। आओ जानते हैं इसके 5 नुकसान।
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लॉकडाउन में आप घर में धर्म के ये पांच कार्य जरूर करें इसे आपके मन एवं मस्तिष्क में शांति, विश्वास, साहस, उत्साह, सकारात्मक सोच और प्रसन्नता का संचार होगा। वर्तमान समय में यह बहुत जरूरी भी है। यदि आप इस अवसर का लाभ उठाना चाहते हैं तो निश्चित ही आपको ...
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