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घर के प्रवेश द्वार पर पंचसूलक होना जरूरी, जान लें महत्व

शुक्रवार,अप्रैल 10, 2020
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हिन्दू धर्म में घर में धूप और दीप देने का प्राचीनकाल से ही प्रचलन रहा है। कई प्रकार से धूप दी जाती है। आओ जानते हैं कि धूप देना क्या है और यह कैसे दी जाती है।
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घर या मंदिर में पूजा करने के लिए कुछ विशेष सामग्री का होना जरूरी है। उन सभी को मिलाकर ही पूजा की जाती है। हालांकि पूजा सामग्री तो बहुत सारी होती है, लेकिन यहां प्रस्तुत है पूजा के 20 प्रतीक वस्तुएं।
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जब से बिजली का अविष्कार हुआ है व्यक्ति की प्राकृतिक नींद और जागरण समाप्त हो गया है। पहले के जमाने में लोग रात को 7 बजे के लगभग भोजन करने के बाद 8 बजे तक सो जाते थे लेकिन अब कम से कम 11 बजे तक जागते रहने की आदत हो चुकी है। अर्थात व्यक्ति मध्य रात्रि ...
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आधुनिक जीवन शैली के चलते बहुत से लोगों को कब्ज की शिकायत हो चली है। खाना समय पर पचना नहीं है और फिर पेट भी फुलता जा रहा है। समय की व्यस्तता के चलते कसरत करने का समय भी कहां हैं। ऐसे में यदि आप चाहते हैं कि खाना समय पर पच जाए तो आपको हिन्दू जीवन शैली ...
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क्या आप सोते समय अपने पैर दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर रखते हैं। हिंदू शास्त्रों और वास्तुविदों के अनुसार यह अनुचित है। आओ जानते हैं इसके 5 नुकसान।
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लॉकडाउन में आप घर में धर्म के ये पांच कार्य जरूर करें इसे आपके मन एवं मस्तिष्क में शांति, विश्वास, साहस, उत्साह, सकारात्मक सोच और प्रसन्नता का संचार होगा। वर्तमान समय में यह बहुत जरूरी भी है। यदि आप इस अवसर का लाभ उठाना चाहते हैं तो निश्चित ही आपको ...
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तुलसी का धार्मिक महत्व भी है और आयुर्वेदिक महत्व भी है। यह एंटीबायोटिक, दर्द निवारक और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी फायदेमंद है। यहां जानिए तुलसी की माला पहनने के 5 फायदे।
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हिन्दू धर्म में समय की बहुत ही वृहत्तर धारणा है। आमतौर पर वर्तमान में सेकंड, मिनट, घंटे, दिन-रात, माह, वर्ष, दशक और शताब्दी तक की ही प्रचलित धारणा है,
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प्रत्येक धर्म में धर्मग्रंथों का अत्यधिक महत्व होता है, और पवित्रता एवं सम्मान की दृष्टि से इन्हें पढ़ने के लिए समय और तरीका भी उतना ही महत्व रखता है। लेकिन धर्मग्रंथों को पढ़ने के लिए सुबह और शाम का समय ही सही माना जाता है। चलिए जानते हैं इसका ...
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कई घरों में नवरात्रि पर सप्तमी, अष्टमी या नवमी की पूजा होती है। पूजा के बाद हवन भी किया जाता है। हवन तो विधिवत रूप से पंडितजी ही करवाते हैं, लेकिन लॉकडाउन में आप खुद ही कैसे घर में हवन करें जानिए इस संबंध में संक्षिप्त जानकारी।
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प्रत्येक माह में दो चतुर्थी होती है। इस तरह 24 चतुर्थी और प्रत्येक तीन वर्ष बाद अधिमास की मिलाकर 26 चतुर्थी होती है। सभी चतुर्थी की महिमा और महत्व अलग-अलग है। आओ जानते हैं चतुर्थी का व्रत करने के 5 लाभ।
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हिन्दू धर्म में संध्योपासना के 5 प्रकार हैं- 1. संध्यावंदन, 2.प्रार्थना, 3. ध्यान, 4. कीर्तन और 5. पूजा-आरती। व्यक्ति की जिसमें जैसी श्रद्धा है, वह वैसा करता है।
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मंत्रयोग या जपयोग के चमत्कार के संबंध में शास्त्रों में ढेर सारे उल्ले‍ख मिलते हैं। वेदों में उल्लेख है कि विशेष प्रकार के मंत्रों से विशेष तरह की शक्ति उत्पन्न होती है। अनेक परिक्षणों से यह सिद्ध हो गया है कि मंत्रों में प्रयोग होने वाले शब्दों में ...
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कलिकाल में हनुमानजी की भक्ति ही कही गई है। हनुमानजी की निरंतर भक्त करने से भूत पिशाच, शनि और ग्रह बाधा, रोग और शोक, कोर्ट-कचहरी-जेल बंधन से मुक्ति, मारण-सम्मोहन-उच्चाटन, घटना-दुर्घटना से बचना, मंगल दोष, कर्ज से मुक्ति, बेरोजगार और तनाव या चिंता से ...
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केले का पेड़ काफी पवित्र माना जाता है और कई धार्मिक कार्यों में इसका प्रयोग किया जाता है। भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को केले का भोग लगाया जाता है। केले के पत्तों में प्रसाद बांटा जाता है। आओ जानते हैं केले की पूजा के 5 चमत्कारिक लाभ।
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एक तो होता है वेजीटेरियन और दूसरा होता है नॉन वेजीटेरियन। लेकिन हम यहां बात करेंगे हिन्दूटेरियन की। हिन्दूटेरियन अर्थात ऐसे भोजन जो देवताओं को प्रिय है और जिसे भोग लगाने के बाद प्रसाद रूप में ग्रहण किया जाता है। आओ जानते हैं ऐसे ही 10 भोजन के बारे ...
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अक्सर लोग अमावस्या या पूर्णिमा पर या किसी विशेष दिन जब स्नान करने जाते हैं तो बस दो या तीन चार डुबकी लगा कर आ जाते हैं। लेकिन ऐसा तो आप किसी भी नदी में कर सकते हैं। यह स्नान तो साधारण ही हुआ। नदी के पास रहने वाले लोग ऐसा स्नान रोज ही करते हैं। तब ...
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भारत में अगरबत्ती का प्रचलन प्राचीनकाल से ही जारी है। प्रारंभ में अगरबत्ती की जगह धूप का प्रचलन था। भारत से यह प्रचलन मध्य एशिया, तिब्बत, चीन और जापान में गया। आओ जानते हैं अगरबत्ती के 5 फायदे और 5 नुकसान।
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प्राचीनकाल से ही लोग खाना खाने के बाद मीठा जरूर खाते हैं। हिन्दू शास्त्र और आयुरर्वेद में भी इसका उल्लेख मिलता है। मीठा खाने के संबंध में तो आपको पता ही होगा लेकिन बहुत कम लोग नहीं जानते होंगे कि खाने के पहले तीखा या कहें कि चरका क्यों खाते हैं। आओ ...
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