Hanuman Chalisa

पितृलोक के 4 व्यवस्थापक, इनके पास है आपका और आपके पूर्वजों का लेखा-जोखा

अनिरुद्ध जोशी
अदिति के तीसरे पुत्र और आदित्य नामक सौर-देवताओं में से एक अर्यमन या अर्यमा को पितरों का देवता भी कहा जाता है। आकाश में आकाशगंगा उन्हीं के मार्ग का सूचक है। सूर्य से संबंधित इन देवता का अधिकार प्रात: और रात्रि के चक्र पर है। चंद्रमंडल में स्थित पितृलोक में अर्यमा सभी पितरों के अधिपति नियुक्त हैं। वे जानते हैं कि कौन सा पितृत किस कुल और परिवार से है। पुराण अनुसार उत्तरा-फाल्गुनी नक्षत्र इनका निवास लोक है।
 
इनकी गणना नित्य पितरों में की जाती है जड़-चेतन मयी सृष्टि में, शरीर का निर्माण नित्य पितृ ही करते हैं। इनके प्रसन्न होने पर पितरों की तृप्ति होती है। श्राद्ध के समय इनके नाम से जलदान दिया जाता है। यज्ञ में मित्र (सूर्य) तथा वरुण (जल) देवता के साथ स्वाहा का 'हव्य' और श्राद्ध में स्वधा का 'कव्य' दोनों स्वीकार करते हैं।
 
पुराण अनुसार मुख्यत: पितरों को दो श्रेणियों में रखा जा सकता है- दिव्य पितर और मनुष्य पितर। दिव्य पितर उस जमात का नाम है, जो जीवधारियों के कर्मों को देखकर मृत्यु के बाद उसे क्या गति दी जाए, इसका निर्णय करता है। इस जमात का प्रधान यमराज है।
 
चार व्यवस्थापक : यमराज की गणना भी पितरों में होती है। काव्यवाडनल, सोम, अर्यमा और यम- ये चार इस जमात के मुख्य गण प्रधान हैं। अर्यमा को पितरों का प्रधान माना गया है और यमराज को न्यायाधीश।
 
इन चारों के अलावा प्रत्येक वर्ग की ओर से सुनवाई करने वाले हैं, यथा- अग्निष्व, देवताओं के प्रतिनिधि, सोमसद या सोमपा-साध्यों के प्रतिनिधि तथा बहिर्पद-गंधर्व, राक्षस, किन्नर सुपर्ण, सर्प तथा यक्षों के प्रतिनिधि हैं। इन सबसे गठित जो जमात है, वही पितर हैं। यही मृत्यु के बाद न्याय करती है।
 
दिव्य पितर की जमात के सदस्यगण : अग्रिष्वात्त, बहिर्पद आज्यप, सोमेप, रश्मिप, उपदूत, आयन्तुन, श्राद्धभुक व नान्दीमुख ये नौ दिव्य पितर बताए गए हैं। आदित्य, वसु, रुद्र तथा दोनों अश्विनी कुमार भी केवल नांदीमुख पितरों को छोड़कर शेष सभी को तृप्त करते हैं।

Show comments

सभी देखें

वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर: 12 राशियों में किसे होगा फायदा, किसे रहना होगा सतर्क?

गुरु का शनि के नक्षत्र में गोचर: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें 5 उपाय

अमरनाथ गुफा के 6 बड़े रहस्य: आखिर कितने हजार साल पुरानी है यह पवित्र यात्रा?

सूर्य का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें 5 आसान उपाय

मंगल का रोहिणी नक्षत्र में गोचर: 12 राशियों पर कैसा होगा असर? जानें 5 आसान उपाय

सभी देखें

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (12 जुलाई, 2026)

Weekly Horoscope 13 to 19 July 2026: 13 से 19 जुलाई तक कैसा रहेगा आपका सप्ताह? शॉर्ट में पढ़ें साप्ताहिक राशिफल

12 July Birthday: आपको 12 जुलाई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 12 जुलाई 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

अमरनाथ यात्रा 2026: क्या बर्फ के शिवलिंग के साथ पार्वती और गणेश भी होते हैं प्रकट?

अगला लेख