तू नाराज है मुझसे

नाराजगी
NDND
तू नाराज है मुझसे
न जाने किस बात पे

कह दो अब दिल की बात
रहकर मौन अब

मत खेलो मेरे जज्बात से।


आज खफा है मेरा चाँद क्यों
अपनी चकोर से
क्यों रूठा है ये पागल भौंरा
फूलों की मधुमास से
हुई कुछ मुझसे भूल
जो कर दिया
जिंदगी से दूर।

काश कि समझ पाते
तुम मुझे
जान पाते मेरे
दिल की बात
तब शायद ये न कहते
कि अब छोड़ दे मेरा साथ।

दूरी बहुत है इस सफर की
न छोड़ो बीच राह में
कट जाएगा रास्ता
हँसते-हँसते
जब तू रहेगा
में।

आ जाओ अब
मनाएँ हम हर दिन
की दिवाली
यह शायद हो खास
जो लाएगा जीवन में
गायत्री शर्मा|
खुशहाली ही खुशहाली।



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