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Gaj laxmi vrat Ki Kahani : गजलक्ष्मी व्रत 21 सितंबर को, पढ़ें ऐरावत हाथी की कथा

शुक्रवार,सितम्बर 20, 2019
गजलक्ष्मी व्रत कथा
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'अंगारक चतुर्थी' की माहात्म्य कथा गणेश पुराण के उपासना खंड के 60वें अध्याय में वर्णित है। वह कथा अत्यंत संक्षेप में इस ...
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श्राद्ध पर्व पर यह कथा अधिकांश क्षेत्रों में सुनाई जाती है। कथा के अनुसार, महाभारत के दौरान, कर्ण की मृत्यु हो जाने के ...
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पितृ पक्ष की लोककथा के अनुसार जोगे तथा भोगे दो भाई थे। दोनों अलग-अलग रहते थे। जोगे धनी था और भोगे निर्धन।
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अनंत चतुर्दशी की कथा- पौराणिक ग्रंथों के अनुसार प्राचीन समय में सुमंत नाम के एक ऋषि हुआ करते थे उनकी पत्नी का नाम था ...
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इस दिन भगवान विष्णु ने वामन के रूप में पांचवां अवतार लिया था। वामन विष्णु के पांचवें तथा त्रेता युग के पहले अवतार थे। ...
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श्रीकृष्ण कहने लगे- मैंने (वामन रूपधारी ब्रह्मचारी) बलि से तीन पग भूमि की याचना करते हुए कहा- ये मुझको तीन लोक के समान ...
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लोकदेवता वीर तेजाजी का जन्म नागौर जिले में खड़नाल गांव में ताहरजी (थिरराज) और रामकुंवरी के घर माघ शुक्ल, चौदस संवत 1130 ...
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भगवान श्रीहरि विष्‍णु ने धर्म की रक्षा हेतु हर काल में अवतार लिया। वैसे तो भगवान विष्णु के अनेक अवतार हुए हैं लेकिन ...
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शत-सहस्त्र शरतचन्द्रों की कांति के साथ एक नन्हीं बालिका कीर्तिदा मैया के समक्ष लेटी हुई है। उसके चारों ओर दिव्य पुष्पों ...
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पुराणों के अनुसार दक्ष प्रजापति परमपिता ब्रह्मा के पुत्र थे, जो कश्मीर घाटी के हिमालय क्षेत्र में रहते थे। प्रजापति ...
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एक बार नंदकिशोर ने सनतकुमारों से कहा कि चौथ की चंद्रमा के दर्शन करने से श्रीकृष्ण पर जो लांछन लगा था, वह सिद्धिविनायक ...
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कहते हैं कि एक घने जंगल में शिशु गणेश को माता पार्वती छोड़कर चली गई। उस जंगल में हिंसक जीव ही घूमते रहते थे। वहां कभी ...
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वर्ष 2019 में बछ बारस का पर्व 27 अगस्त 2019 मंगलवार को है।बछ बारस की कहानी इस तरह से है ...
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दिनांक 27 अगस्त 2019, मंगलवार को बछ बारस यानी गो वत्स द्वादशी का शुभ पर्व मनाया जा रहा है। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की ...
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बालगोपाल को लगाए जाने वाले 56 भोग की बड़ी महिमा है। भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित किए जाने वाले 56 भोग के संबंध में कई रोचक ...
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नन्द यशोदा ने पुरोहित गर्गाचार्य से अनुरोध किया बाबा हमारे यहां भी दो बालकों ने जन्म लिया उनका भी नामकरण कर दो।
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एक नगर में दो स्त्रियां रहती थीं। दोनों एक ही परिवार की थीं और रिश्ते में देवरानी-जेठानी लगती थीं। देवरानी का नाम सलोनी ...
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बलराम बहुत शक्तिशाली थे। उन्होंने कई युद्ध लड़े थे लेकिन उनके महाभारत के युद्ध में शामिल नहीं होने के कई कारण थे। आइए ...
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कौरवों ने बलराम की बात नहीं मानी। ऐसे में बलराम का क्रोध जाग्रत हो गया। तब बलराम ने अपना रौद्र रूप प्रकट कर दिया। वे ...
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