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Ganesh Chaturthi : श्री गणेश की 5 लोकप्रिय कथाएं

गुरुवार,अगस्त 13, 2020
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गोगाजी राजस्थान के लोक देवता हैं जिन्हें 'जाहरवीर गोग राणा के नाम से भी जाना जाता है। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले का एक शहर गोगामेड़ी है।
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·भगवान विष्णु ने भगवान शिव से उनका बाल रूप देखने का अनुरोध किया और उनकी इच्छा पूरी करने के लिए भगवान शिव ने बालक के रूप गृहपति अवतार लिया। उसके बाद भगवान शिव ने भी भगवान विष्णु के बाल रूप को देखने की इच्छा जताई।
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द्वापर युग में भोजवंशी राजा उग्रसेन मथुरा में राज्य करता था। उसके आततायी पुत्र कंस ने उसे गद्दी से उतार दिया और स्वयं मथुरा का राजा बन बैठा।
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12 अगस्त 2020 को कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं भारतीय जनमानस में रच बच गई हैं। उन्हीं लीलाओ में उनकी प्रेम लीला भी शामिल है।
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बलराम का क्रोध जाग्रत हो गया। तब बलराम ने अपना रौद्र रूप प्रकट कर दिया। वे अपने हल से ही हस्तिनापुर की संपूर्ण धरती को खींचकर गंगा में डुबोने चल पड़े।
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एक नगर में दो स्त्रियां रहती थीं। दोनों एक ही परिवार की थीं और रिश्ते में देवरानी-जेठानी लगती थीं। देवरानी का नाम सलोनी था जो बड़ी ही नेक, सदाचारिणी तथा दयालु थी। जेठानी का नाम तारा था, वह स्वभाव से बड़ी ही दुष्ट थी।
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हलषष्ठी व्रत श्रीकृष्ण के ज्येष्ठ भ्राता श्री बलरामजी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन श्री बलरामजी का जन्म हुआ था। हल षष्ठी की व्रतकथा यह है।
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जैसे ही रोहिणी की गोद के बालक को देखा तो गर्गाचार्य मोहिनी मुरतिया में खो गए अपनी सारी सुधि भूल गए खुली आंखों से प्रेम समाधि लग गयी गर्गाचार्य ना बोलते थे ना हिलते थे ना जाने इसी तरह कितने पल निकल गए यह देख बाबा यशोदा घबरा गए हिलाकर पूछने लगे बाबा ...
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एक पौराणिक लोककथा के अनुसार एक लपसी था, एक तपसी था। तपसी हमेशा भगवान की तपस्या में लीन रहता था। लपसी रोजाना सवा सेर की लापसी बनाकर भगवान का भोग लगा कर जीम लेता था।
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कर्ण ने कृष्ण से पूछा - मेरा जन्म होते ही मेरी माँ ने मुझे त्याग दिया। क्या अवैध संतान होना मेरा दोष था ? द्रौपदी स्वयंवर में मेरा अपमान किया गया।
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भगवान श्रीकृष्ण ने तत्काल उठकर अपना दक्षिण हस्त उठाया और हनुमानजी को स्पर्श करके सावधान किया : रुको ! तुम्हारे क्रोध करने का समय नहीं है।
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शनिवार के दिन आने वाली प्रदोष (त्रयोदशी) तिथि पर शनि प्रदोष व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान शिवजी और शनिदेव का पूजन-अर्चन किया जाता है। पढ़ें शनि प्रदोष के संबंध में वर्णित पौराणिक कथा
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एक बार दुर्वासा ऋषि के श्राप के कारण तीनों लोक श्री-हीन हो गए थे। पौराणिक कथा के अनुसार एक बार ऋषि दुर्वासा (जो अपने भयंकर क्रोध के लिए विख्यात थे), ने पारिजात पुष्पों की एक माला इन्द्र को भेंट की।
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अपनी माता को कर्ण के शव पर विलाप करते देख युधिष्ठिर ने कुन्ती से प्रश्न किया कि 'आप हमारे शत्रु की मृत्यु पर विलाप क्यों कर रहीं है?'
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भारतीय धर्म-संस्कृति में फूलों का महत्व बताया गया है। फूलों में दैवीय शक्तियां विद्यमान होती होती हैं, जो भक्तों की शक्ति को बढ़ा देती हैं। यह शक्ति हमें आंखों से दिखाई नहीं देती है,
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मुझे जल के साथ-साथ बिल्वपत्र बहुत प्रिय है।जो अखंड बिल्वपत्र मुझे श्रद्धा से अर्पित करते हैं मैं उन्हें अपने लोक में स्थान देता हूं।
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हमेशा से महिलाओं के वाचाल होने की प्रवृति, और वाक चातुर्य की सारी दुनिया कायल रही है। ऐसा ही एक मनोहारी वर्णन इस श्लोक में किया गया है जो बड़ा आनंददायक है। शिव-पार्वती का ये संवाद मन को गुदगुदाता है-
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श्रावण शब्द श्रवण से बना है जिसका अर्थ है सुनना। अर्थात सुनकर धर्म को समझना। वेदों को श्रुति कहा जाता है अर्थात उस ज्ञान को ईश्वर से सुनकर ऋषियों ने लोगों को सुनाया था। यह महीना भक्तिभाव और संत्संग के लिए होता है। श्रावण सोमवार या श्रावण माह के ...
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जनमानस में नागपंचमी पर्व की विविध जनश्रुतियां और कथाएं प्रचलित है। नागपंचमी के संबंध में ऐसी ही दो बहुप्रचलित कथाएं हम यहां प्रस्तुत कर रहे हैं-
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