0

Holashtak 2021: होलाष्टक की पौराणिक कथा

शनिवार,मार्च 6, 2021
0
1
श्रीराम, इससे संबंधित एक बात और है, उसे भी जान लेना फायदेमंद हो सकता है। जब इसके भाई-बिरादर लंका युद्ध में मारे जा चुके तो एक दिन इसने मुनियों के बीच दुखी होकर कहा,
1
2
माता सीता को लक्ष्मी का अवतार माना जाता है जिनका विवाह अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र और स्वंय भगवान विष्णु के अवतार भगवान श्रीराम से हुआ था। विवाह के उपरांत माता सीता को भगवान राम के साथ 14 साल का वनवास झेलना पड़ा।
2
3
पृथ्वीदेवी ने महामुनि भरद्वाज के जपापुष्प तुल्य अरुण पुत्र का पालन किया। 7 वर्ष के बाद उन्होंने उसे महर्षि के पास पहुंचा दिया। महर्षि ने अत्यंत प्रसन्न होकर अपने पुत्र का आलिंगन किया
3
4
शबरी श्री राम की परम भक्त थीं। जिन्होंने राम को अपने झूठे बेर खिलाए थे। शबरी का असली नाम श्रमणा था। वह भील समुदाय के शबर जाति से संबंध रखती थीं।
4
4
5
भीष्म द्वादशी के बारे में प्रचलित एवं पौराणिक कथा के अनुसार राजा शांतनु की रानी गंगा ने देवव्रत नामक पुत्र को जन्म दिया और उसके जन्म के बाद गंगा शांतनु को छोड़कर चली जाती हैं,
5
6
क्मिणी ने पूछा, 'और कर्ण? वो अपनी दानवीरता के लिए प्रसिद्ध था और कोई उसके द्वार से खाली हाथ नहीं गया। उसकी क्या गलती थी?'
6
7
महालक्ष्मी ने क्यों धरा बेलवृक्ष का रूप, शिव ने क्यों माना बिल्ववृक्ष को शिवस्वरूप ?
7
8
अपनी माता को कर्ण के शव पर विलाप करते देख युधिष्ठिर ने कुन्ती से प्रश्न किया कि 'आप हमारे शत्रु की मृत्यु पर विलाप क्यों कर रहीं है?'
8
8
9
रामेश्वर कुण्ड, एक समय श्री कृष्ण इसी कुण्ड के उत्तरी तट पर गोपियों के साथ वृक्षों की छाया में बैठकर श्रीराधिका के साथ हास–परिहास कर रहे थे।
9
10
ॐ नम: शिवाय। कोई कहता है कि हिन्दू धर्म लाखों वर्ष से चला आ रहा है और कोई कहता है कि हजारों वर्षों से यह विद्यमान है। हम जानना चाहेंगे कि आखिर सत्य क्या है? कब हुए थे शिव?
10
11
हज़ार साल के युद्ध और तपस्या के बाद फिर एक कवच टूटा और नारायण की मृत्यु हो गयी। फिर नर ने आकर नारायण को पुनर्जीवित कर दिया, और यह चक्र फिर फिर चलता रहा।
11
12
कर्ण ने कृष्ण से पूछा - मेरा जन्म होते ही मेरी माँ ने मुझे त्याग दिया। क्या अवैध संतान होना मेरा दोष था ? द्रौपदी स्वयंवर में मेरा अपमान किया गया।
12
13
एक बार नारदजी वैकुण्ठ आए, तो उन्होंने देखा कि महाविष्णु चित्र बनाने में मग्न हैं .... विष्णु को उनकी ओर देखने का अवकाश नहीं।
13
14
भगवन जो पाप गंगा में धोया जाता है वह पाप कहां जाता है ? भगवन ने कहा कि चलो गंगा से ही पूछते हैं- दोनों लोग गंगा के पास गए और कहा कि , हे गंगे ! सब लोग तुम्हारे यहां पाप धोते हैं तो इसका मतलब आप भी पापी हुई?
14
15
नर्मदा की प्रेम-कथा लोकगीतों और लोककथाओं में अलग-अलग मिलती है लेकिन हर कथा का अंत कमोबेश वही कि शोणभद्र के नर्मदा की दासी जुहिला के साथ संबंधों के चलते नर्मदा ने अपना मुंह मोड़ लिया और उलटी दिशा में चल पड़ीं। सत्य और कथ्य का मिलन देखिए कि नर्मदा नदी ...
15
16
इसी दिन सूर्य ने सबसे पहले विश्व को प्रकाशित किया था। इसे सूर्य जयंती के नाम से भी जानते हैं।
16
17
सृष्टि की रचना का कार्य भगवान विष्णु ने ब्रह्मा जी को दिया। सृष्टि निर्माण के बाद उदासी से भरा वातावरण देख वे विष्णु जी के पास गए और सुझाव मांगा।
17
18
हिन्दू धर्म में विवाह के कई प्रकार हैं जिसमें से ब्रह्म विवाह को ही विवाह का उत्तम और वैदिक विवाह माना गया है। पुराणों में शिव, सती और पार्वती विवाह, राम सीता का विवाह, रुक्मणी और कृष्ण विवाह, तुलसी विवाह और गणेशजी के विवाह के साथ ही विष्णु लक्ष्मी ...
18
19
पुराणों के अनुसार कांचीपुरी में एक ब्राह्मण रहता था। उसका नाम देवस्वामी तथा उसकी पत्नी का नाम धनवती था। उनके सात पुत्र तथा एक पुत्री थी।
19