Hanuman Chalisa

उत्तराखंड की छोटा चार धाम यात्रा पर जाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

WD Feature Desk
सोमवार, 21 अप्रैल 2025 (12:03 IST)
Chardham Yatra 2025: उत्तराखंड में छोटा चार धाम यात्रा अक्षया तृतीया यानी 30 अप्रैल 2025 से प्रारंभ होने वाली है। इस यात्रा में यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा रहती है। इन चार धाम यात्रा को बहुत कठिन माना जाता है। पहाड़ों पर चढ़ाई के साथ ही प्राकतिक आपना और मौसम की मार को भी झेलना होता है। इसलिए कुछ बातों का ध्यान रखने की जरूरत है।ALSO READ: जानिए कब शुरू हो रही है केदारनाथ समेत चार धाम की यात्रा
 
1. यात्रा का क्रम: बद्रीनाथ के कपाट 04 मई 2025 को खुलेंगे और केदारनाथ धाम के कपट 02 मई 2025 को सुबह 07 बजे खुलेंगे। यात्रा के क्रम के अनुसार सबसे पहले यमुनोत्री, फिर गंगोत्री, इसके बाद केदारनाथ और अंत में बद्रीनाथ के दर्शन करना चाहिए। यहां स्थित हेमकुंड साहिब के दर्शन करना न भूलें। 30 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री के दर्शन कर सकते हैं। 2 मई को केदारनाथ के, 4 मई को बद्रीनाथ के और 25 मई को हेमकुंड साहिब के दर्शन कर सकते हैं। 
 
2. रजिस्ट्रेशन: चार धाम यात्रा के लिए आपको ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। पंजिकरण के लिए आपको उत्तराखंड सरकार की वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इससे यात्रा में सुविधा रहेगी। प्रत्येक धाम के लिए आपको अलग से रजिस्ट्रेशन करना होगा। यात्री अपना वेब पोर्टल पर अकाउंट बना कर चारों धामों के अलावा हेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए अपना निश्चित दिन और कितने यात्री आ रहे हैं, उसकी जानकारी इस वेब पोर्टल में ऑनलाइन भरेंगे तभी इसके बाद उसको एक स्टॉल दिया जाएगा। उस स्टॉल के अनुसार वह यात्रा कर सकता है। इसमें बस परिवहन सड़कर मार्ग, हवाई मार्ग या निजी वाहन से यात्रा करने की जानकारी देना होगी। आपको फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया के जाल में बचने की जरूरत है। इसलिए अधिकृत वेबसाइट पर जाकर ही रजिस्ट्रेशन कराएं। हेलिकॉप्टर बुकिंग और गेस्ट हाउस बुकिंग के लिए वेबसाइट ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ही बुकिंग कराएं। ALSO READ: चारधाम यात्रा करने वालों के लिए खुशखबरी, इस बार ऑफलाइन भी कर सकेंगे पंजीकरण
 
3. जरूरी सामान: यात्रा के दौरान आधारकार्ड, पानी की बोतल, जरूरी मेडिसिन, गर्म कपड़े, कैश, छोटी टॉर्च, कर्पूर, रेनकोट, टॉर्च, जरूरी नंबरों की छोटी सी डायरी, बिस्किट के पैकेट, ग्लूकोस, इलेक्ट्रॉल आदि जरूरी सामान जरूर साथ रखें। पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर जरूर रखें।
 
4. पैदल चलने की प्रैक्टिस: चार धाम यात्रा पर जाने से पहे अभी से ही आपको पैदल चलने की प्रैक्टिस करना चाहिए क्योंकि आपको कम से कम 20 से 30 किलोमीटर पैदल चलना पड़ सकता है। यात्रा के दौरान हर एक या दो घंटे में ब्रेक लें।
 
5. फिटनेस जांच: 55 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और पहले से बीमार लोगों को यात्रा से पहले डॉक्टर से फिटनेस जांच जरूर करवानी चाहिए। प्रशासन की सलाह है कि यात्री कम से कम सात दिन की योजना बनाकर यात्रा करें, ताकि शरीर ऊंचाई के अनुसार ढल सके। यदि आपको सेहत के कारण लगता है कि आगे मैं यात्रा नहीं कर सकता तो यात्रा को तुरंत ही छोड़कर किसी अस्पताल में जाकर अपनी जांच कराएं और विश्राम करें।ALSO READ: केदारनाथ धाम में मोबाइल और कैमरे पर रोक, मंदिर समिति ने बनाए सख्‍त नियम
 

Show comments

सभी देखें

गुप्त नवरात्रि में ये मंत्र जप लिया तो तुरंत ही दूर होंगे संकट और माता का मिलेगा आशीर्वाद

गुंडिचा मंदिर क्यों है जगन्नाथ रथयात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव? जानिए 5 खास बातें

भगवान जगन्नाथ की मौसी कौन हैं? जानिए रथयात्रा से जुड़ी यह रोचक परंपरा

गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक की सही व्याख्या क्या है? मौलाना जरजिस अंसारी के दावे की पड़ताल

पुरी के जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास: कब, कैसे और क्यों हुई शुरुआत?

सभी देखें

भारत में बड़े जन आंदोलन की आहट? क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र, जानिए ज्योतिषीय संकेत

Devshayani Ekadashi: देवशयनी एकादशी 2026: पूजा की संपूर्ण पूजन सामग्री लिस्ट

वैवस्वत पूजा क्यों करते हैं क्या है इसका महत्व और कथा

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की आठवीं देवी मां बगलामुखी, जानिए पूजा विधि

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (21 जुलाई, 2026)

अगला लेख