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अमरनाथ यात्रा 2026: जाने से पहले जरूर करें ये 5 जरूरी तैयारियां, तभी रहेंगे सुरक्षित

Updated: बुधवार, 13 मई 2026 (18:35 IST)
Amarnath Yatra 2026: अम‍रनाथ यात्रा के लिए 15 अप्रैल 2026 से रजिस्ट्रेशन प्रारंभ होगा और 03 जुलाई से यात्रा प्रारंभ होगी। यदि आप भी अमरनाथ यात्रा पर जाने का मन बना रहे हैं तो यहां पर जानिए 5 जरूरी तैयारियों जो आपके बहुत काम आएगी और यात्रा का सुरक्षित रखने के साथ ही आनंदमयी भी बनाएगी।
 

अमरनाथ यात्रा पर जाने के लिए 2 रास्ते:-

1. पहलगाम: पहलगाम पारंपरिक मार्ग है, जो लगभग 46 किलोमीटर लंबा है, और इसे पूरा करने में लगभग तीन से पांच दिन लगते हैं। यह मार्ग चंदनवारी, शेषनाग और पंचतरणी जैसे सुरम्य स्थानों से होकर गुजरता है। 
 
2. बालटाल: यह मार्ग छोटा है, लगभग 14 किलोमीटर, और अधिक चुनौतीपूर्ण है, जिसे अक्सर एक या दो दिन में पूरा किया जाता है। तीर्थयात्री ऊबड़-खाबड़ इलाकों से गुजरते हैं, बर्फीली धाराओं को पार करते हैं और गुफा तक पहुंचने के लिए खड़ी पगडंडियों पर चढ़ते हैं।
 

यात्रा में करना पड़ सकता है 5 कठिनाइयों का सामना:

1. ठंड और बारिश: यात्रा के मार्ग में बर्फिला क्षेत्र होने के कारण यहां कड़ाके की ठंड रहती है। कई मौके पर भारी बारिश की संभावना भी बनी रहती है। 
2. ऑक्सिजन: अमरनाथ की यात्रा के मार्ग में कई लोगों को ऑक्सिजन की कमी महसूस होती है ऐसे में सावधानी बरतें।
3. प्राकृतिक आपदा: यात्रा मार्ग में बर्फबारी, भूस्खलन या बाढ़ का खतरा भी रहता है। 
4. आतंकवाद: वैसे तो यात्रा के मार्ग में पर्याप्त सुरक्षा रहती है और किसी भी प्रकार से किसी आतंकी हमले का खतरा नहीं रहता है। इसके बावजूद भी किसी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु से दूरी बनाकर ही रखना चाहिए। यदि कुछ गड़बड़ नजर आए तो इसकी सूचना तुरंत ही सुरक्षाकर्मियों को देना चाहिए।
5. चोट लगने का खतरा और ऊंचाई की बीमारी: अमरनाथ गुफा समुद्र तल से लगभग 13,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यात्रा के दौरान फिसलने, चोट लगने, या अन्य दुर्घटनाओं का खतरा रहता है, खासकर दुर्गम रास्तों पर। ऊंचाई पर होने से ऊंचाई संबंधी बीमारी, हाइपोथर्मिया, मितली, सिरदर्द और गंभीर निर्जलीकरण जैसे जोखिम भी रहते हैं।

यात्रा पर जाने से पहले 10 जरूरी तैयारियां:

1. अनिवार्य कागजी कार्रवाई (Essential Documents)

अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र (CHC): यह सबसे महत्वपूर्ण है। यात्रा के लिए पंजीकरण कराने से पहले आपको सरकार द्वारा अधिकृत डॉक्टरों से अपनी फिटनेस का सर्टिफिकेट लेना होगा। 2026 के लिए यह 9 अप्रैल के बाद का होना चाहिए।
पंजीकरण (Registration): स्वास्थ्य प्रमाणपत्र मिलने के बाद, श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) की वेबसाइट या अधिकृत बैंक शाखाओं (SBI, PNB, J&K Bank) के माध्यम से अपना यात्रा परमिट बुक करें।
RFID कार्ड: यात्रा शुरू करने से पहले आपको जम्मू या श्रीनगर में एक RFID कार्ड दिया जाएगा, जिसे पूरी यात्रा के दौरान गले में पहनना अनिवार्य है।
 

2. शारीरिक फिटनेस (Physical Fitness)

ऑक्सीजन: अमरनाथ गुफा लगभग 12,756 फीट की ऊंचाई पर है, जहाँ ऑक्सीजन की कमी होती है। जिन लोगों में आयरन और कैल्शियम की कमी होती हैं उनके शरीर में ऑक्सिजन लेवल भी जल्द ही घट जाता है। कई लोग इसके लिए कर्पूर का उपयोग भी करता है। कर्पूर को नाक के पास लगाकर सूंघा जाता है। हालांकि ऑक्सिजन की कमी महसूस हो तो इसके लिए उन्हें सुरक्षाकर्मी या सेना के लोगों से संपर्क करना चाहिए।
 
पैदल चलने का अभ्यास: यात्रा से कम से कम 1 महीना पहले रोजाना 4-5 किमी पैदल चलने का अभ्यास शुरू करें। क्योंकि यात्रा के दौरान आपको लंबी दूरी पैदल तय करनी होती है, जो शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यात्रा से पहले शारीरिक रूप से फिट रहना जरूरी है ताकि आप यात्रा के दौरान थकावट महसूस न करें। इसके लिए लोग पैदल चलने की पहले से ही प्रैक्टिस करते हैं।
 
प्राणायाम और व्यायाम: फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने के लिए 'अनुलोम-विलोम' और 'भस्त्रिका' जैसे प्राणायाम करें। इसके अलावा सीढ़ियाँ चढ़ना और हल्की दौड़ (Jogging) भी मददगार होगी। इससे शरीर में ऑक्सिजन लेवल भी बढ़ जाता है।
 
चेतावनी: 13 साल से कम और 70 साल से अधिक उम्र के लोगों, तथा 6 सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं है।
 

3. सामान की पैकिंग (Packing Checklist)

मौसम बहुत अनिश्चित होता है, बर्फभारी, बाढ़, बारिश, कड़ाके की ठंड आदि। इसलिए 'लेयरिंग' (स्तरों में कपड़े पहनना) सबसे अच्छा है:
कपड़े: वॉटरप्रूफ कपड़े, थर्मल इनर, ऊनी स्वेटर, जैकेट, ऊनी टोपी, दस्ताने, स्कार्फ और कम से कम 3-4 जोड़ी मोजे। कुछ पन्नियां रखें जिन्हें भीतर पहनने से ठंड और बारिश से बचा जा सकता है।
रेन गियर: एक अच्छी क्वालिटी का रेनकोट और विंडचीटर (छाता ले जाने से बचें क्योंकि ट्रेकिंग में हाथ खाली होने चाहिए)। 
जूते: मजबूत ग्रिप वाले ट्रेकिंग शूज या वाटरप्रूफ बूट (स्पोर्ट्स शूज फिसलन भरे रास्तों पर खतरनाक हो सकते हैं)।
अन्य: टॉर्च, छड़ी, पावर बैंक, सनस्क्रीन, लिप बाम, स्लीपिंग बैग और एक छोटी निजी मेडिकल किट। पानी, चॉकलेट, चाय पाउडर, पन्नी, इमरजेंसी के लिए स्मार्ट मोबाईल, स्मार्ट वॉच, बैटरी, और एंटी-हाइपोथर्मिया उपकरण रखें। 
 

4. खान-पान और दवाएं

ऊर्जा के लिए: अपने साथ ग्लूकोज, डार्क चॉकलेट, सूखे मेवे (काजू, बादाम, किशमिश) और टॉफी रखें। ये ऊँचाई पर तुरंत ऊर्जा देते हैं। सूप, चाय, फल, और ऊर्जा देने वाले स्नैक्स जैसे नट्स, चॉकलेट, आदि।
पानी: हाइड्रेटेड रहना बहुत जरूरी है। दिन में कम से कम 4-5 लीटर पानी पिएं।
दवाएं: पेनकिलर, बैंडेज, सिरदर्द, बुखार, मतली और 'एल्टीट्यूड सिकनेस' (जैसे Diamox, डॉक्टर की सलाह पर) की दवाएं जरूर रखें।
 

5. कुछ जरूरी नियम (Quick Tips)

खाली पेट न चलें: यात्रा के दौरान लगने वाले 'लंगर' में पौष्टिक भोजन करें। 
पानी: यात्रा में पानी की कमी से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में लेकिन शुद्ध पानी पीते रहें।
अकेले न चलें: हमेशा अपने समूह या साथी के साथ रहें और उनके संपर्क में रहें।
शराब और धूम्रपान: यात्रा के दौरान इनका सेवन सख्त वर्जित और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है।
पर्यावरण: पहाड़ों पर प्लास्टिक न फेंकें, यह एक पवित्र और संवेदनशील क्षेत्र है।
अंतिम सलाह: यात्रा के दौरान यदि आपको सांस लेने में तकलीफ या चक्कर महसूस हो, तो तुरंत पास के मेडिकल कैंप (जो हर 2 किमी पर होते हैं) में संपर्क करें। जय बाबा बर्फानी।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

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