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योग और मृत्‍यु के बारे में जानिए ओशो के विचार

शनिवार,जनवरी 16, 2021
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स्त्री हो या पुरुष अगर मन साफ है, नियत में शुद्धि है, लगन, मेहनत और सचाई है, किस्मत चमकदार है तो धन अवश्य मिलता है, लेकिन यह भी सच है कि स्त्री से घर का भाग्य, सौभाग्य में बदल जाता है। अगर स्त्री में ये 3 लक्षण हैं तो उसके घर में धन की अधिकता बढ़ती ...
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माता सरस्वती को दूध, पंचामृत, दही, मक्खन, सफेद तिल के लड्डू तथा धान का लावा पसंद है।
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दीपक को विभिन्न तिथि और योग और अलग-अलग तेल और घी से प्रज्वलित करने से मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
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हिन्दू पंचांग के चंद्रमास के अनुसार वर्ष का ग्यारहवां महीना है माघ। पौष के बाद माघ माह प्रारंभ होता है। पुराणों में माघ मास के महात्म्य का वर्णन मिलता है। भारतीय संवत्सर का ग्यारहवां चन्द्रमास और दसवां सौरमास माघ कहलाता है। इस महीने में मघा ...
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हिन्दू, जैन और बौद्ध सहित सभी भारतीय धर्म में मुंडन संस्कार किए जाने के बहुत ही ज्यादा महत्व है। आओ जानते हैं कि यह संस्कार कब कब और क्यों किया जाता है।
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मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य के साथ-साथ भगवान गणेश, माता लक्ष्मी और भगवान शिव की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है और मनुष्य का सोया नसीब जाग जाता है।
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सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही देशभर में मकर-संक्रांति के पर्व का शुभारंभ हो जाएगा। मकर संक्रांति पर 14 काम करने से रोका गया है। ये इस प्रकार हैं-
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भारत में हमारे सिख मित्रों ने नंबर 13 को बहुत ही शुभ माना है क्योंकि गुरु नानक देव ने कहा था कि तेरा ही तेरा। लेकिन तेरा ही तेरा और 13 ही 13 में फर्क है। उन्होंने कुछ और कहा था, आपने कुछ और समझ लिया। उनके कहने का अर्थ था कि सब कुछ तेरा ही तेरा है। ...
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मकर संक्रांति, सूर्य पर्व के रूप में मनाया जाता है। इस दिन सूर्य धनु से मकर राशि में प्रवेश करता है इसलिए इस दिन को 'मकर संक्रांति' कहते हैं। इस दिन सूर्य उत्तर दिशा की ओर बढ़ने लगता है जिससे दिन की लंबाई बढ़नी और रात की लंबाई छोटी होनी शुरू हो जाती ...
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मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को है। मकर संक्रांति का शुभ पर्व सूर्य देव को समर्पित है। इस दिन सूर्य मकर राशि में आते हैं। इस दिन दान और स्नान का विशेष महत्व होता है।
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मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है इसीलिए इसे मकर संक्रांति कहते हैं। गीता में इसका क्या महत्व है जानिए 3 रहस्य।
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मकर संक्रांति में 'मकर' शब्द मकर राशि को इंगित करता है जबकि 'संक्रांति' का अर्थ संक्रमण अर्थात प्रवेश करना है। मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है।
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मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है। मकर संक्राति के दिन से ही सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होने लगता है।
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ठकों ने अपने जीवन में कभी-न-कभी यह अवश्य अनुभूत किया होगा कि कभी तो यात्रा बड़ी ही सानंद, सुगम व सफलतादायक संपन्न होती है लेकिन कभी यात्रा केवल एक व्यर्थ की भागदौड़ मात्र बनकर रह जाती है और अधिकतर लोग इसे एक संयोग मानकर उपेक्षित कर देते हैं। हमारे ...
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पौष अमावस्या- 13 जनवरी 2021, बुधवार। चंद्र कलाओं पर आधारित पूर्णिमा से अमावस्या तक 15 और फिर अमावस्या से पूर्णिमा तक दूसरी 15 कुल 30 तिथियां होती हैं। पूर्णिमा के दिन चंद्र पूर्ण होता है और अमावस्या के दिन चंद्र लुप्त रहता है। हिन्दू ...
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मंगलवार की प्रकृति उग्र है। मंगलवार का दिन हनुमानजी और मंगलदेव का है। कहते हैं कि मंगल तो मंगलकर्ता है। मंगल अच्छा तो जीवन में सब मंगल ही मंगल होगा। मंगल का काम है मंगल करना। हर कार्य में मंगलकारी परिणाम प्राप्त करने के लिए मंगलवार का उपवास रखना ...
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शुक्रवार को माता लक्ष्मी, माता कालिका और शुक्राचार्य का वार माना जाता है। शुक्रवार का ग्रह है शुक्र ग्रह। शुक्रवार का व्रत रखने और माता लक्ष्मी की पूजा करने से आर्थिक संकट दूर होकर धन समृद्धि और ऐश्वर्य बढ़ता है। आओ जानते हैं कि शुक्रवार को माता ...
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जो ब्राह्मण काम, क्रोध, पाखंड से निर्लिप्त हो, जो सदैव सत्य संभाषण करता हो, जो जितेन्द्रिय हो, जो पूर्णत: शुद्ध मंत्रोच्चार करता हो, जिसे अनुष्ठान व ग्रह शांति विधान का पूर्ण ज्ञान हो, जो नित्य संध्या व अग्निहोत्र करता हो, ऐसे ब्राह्मण को ही आचार्य ...
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नर्मदा नदी मध्य प्रदेश और गुजरात की जीवन रेखा है, परंतु इसका अधिकतर भाग मध्यप्रदेश में ही बहता है। मध्यप्रदेश के तीर्थ स्थल अमरकंटक से इसका उद्गम होता है और नेमावर नगर में इसका नाभि स्थल है। फिर ओंकारेश्वर होते हुए ये नदी गुजरात में प्रवेश करके ...
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