0

प्रेरक प्रसंग : जब स्वामी दयानंद की ज्ञान गंगा में भक्त ने पूछा एक बेढंगा प्रश्न?

मंगलवार,फ़रवरी 18, 2020
Swami Dayanand Saraswati
0
1
कभी आपने सोचा कि शिव प्रतीकों के पीछे का रहस्य क्या है? शिव की वेशभूषा ऐसी है कि प्रत्येक धर्म के लोग उनमें अपने प्रतीक ढूंढ सकते हैं। आओ जानते हैं शिव प्रतीकों के रहस्य...
1
2
मंत्रों की तरंगे सूक्ष्म होती हैं और हमारे चारों ओर फैल जाती हैं। अब यह हम पर निर्भर है कि हम खुद को उसे ग्रहण करने के कितने योग्य बना पाते हैं।
2
3
पीतल के बर्तन दूसरे बर्तन से ज्यादा मजबूत होते हैं। पीतल के कलश में रखा जल अत्यधिक ऊर्जा प्रदान करने में सहायक होता है।
3
4
वास्तुशास्त्र में यह बताया गया है कि दीपक की लौ किस दिशा में होने पर उसका क्या फल मिलता है।
4
4
5
हे प्रभु। न मैं आपको बुलाना जानता हूं और न विदा करना। पूजा करना भी नहीं जानता। कृपा करके मुझे क्षमा करें। मुझे न मंत्र याद है और न ही क्रिया। मैं भक्ति करना भी नहीं जानता। यथा संभव पूजा कर रहा हूं, कृपया मेरी भूलों को क्षमा कर इस पूजा को पूर्णता ...
5
6
फरवरी 2020 में व्रत, तीज, त्योहार और उनका महत्व, जानिए फरवरी 2020 की विशेष तिथियां....
6
7
शास्त्रों के अनुसार यह व्रत सोमवार के दिन किया जाता है। इस दिन भगवान शिव और देवी पार्वती जी की पूजा-अर्चना करने का विधान है।
7
8
रविवार सूर्य देवता की पूजा का वार है। जीवन में सुख-समृद्धि, धन-संपत्ति और शत्रुओं से सुरक्षा के लिए रविवार का व्रत सर्वश्रेष्ठ है। रविवार का व्रत करने व कथा सुनने से मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
8
8
9
शनि की कुदृष्टि से बचने के लिए शनिवार का व्रत करते हुए शनि देवता की पूजा-अर्चना करनी चाहिए। वैसे तो शनिवार का व्रत कभी भी शुरू किया जा सकता है,
9
10
जो स्त्री-पुरुष शुक्रवार को संतोषी माता का व्रत करते हैं, उनके लिए व्रत-विधि इस प्रकार है
10
11
गुरुवार व्रत अत्यंत फलदायी है। गुरुवार को व्रत-उपवास करके यह कथा पढ़ने से बृहस्पति देवता प्रसन्न होते हैं। अनुराधा नक्षत्र युक्त गुरुवार से व्रत आरंभ करके 7 गुरुवार उपवास करने से बृहस्पति ग्रह की हर
11
12
पौराणिक मान्यता के अनुसार बुधवार व्रत की शुरुआत विशाखा नक्षत्रयुक्त बुधवार से करना चाहिए। इस व्रत को विधिपूर्वक करने से मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख-शांति मिलती है और घर धन-धान्य से भरा रहता हैं।
12
13
प्राचीन काल में तो बहुत सारे धर्म हुआ करते थे लेकिन ईसाई और इस्लाम धर्म के उदय के बाद हजारों धर्म लुप्त हो गए। दूसरी ओर कट्टरपंथी देशों में बहुत से धर्मों का अस्तित्व मिट गया है और कुछ जो बचे हैं उनका अस्तित्व संकट में है। फिर भी एक अनुमानित आंकड़ों ...
13
14
मकर संक्रांति पर पुष्टि संप्रदाय में ठाकुरजी के सन्मुख संध्या आरती एवं सेन दर्शन में पतंग उड़ाने के पद गाए जाते हैं।
14
15
यह चंद्र ग्रहण कुल 04 घंटे 05 मिनट की अवधि तक रहेगा। यह भारत समेत यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका के कई हिस्सों में दिखाई देगा।
15
16
पौष मास को खर मास या मल मास या काला महीना भी कहा जाता है। मकर संक्रांति से खर मास की समाप्ति होती है। खरमास के दौरान हिन्दू जगत में कोई भी धार्मिक कृत्य और शुभ मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं।
16
17
अधिकतर हिन्दू व्रत और त्योहार का संबंध ऋतु और मौसम से रहता है। 13 दिसंबर 2019 से पौष माह लगने वाला है जो नववर्ष 2020 में 20 जनवरी के दिन समाप्त होगा। इस माह में ठंड अधिक रहती है। दरअसल, शीत ऋतु दो भागों में विभक्त है। हल्के गुलाबी जाड़े को हेमंत ऋतु ...
17
18
सपने में कशीदाकारी हुए कपड़े या वस्त्र को देखने पर सुंदर एवं सुशील स्त्री की प्राप्ति हो सकती है।
18
19
मां लक्ष्मी धन की देवी है। मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए कई तरह के उपाय किए जाते हैं। लेकिन कई बार जाने-अनजाने ऐसी गलतियां हो जाती हैं जिसकी वजह से धन की देवी मां लक्ष्मी घर में प्रवेश नहीं करती। आइए जानते हैं जाने-अनजाने में की गई 5 गलतियों ...
19