कृष्णकमल को कहते हैं राखी का फूल, महाभारत से है इसका कनेक्शन

पुनः संशोधित शुक्रवार, 5 अगस्त 2022 (11:50 IST)
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Flower : कमल के फूल को हिन्दू धर्म में बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। यह कई प्रकार के होते हैं। ब्रह्म कमल, सफेद कमल, नीलकमल, कृष्‍णकमल आदि। कृष्ण कमल के फूल की बनावट राखी की तरह है। इसलिए इसे राखी का फूल भी कहते हैं। यह बेल की तरह होता होता है इसलिए इसे झुमका लता भी कहते हैं। इसे जुगनू फूल भी कहते हैं। यह बहुत ही शुभ होता है।

1. कृष्‍णकमल का साइंटिफिक नाम पैशन (Passiflora) है। यह किसी के साथ आगे बढ़ने वाली बेल है।

2. अधिकतर यह साउथ ईस्ट अमेरिका और साउथ अमेरिका में पाया जाता है।

3. इसके जमीन के ऊपर उगने वाले हिस्सों में से दवा बनती है।

4. इसकी लताओं में फूल के साथ फल भी उगते हैं।
5. यह कमल कई तरह के रंगों में पाया जाता है। जैसे, बैंगनी, लाल और सफेद आदि। इस फूल की 500 से ज्यादा प्रजातियां हैं।

6. हिन्दू धर्म की धार्मिक मान्यताओं के कारण लोग इसे अपने घर में लगाना पंसद करते हैं।

7. इसकी बाहरी पंखुड़िया बैंगनी लाल या सफेद होती हैं जिसकी संख्या करीब 100 तक होती है। इसके ऊपर पांच कली निकलती है। कुछ लोग इसे कौरव और पांडवों से जोड़कर देखते हैं। इन पांच कलियों के ऊपर और तीन कलियां होती हैं जिन्हें ब्रह्मा-विष्णु-महेश का प्रतीक माना जाता है और जो केंद्र में विराजमान हैं उन्हें कृष्ण स्वरूप कहा गया है इसीलिए इसका नाम कृष्णकमल है।
8. इस फूल को घर में लगाने से जीवन में शांति, सुख, समृद्धि, उन्नति और सभी तरह के योग बनते हैं। इसे बहुत ही शुभ माना जाता है।

9. इस कृष्‍णकमल के कई तरह औषधीय फायदे भी हैं।



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