भड़ली नवमी 2026: इस शुभ दिन क्या करें, क्या न करें? जानिए खास जानकारी
What not to do on Bhadli Navami: भड़ली नवमी, जिसे कई स्थानों पर भड़रिया नवमी भी कहा जाता है, हिंदू पंचांग के अनुसार एक महत्वपूर्ण धार्मिक तिथि मानी जाती है। ग्रामीण परंपराओं और लोक मान्यताओं में इस दिन का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्य, पूजा-पाठ, दान और भगवान का स्मरण जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। वहीं कुछ कार्यों से बचने की भी सलाह दी जाती है ताकि शुभ फल प्राप्त हो सके।ALSO READ: भड़ली नवमी क्यों मनाई जाती है? जानिए इसका धार्मिक महत्व, मान्यताएं और खास बातें
यदि आप भी भड़ली नवमी 2026 के दिन क्या करें और क्या न करें, यह जानना चाहते हैं तो यहां पूरी जानकारी दी जा रही है।
भड़ली नवमी 2026 का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भड़ली नवमी का दिन ईश्वर की आराधना, दान-पुण्य और सद्कर्म के लिए शुभ माना जाता है। कई क्षेत्रों में इस दिन कुलदेवी, ग्राम देवता और भगवान विष्णु या शिव की पूजा करने की परंपरा है। श्रद्धालु अपने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना से पूजा-अर्चना करते हैं।
भड़ली नवमी पर क्या करें?
1. ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय के बाद स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और भगवान का ध्यान करें।
2. घर के मंदिर में घी या तिल के तेल का दीपक जलाकर पूजा करें।
3. अपने इष्ट देव या भगवान विष्णु, शिव अथवा देवी के मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जाप करें।
4. जरूरतमंदों को अन्न, जल, फल या अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान दें। बरसात का समय होने के कारण छाता, जूते-चप्पल और वस्त्र का दान बेहद पुण्यदायी माना जाता है।
5. इस दिन सात्विक भोजन ग्रहण करें और संयम का पालन करें।
6. परिवार के सभी सदस्यों के साथ मिलकर भगवान की आरती और प्रार्थना करें।
7. बुजुर्गों का सम्मान करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।
भड़ली नवमी पर क्या न करें?
1. पूजा के समय मन में नकारात्मक विचार न रखें।
2. किसी का अपमान या अनादर न करें।
3. क्रोध, झूठ और कटु वचन बोलने से बचें।
4. तामसिक भोजन और नशे का सेवन न करें।
5. बिना कारण किसी जीव को कष्ट न पहुंचाएं।
6. घर में विवाद या कलह से बचें।
7. दान करते समय अहंकार का भाव न रखें।
भड़ली नवमी पर करें यह सरल उपाय
1. भगवान के सामने घी का दीपक जलाकर परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
2. तुलसी या किसी पवित्र पौधे में जल अर्पित करें।
3. जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन या अन्न का दान करें।
4. 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय- या अपने इष्ट देव के मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।
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