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Ashadha month : आषाढ़ माह प्रारंभ, जानिए 5 उपाय

Updated: बुधवार, 15 जून 2022 (09:37 IST)
आषाढ़ माह 2022 : हिन्दू कैलेंडर के अनुसार ज्येष्ठ माह के बाद आषाढ़ माह लगता है। इस बार आषाढ़ का प्रारंभ अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 15 जून 2022 बुधवार से प्रारंभ हो गया है जो 13 जुलाई गुरु पूर्णिमा तक रहेगा। इस माह में शिवजी और विष्णुजी की पूजा का खासा महत्व रहता है। आओ जानते हैं इस माह के 5 ऐसे उपाय जिन्हें करने से मिलेगा पुण्य।
 
 
आषाढ़ माह के पांच पुण्य कार्य Five virtuous deeds of the month of Ashadha:
 
1. देव पूजा : आषाढ़ माह में भगवान विष्णु, सूर्यदेव, मंगलदेव, दुर्गा और हनुमानजी की पूजा करने का दोगुना फल मिलता है।  आषाढ़ मास में भगवान विष्णु की पूजा करने से पुण्य प्राप्त होता है। इस माह में विष्णुजी के साथ ही जल देव की उपासना से धन की प्राप्ति सरल हो जाती है और मंगल एवं सूर्य की उपासना से ऊर्जा का स्तर बना रहता है। इसके अलावा देवी की उपासना भी शुभ फल देती है। 
 
2. दान : इस माह में आषाढ़ मास के पहले दिन खड़ाऊं, छाता, नमक तथा आंवले का दान किसी ब्राह्मण को किया जाता है। पहले दिन नहीं कर पाएं हैं तो अन्य विशेष दिनों में दान कर सकते हैं।
 
3. यज्ञ : यह माह यज्ञ करने का माह कहा गया है। वर्ष के इसी मास में अधिकांश यज्ञ करने का प्रावधान शास्त्रों में बताया गया है। इस माह में यज्ञ करने से यज्ञ का फल तुरंत ही मिलता है।
 
4. व्रत : आषाढ़ माह में विशेष दिनों में व्रत करने का बहुत ही महत्व होता है। क्योंकि आषाढ़ माह में देव सो जाते हैं, इसी माह में गुप्त नवरात्रि के व्रत प्रारंभ होते हैं और इसी माह से चातुर्मास भी प्रारंभ हो जाता है। इस माह में योगिनी एकादशी और देवशनी एकादशी का प्रमुख व्रत होता है।
 
5. स्नान और सेहत : इस मास में सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस मास ही नहीं, अगले तीन माह तक सेहत का ध्यान रखना चाहिए। इस महीने में जल युक्त फल खाने चाहिए। आषाढ़ में बेल बिलकुल भी न खाएं। इस माह में स्नान करने का भी महत्व बढ़ जाता है।
 
उपरोक्त सभी कार्य करने से इस महीने को कामना पूर्ति का महीना भी कहा जाता है। इस माह में जो भी कामना की जाती है उसकी पूर्ति हो जाती है।

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