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Pride Month - LGBT कम्युनिटी के लिए जून माह होता है खास, जानिए क्यों?

Updated: शनिवार, 5 जून 2021 (16:02 IST)
जून का महीना कुछ लोगों के लिए बेहद खास महीना है या हम कह सकते हैं यह महीना एलजीबीटी के लिए खास होता है। हर साल जून माह को एक प्राइड मंथ के तौर पर सेलिब्रेट किया जाता है। पूरे महीने  जश्न का माहौल रहता है। धरती को इंद्रधनुष के रंगों से भर दिया जाता है। पूरे विश्व के साथ भारत में भी इस महीने को अब सेलिब्रेट किया जाता है। भारत में अभी इस प्राइड मंथ को अपनाने में काफी वक्त लगेगा। हालांकि सुप्रीम कोर्ट की ओर से इंडिया में समलैंगिकता पर लगी धारा 377 को साल 2019 में हटा दिया गया था।

इसे लेकर कई सारे सवाल मन में होते हैं? आइए जानते हैं -

प्राइड मंथ क्यों और कौन बनाता है।

प्राइड मंथ हर साल जून में मनाया जाता है। यह महीना उन लोगों के लिए खास होता है जो अपनी लैंगिक पहचान को मुख्यधारा से अलग मानते हैं। उनके समर्थन में इस दिन को सेलिब्रेट किया जाता है। इस कार्यक्रम में सभी लोग शामिल हो सकते हैं। अगर आप उनका समर्थन करते हैं उनके निर्णय से सहमत होते हैं तो आप भी सहमति के तौर पर आयोजन में शामिल हो सकते हैं।

समलैंगिक को एलजीबीटी कहते हैं। आपने भी यह टर्म जरूर सुना होगा। एलजीबीटी का मतलब लेस्बियन, गे, बाइसेक्सुअल और ट्रांसजेंडर।

प्राइड मंथ की शुरुआत कब और कैसे हुई ?

28 जून को 1969 को पुलिस द्वारा एक गे बार पर छापा मारा गया। न्यूयॉर्क के ग्रीनविच विलेज के स्टोनविल बार पर छापा मारा था। पुलिस ने वहां मौजूद लोगों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया। लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और समलैंगिक समुदाय द्वारा जमकर विरोध किया गया। 28 जून को शुरू हुई घटना 3 दिन तक चली। घटना के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका में समलैंगिक आजादी के आंदोलन का बिगुल बजा और साथ अन्य देशों में भी आंदोलन शुरू हो गया ।

झंडा कलरफुल क्यों होता है?

समलैंगिक समुदाय में कई और समूहों का प्रतिनिधित्व भी किया जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए 1978 में आर्टिस्ट और डिजाइनर गिल्बर्ट बेकर ने सैन फ्रांसिस्को के प्राइड समारोह के लिए एक झंडा तैयार किया था। और उसमें इंद्रधनुष की तरह सभी कलर्स का प्रयोग किया।

प्राइड मंथ कैसे सेलिब्रेट किया जाता है?

जून माह में समुदाय में विविधता और समानता का एकाधिकार व्यक्त करने के लिए इस परेड का आयोजन किया जाता है। हर साल 27 जून को ग्लोबल प्राइड डे सेलिब्रेट किया जाता है। इस दिन मार्च निकाला जाता है, परेड होती है, कंसर्ट और अन्य गतिविधियां भी होती है। हालांकि कोविड-19 के कारण किसी भी प्रकार की गतिविधियां नहीं की जा रही सभी कुछ ऑनलाइन ही सेलिब्रेट किया जा  रहा है।

भारत में प्राइड मार्च ?

भारत में भी अब प्राइड मंथ आयोजित किया जाता है। साल 2017 में प्राइड मार्च के दौरान करीब 17000 प्रतिभागी शामिल हुए थे। दिल्ल, मुंबई, बेंगलुरू, भुवनेश्वर, भोपाल, सूरत, हैदाराबाद, चंडीगढ़, ओडिशा, और देहरादून में प्राइड मंथ मनाया जाता है। मार्च परेड भी निकाला जाता है।

- बेंगलुरु में साल 2008 में बेंगलुरु नम्मा प्राइड मार्च दिल्ली में भी आयोजित किया गया था।
- भुवनेश्वर में 2009 में प्राइड परेड का आयोजन किया गया था।
- चेन्नई में साल 2009 में चेन्नई रेनबो प्राइड आयोजित किया गया था।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा लव इज लव

अपने बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी एक बार फिर चर्चा में हैं। राहुल गांधी ने समलैंगिकता के समर्थन में कहां लव इज लव। कांग्रेस द्वारा भी ट्विटर पर रेनबो फ्लैग शेयर किया और लिखा प्यार, प्यार होता है। सभी भारतवासियों को प्राइड मंथ की शुभकामनाएं।

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