सोनिया बोलीं, केरल का सामाजिक सौहार्द दबाव में, नई विकास रणनीति की जरूरत

sonia gandhi
Last Updated: मंगलवार, 2 मार्च 2021 (15:46 IST)
तिरुवनंतपुरम। सोनिया गांधी ने मंगलवार को कहा कि का समाजिक सद्भाव व दबाव में है। उन्होंने लोगों के बीच भाईचारे को बढ़ाने और दक्षिणी राज्य के समूचे विकास के लिए नई विकास रणनीति की वकालत की। राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज (आरजीआईडीएस) द्वारा आयोजित एक डिजिटल शिखर सम्मेलन में अपने संदेश में गांधी ने कहा कि केरल देश के अन्य हिस्सों और कहें तो दुनिया को यह सबक देता है कि कैसे सामाजिक सद्भाव व सौहार्द का संरक्षण और संवर्द्धन करें। यह दबाव व तनाव में है और भविष्य की विकास की रणनीति में भाइचारे के बंधन को मजबूती दी जानी चाहिए। यह न केवल इसके मूल उद्देश्यों में से एक हैं, बल्कि केरल के अद्भुत विविध समाज की पहचान रहा है।
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आरजीआईडीएस केरल में कांग्रेस की विचारधारा से संबद्ध एक आर्थिक 'थिंक-टैंक' है। शिखर सम्मेलन, प्रतीक्षा 2030, अगले दशक में केरल के विकास की व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के लिए भारत और विदेश में आरजीआईडीएस के विस्तृत और व्यापक परामर्श की परिणति है। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने इस शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया था।
विकास के बहुचर्चित केरल मॉडल के संदर्भ में गांधी ने कहा कि राज्य आज नई व अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना कर रहा है और इन्हें कोविड-19 महामारी से और बल मिला है। उन्होंने दक्षिणी राज्य में आर्थिक सुधार और सामाजिक सुरक्षा के लिए नई सोच की जरूरत पर बल दिया।

सम्मेलन में पढ़े गए संदेश में उन्होंने कहा कि यह आर्थिक वृद्धि के लिए स्पष्ट रूप से नई सोच का समय है जिससे फिर से निवेश हो, उत्पादक रोजगार का सृजन हो, पर्यावरण का संरक्षण हो, जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीला रुख हो, प्राकृतिक आपदाओं के खतरों को कम करे, संगठित व असंगठित श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा बढ़े, किसानों व उनके परिवारों की कुशलता बढ़े।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बीते 6 दशकों से भी ज्यादा समय में विकास के केरल मॉडल ने सार्वजनिक स्वास्थ्य, शिक्षा, साक्षरता, लैंगिक सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय की दिशा में राज्य के लिए कई प्रभावी उपलब्धियां अर्जित की हैं। लेकिन केरल के सामने नई चुनौतियां हैं और मैं कह सकती हूं कि अभूतपूर्व चुनौतियां हैं।
उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों को कोविड-19 महामारी से और बल मिला जिसका सामना पूरी दुनिया कर रही है और यह खतरा अभी कायम है। शिखर सम्मेलन की सराहना करते हुए गांधी ने कहा कि इन परामर्श के फलस्वरूप दृष्टिपत्र तैयार हुआ जिसे आज जारी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वास्तव में यह सिर्फ दृष्टिपत्र नहीं, यह मिशन पत्र भी है जो राज्य के लोगों की अकांक्षाओं को पूरा करने के लिए विस्तृत खाका पेश करता है।
उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नीथला और निदेशक बी एस शिजू के नेतृत्व वाले आरजीआईडीएस के दल को भी इस पहल के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि मैं सिर्फ इतना ही और कहना चाहूंगी कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस राज्य के लोगों का भरोसा और विश्वास जीत कर जल्द ही विजन/मिशन दस्तावेज का अक्षरश: क्रियान्वयन शूरू करेगी। (भाषा)



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