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भाजपा ने बल्लारी क्षेत्र में रेड्डी बंधुओं पर दांव लगाया

Updated: सोमवार, 23 अप्रैल 2018 (18:10 IST)
बल्लारी (कर्नाटक)। खनन घोटाले में कठिन समय का सामना कर चुके रेड्डी बंधु फिर से वापसी कर रहे हैं और भाजपा अगले महीने होने जा रहे विधानसभा चुनाव में दोनों को उम्मीदवार के रूप में उतार रही है। कुछ साल पहले कर्नाटक को हिला चुका खनन घोटाला अब कोई मुद्दा नहीं रह गया है और भाजपा के लिए प्रभावशाली रेड्डी बंधुओं को बाहर रखने का अब कोई कारण नहीं है।
 
 
पार्टी ने दोनों को फिर अपना लिया है। पार्टी ने जी सोमशेखर रेड्डी को बल्लारी शहर से चुनाव मैदान में उतारा है और उनके बड़े भाई एवं पूर्व लोकसभा सदस्य जी करुणाकर रेड्डी को दावनगेरे जिले के हरप्पनहल्ली से टिकट दिया है। हालांकि रेड्डी बंधुओं में से सर्वाधिक संसाधन संपन्न जी जनार्दन रेड्डी पर खनन घोटाला मामले में जमानत की शर्तों के चलते बल्लारी में प्रवेश करने पर प्रतिबंध है। वह अपने भाइयों के चुनाव प्रचार को देखने के लिए चित्रदुर्ग जिले के मोलाकालमुरू में डेरा डाले हुए हैं। इसके साथ ही भाजपा महत्वपूर्ण दक्षिणी राज्य में दूसरी बार सरकार बनाने के लिए पुरजोर प्रयास कर रही है।
 
भाजपा ने सार्वजनिक रूप से जनार्दन रेड्डी से दूरी बना रखी है और पार्टी प्रमुख अमित शाह ने कहा है कि पार्टी का उनसे कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और बयां करती है। कांग्रेस पार्टी और भाजपा के एक तबके का मानना है कि शाह का बयान महज सार्वजनिक रूप से दिखाने के लिए है।
 
उनका कहना है कि जनार्दन रेड्डी को क्षेत्र में रेड्डी मतों को भगवा दल के खाते में लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रेड्डी बंधुओं ने 2008 में दक्षिण में पहली भाजपा सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। तीन भाइयों की इस जोड़ी पर उनके प्रभाव के चरम के समय में अक्सर आरोप लगते थे कि वे ही भाजपा सरकार को चला रहे हैं। इनमें से दो मंत्री थे और तीसरे सोमशेखर रेड्डी कर्नाटक मिल्क फेडरेशन के अध्यक्ष थे। खनन मामले में जनार्दन रेड्डी को लगभग साढ़े तीन साल तक जेल में रहने के बाद जमानत मिली।
 
कर्नाटक में आगामी विधानसभा चुनाव एक तरह से रेड्डी बंधुओं की शक्ति का भी परीक्षण होगा।वर्ष 2013 के चुनाव में रेड्डी बंधु राजनीतिक वनवास में थे। भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बीएस एदियुरप्पा और रेड्डी बंधुओं के करीबी सहयोगी एवं बल्लारी में मजबूत प्रभाव रखने वाले बी श्रीरामुलू ने अपनी-अपनी पार्टियां बना ली थीं जिससे 2013 के चुनाव में भाजपा की संभावनाएं धूमिल हो गईं। तब से अब तक काफी पानी बह चुका है। वे भाजपा में लौट आए और श्रीरामुलू 2014 में बल्लारी से लोकसभा सदस्य बन गए।
 
जनार्दन रेड्डी और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में इस इलाके में भाजपा के पोस्टर ब्वॉय श्रीरामुलू ने शनिवार को मोलाकालमुरू से नामांकन पत्र भरा। उसी दिन जनार्दन रेड्डी ने एदियुरप्पा के साथ भी मंच साझा किया जिससे इस बारे में कोई संदेह नहीं रह गया कि खनन क्षेत्र के धुरंधर अब भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से अछूत नहीं हैं। (भाषा)

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