हरिद्वार कुंभ में कथा-प्रवचनों का दौर शुरू, धर्मध्वजाएं भी हो रहीं स्थापित

निष्ठा पांडे| पुनः संशोधित शनिवार, 3 अप्रैल 2021 (23:19 IST)
हरिद्वार। शनिवार को द्वारका एवं शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि हरिद्वार हरद्वार भी है और हरि का द्वार भी है। उन्होंने मेलाधिकारी दीपक रावत से महापर्व कुंभ की गरिमा के अनुरूप व्यवस्था कराने का सुझाव दिया।
शंकराचार्य ने कहा कोविड संक्रमण से जीवन की सुरक्षा के लिए एहतियात बरतने की भी जरूरत है। उन्होंने मेलाधिकारी से कहा कि उनके शिष्य अविमुक्तेश्वरानंद 300 विद्यार्थियों को यजुर्वेद सिखा रहे हैं।
शनिवार को श्री पंचायती नया उदासीन अखाड़ा निर्वाण, कनखल के धर्मध्वजा स्थापना कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस दौरान धर्म ध्वजा स्थापना स्थल पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई। अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेन्द्र गिरि, निरंजनी अखाडे़ के सचिव रविन्द्रपुरी, श्रीमहंत बाबा जीवनदास, श्रीमहंत भगतराम, श्रीमहंत मंगलदास, श्रीमहंत आकाश मुनि, श्रीमहंत सुरजीतमुनि, श्रीमहंत धुनीदास इस मौके मौजूद थे।

शनिवार को दूधाधारी चैक पर चल रहे श्रीरामचरित मानस कथा कार्यक्रम में कार्ष्णि गुरुशरणानंद जी महाराज, गीता मनीषी महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज, स्वामी ऋषिस्वरानंद आदि संतों की मौजूदगी रही।
महापुरुषों के वचन अन्त:करण को बदल देते हैं :
महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि महाकुंभ पर्व में इस समय कोविड की तमाम बंदिशें भी प्रशासन की विवशता बन रही हैं। बावजूद इसके कुंभ का आयोजन बहुत अच्छे से चल रहा है। उन्होंने बताया कि इस पंडाल में रविवार से श्रीमद्भागवत कथा का प्रवचन भी शुरू होगा।
इस अवसर पर गुरुशरणानंद जी महाराज ने कहा कि महापुरुषों के वचन कान के रास्ते से हृदय में समाहित होते हैं, जो अन्तःकरण को बदल देते हैं। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में निर्धारित मर्यादा के अनुसार हमें आचरण करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वर्षों से चली आ रही परंपराओं-गुरुओं का सम्मान, अपने से बड़ों का सम्मान आदि का पालन होना चाहिए।
पत्रकारों को लगेंगे टीके : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने प्रदेश के सभी पत्रकारों को कोविड-19 में फ्रंटलाईन वर्कर बताते हुए बिना आयु प्रतिबंध के टीकाकरण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी से लड़ने के दौरान पत्रकारों ने फ्रंटलाईन वॉरियर के रूप में सहयोग दिया है। इस कार्य में लॉकडाउन से वर्तमान तिथि तक सूचना विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी निरंतर कोविड-19 से जुड़े विभिन्न कार्यों में सहयोग दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में पत्रकारों व मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधियों और सूचना विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों का फ्रंटलाइन वर्कर्स की तरह बिना किसी आयुसीमा की प्रतिबंध से टीकाकरण करवाने की व्यवस्था की जाए। टीकाकरण के लिए देहरादून सहित प्रत्येक जिले में कुछ टीकाकरण केंद्र चिन्हित किए जाएं, जहां पर मीडिया प्रतिनिधि अपना टीकाकरण करा सकें।




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