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राम लला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे- कब और किसने दिया था ये नारा

Updated: बुधवार, 8 अप्रैल 2026 (18:52 IST)
Ram lala mandir ayodhya: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण हो चुका है और अब 22 जनवरी 2024 सोमवार को रामलला मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जा रही है। इस दौरा फिर से वह नारा गुंज रहा है जबकि राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के समय लोग लगाते थे- रामलला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे सौगंध राम की खाते हैं। मंदिर वहीं बनाएंगे। आज वह सौगंध भी पूरी हो गई और राभक्त सभी अयोध्या में एकजुट हो रहे हैं।
 
किसने दिया था ये नारा:-
ram janmbhumi Movement
कब जन्मा था ये नारा:-
कहते हैं कि उज्जैन में 1986 में बजरंग दल के शिविर में पहली बार बाबा सत्यनारायण मौर्य ने यह नारा दिया था।
इस शिविर से निकलकर यह नारा संपूर्ण देश में आग की तरह फैल गया और यह बाद में रामजन्मभूमि आंदोलन का एक अहम नारा बन गया था।
 
कहते हैं कि 23 दिसंबर, 1949 की सुबह अयोध्या और आसपास के इलाकों में ये खबर आग की तरह फैल गई थी कि राम जन्मभूमि पर रामलला फिर से प्रकट हुए हैं। वहां पर रात को खुद से रामलला प्रकट हो गए हैं।
 
दावा किया गया कि चबूतरे पर जो रामलला की मूर्ति रहती थी, वो वहां से गायब होकर अपने आप गुंबद के ठीक नीचे यानि कि गर्भगृह पहुंच गई है और ये सब अपने आप हुआ है। इस खबर के सामने आने के बाद हजारों की संख्या में लोग रामलला के दर्शन करने पहुंचने लगे।
 
इसके बाद 6 दिसंबर से ही रामलला एक टेंट में रह रहे थे। वर्तमान में राम मंदिर निर्माण हेतु उन्हें वहां से हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है। रामलला जिस टेंट में रहते थे, उसे पिछले कई वर्षों में सिर्फ दो बार बदला गया था। यहां सुबह-शाम उनकी आरती होती है, गो लगता है और श्रृंगार होता है।
 
लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

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