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राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की तारीख 1967 में ही हो गई थी तय, गजब का है ये संयोग

57 साल पहले ही बता दी गई थी प्राण प्रतिष्ठा की तारीख, नेपाल का डाक टिकट हुआ वायरल

Written By WD Feature Desk
Updated: शुक्रवार, 19 जनवरी 2024 (14:30 IST)
Nepal Postage Stamps
  • नेपाल के डाक टिकट की पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
  • यह डाक टिकट 1967 को जारी किया गया था और यह बहुत दुर्लभ माना जा रहा है।
  • यह डाक टिकट लखनऊ के द लिटिल म्यूजियम में रखा गया है। 
Nepal Postal Stamp Ram Mandir : भारत में अब हर किसी को 22 जनवरी का इंतज़ार है क्योंकि इस दिन भगवान श्री राम अपनी जन्मभूमि अयोध्या के भव्य मंदिर में विराजमान होंगे। श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा (Ram mandir pran pratishtha) के लिए भारत में राममय माहौल बन चुका है और हर गली में राम नाम का शोर है। इस दिन को और भी विशेष बनाने के लिए हर भारतीय अपनी तरफ से प्रयास कर रहा है। ALSO READ: Ram Mandir Ayodhya : वास्तु के अनुसार लगाएं घर के उपर ध्वजा, जानें ध्वजा लगाने के नियम
 
श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के लिए कई तरह के व्यंजन, मिठाइयां, प्रभु श्री राम के वस्त्र और उनकी नई मूर्ति जैसी भव्य तैयारियां हो चुकी हैं। भारत के लंबे मामलों में से अयोध्या का मामला भी काफी विवादित रहा है लेकिन कई वर्षों के संघर्ष के बाद 22 जनवरी को श्री राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होने वाली है। 
 
लेकिन हाल ही एक हैरान कर देने वाली पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। दरअसल यह पोस्ट नेपाल के डाक टिकट की है जिसमें प्रभु श्री राम और माता सीता की तस्वीर है। यह डाक टिकट 1967 को जारी किया गया था लेकिन अब यह टिकट बहुत दुर्लभ माना जा रहा है (Nepal postal stamp ram mandir)। इस डाक टिकट के बारे में जानकार आप भी हैरान हो जाएंगे....
क्या है ऐसा नेपाल के डाक टिकट में? 
दरअसल लखनऊ के द लिटिल म्यूजियम के मालिक अशोक कुमार के अनुसार यह डाक टिकट, नेपाल में 1967 को जारी किया गया था। यह डाक टिकट भगवान श्री राम और माता सीता को समर्पित किया गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस डाक टिकट में संयोग से राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा का साल लिखा हुआ है। 
 
कहां और किसके पास है यह डाक टिकट?
यह डाक टिकट अशोक कुमार के पास है और यह लखनऊ के द लिटिल म्यूजियम में रखा गया है। यह टिकट 15 पैसे का है और इसमें 'रामनवमी 2024' लिखा हुआ है। दरअसल यह टिकट रामनवमी के अवसर पर 18 अप्रैल, 1967 को जारी किया गया था।  
 
विक्रम संवत के अनुसार लिखा गया था साल
इसके अलावा इस टिकट में जो रामनवमी 2024 लिखा है वो अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार नहीं लिखा है। बल्कि यह साल विक्रम संवत में लिखा गया है। आपको बता दें कि विक्रम संवत अंग्रेजी कैलेंडर से 57 साल आगे चलता है इसलिए इस टिकट में 2024 लिखा गया है।
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