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Ramcharitmanas in hindi : यदि आप तुलसीदास कृत रामचरितमानस ग्रंथ के संपूर्ण अध्याय को क्रमवार पढ़ना चाहते हैं या किसी दोहे या चौपाई को खोजकर उसका अर्थ जानना चाहते तो वेबदुनिया ने आपके लिए यहां पर QR कोड के साथ ही लिंक को उपलब्ध कराया है। आसान तरीके से अपने मोबाइल पर ही इसे ओपन करके नियमित इसका पाठ करके श्रीराम और हनुमानजी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
चित्रकूट के घाट पर भइ संतन की भीर।
तुलसिदास चंदन घिसें तिलक देत रघुबीर॥
संवत् 1631 में हनुमानजी की आज्ञा से इस रामायण की रचना हुई। संवत् 1633 के मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष में रामविवाह के दिन सातों काण्ड पूर्ण हो गए। गोस्वामी तुलसीदासजी कृत महाकाव्य श्रीरामचरितमानस मूल अवधी भाषा में हिन्दी में भावार्थ सहित यहाँ उपलब्ध है। इंटरनेट की दुनिया में वेबदुनिया ने यह महाकाव्य पहली बार साइट पर उपलब्ध कराया है। यह प्रयास धर्मार्थ किया गया है। इसका उद्देश्य जन-जन की प्रिय श्रीरामचरितमानस से इंटरनेट के पाठकों को भी जोड़ना है। नीचे इस महाकाव्य के सभी काण्डों की लिंक दी है। आप जिस भी काण्ड का अध्ययन करना चाहते हैं उसकी लिंक पर क्लिक करें।
अयोध्या के श्रीराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। देशभर में रामचरित मानस का पाठ किया जा रहा है। वेबदुनिया ने आपके लिए ऑनलाइन संपूर्ण रामचरित मानस ग्रंथ को उपलब्ध कराया है। ग्रंथ पढ़ने के लिए क्यूआर कोड स्केन करें।
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