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राजस्थान में अजमेर उत्तर सीट बचाना भाजपा के लिए मुश्किल

Updated: सोमवार, 19 नवंबर 2018 (15:17 IST)
अजमेर। राजस्थान में अजमेर जिले की अजमेर उत्तर सीट भारतीय जनता पार्टी की पारंपरिक सीट रही है लेकिन पिछले 15 साल से विधायक रहे और मौजूदा वसुंधरा राजे सरकार के मंत्री वासुदेव देवनानी के लिए इस बार सीट को बचाना मुश्किल लग रहा है।


इस विधानसभा में 28 वार्ड हैं जिनमें 23 पर भाजपा का कब्जा है, तीन कांग्रेस के पास है और एक सीट निर्दलीय के पास है। कांग्रेस ने एक राजपूत नेता महेंद्र सिंह रलावता को उम्मीदवार बनाया है क्योंकि यहां 34 हजार राजपूत मतदाता हैं। देवनानी सिंधी समुदाय से आते हैं जिनके 19 हजार वोट हैं। वर्ष 2003 से इस सीट पर लगातार भाजपा का कब्जा है।

देवनानी अपनी लोकप्रियता के साथ साफ-सुथरी छवि के रूप में जाने जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि देवनानी की छवि तो अच्छी है परन्तु सत्ता विरोधी लहर उनके साथ है। एक ऑटो चालक ने कहा कि देवनानी का जीतना तय है लेकिन कुछ अन्य लोगों का मानना है कि इस बार उनके लिए सीट बचाना आसान नहीं होगा। राजपूत मतदाताओं के अलावा छह हजार रावणा राजपूत हैं जो आनंदपाल के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने से खासे नाराज हैं।

इस सीट पर 17 हजार वोट मुसलमानों के हैं और 30 हजार अनुसूचित जाति के हैं। कांग्रेस दोनों समुदायों को अपने पाले में करने की कोशिश में है। वहीं भाजपा सिंधी, माली, महाजन तथा जाट वोटरों को अपने पाले में करने की फिराक में है। चूंकि सिंधी और माली भाजपा के पारंपरिक मतदाता हैं। अजमेर उत्तर विधानसभा में कुल मतदाता करीब दो लाख आठ हजार हैं जिनमें से 19 हजार सिंधी, 18 हजार महाजन, 11 हजार माली और तीन हजार जाट वोटर हैं।

इसके साथ ही 13 हजार ब्राह्मण वोटर हैं जिस पर दोनों दलों की नजर है। कांग्रेस के अजमेर शहर अध्यक्ष विजय जैन ने कहा कि इस देवनानी के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर के साथ-साथ लोग सरकार के काम से खुश नहीं हैं इसलिए यहां की जनता ने कांग्रेस के पक्ष में मूड बना लिया है। भाजपा के एक जिला पदाधिकारी ने कहा कि देवनानी ने अपने क्षेत्र में बहुत अच्छा काम किया है इसलिए उनका जीतना तय है। वे हर समय जनता से जुड़े कामों के लिए उपलब्ध रहते हैं।

गौरतलब है कि देवनानी ने 2003 में 24 हजार मतों से जीत दर्ज की थी और 2008 के विधानसभा चुनाव में देवनानी ने कांग्रेस के डॉ. गोपाल बहेती को हराया था लेकिन जीत का अंतर मात्र 700 वोट था। देवनानी 2013 में 21 हजार वोटों से जीते थे। राज्य में मतदान सात दिसंबर को है और मतगणना 11 दिसंबर को होगी।

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