0

Lalita Panchami 2020 : कब है ललिता पंचमी, जानिए महत्व, मंत्र एवं शुभ मुहूर्त

मंगलवार,अक्टूबर 20, 2020
Navratri Festival 2020
0
1
जयति-जयति जय ललिते माता। तव गुण महिमा है विख्याता।। तू सुन्दरी, त्रिपुरेश्वरी देवी। सुर नर मुनि तेरे पद सेवी।। तू कल्याणी कष्ट निवारिणी। तू सुख दायिनी, विपदा हारिणी।। मोह विनाशिनी दैत्य नाशिनी। भक्त भाविनी ज्योति प्रकाशिनी।।
1
2
श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी! राजेश्वरी जय नमो नम:!! करुणामयी सकल अघ हारिणी! अमृत वर्षिणी नमो नम:!! जय शरणं वरणं नमो नम: श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी...! अशुभ विनाशिनी, सब सुखदायिनी! खलदल नाशिनी नमो नम:!! भंडासुर वध कारिणी जय ...
2
3
हिन्दू धर्म में अमावस्या विशेष धार्मिक महत्व रखती है। खास कर अधिकमास की अमावस्या का विशेष महत्व माना गया है। इस संबंध में मान्यता है कि अधिकमास के अंतिम दिन यानी आखिरी अमावस्या को दान-धर्म करने से जीवन में कभी धन की कमी नहीं रहती है
3
4
शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2020 को पुरुषोत्तम मास का समापन होगा। इस दिन अमावस्या होने से भी इस दिन का महत्व अधिक माना गया है। पुरुषोत्तम मास में श्रीहरि विष्णु पूजन के साथ तिथि अनुसार दान करने से मनुष्य को कई गुणा अधिक फल प्राप्त होता है।
4
4
5

साल 2020 की 12 अमावस्या कब-कब आएंगी

गुरुवार,अक्टूबर 15, 2020
साल में 12 अमावस्या होती हैं। इस दिन 108 बार तुलसी की परिक्रमा करने से मन को शांति की अनुभूति होती है। जो लोग आध्यात्मिक मार्ग पर बढ़ना चाहते हैं उनके लिए भी यह दिन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। आइए जानें साल भर की 12 अमावस कब कब आ रही हैं...
5
6
पौराणिक शास्त्रों में प्रदोष व्रत की बड़ी महिमा है। ऐसा माना जाता है कि प्रदोष काल में भगवान शिवशंकर कैलाश पर्वत पर प्रसन्न मुद्रा में नृत्य करते है।
6
7
अधिक मास में प्रदोष व्रत का बहुत महत्व बताया गया है। पुरुषोत्तम मास में आने वाले प्रदोष व्रत करने से कई गुना अधिक फल की प्राप्ति मिलती है। पुरुषोत्तम मास में 13 अक्टूबर, बुधवार के दिन प्रदोष व्रत आ रहा है।
7
8
प्रदोष माह में दो बार यानी शुक्ल एवं कृष्ण पक्ष की बारस अथवा तेरस को आता है। प्रदोष का व्रत एवं उपवास भगवान सदाशिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। प्रदोष काल में स्नान करके मौन रहना चाहिए, क्योंकि शिवकर्म सदैव मौन रहकर ही पूर्णता को प्राप्त ...
8
8
9
प्रदोष को प्रदोष कहने के पीछे एक कथा जुड़ी हुई है। संक्षेप में यह कि चंद्र को क्षय रोग था, जिसके चलते उन्हें मृत्युतुल्य कष्टों हो रहा था। भगवान शिव ने उस दोष का निवारण कर उन्हें त्रयोदशी के दिन पुन:जीवन प्रदान किया था अत: इसीलिए इस दिन को प्रदोष ...
9
10
हिंदुओं के छह प्रमुख सम्प्रदाय हैं- वैदिक, शैव, वैष्णव, संत, चर्वाक और स्मार्त। नाथ, दसनामी, लिंगायत, कौमारम, तांत्रिक, शाक्त आदि संप्रदाय को शैव संप्रदाय का उपसंप्रदाय माना जाता है। गाणपत्य, विष्णोई आदि कई संप्रदाय वैष्णव संप्रदाय के अंतर्गत माने ...
10
11
आज 5 अक्टूबर 2020, सोमवार को अधिक मास की आश्विन कृष्ण तृतीया है। आज संकष्टी चतुर्थी व्रत भी है। इस दिन भगवान गणेश के मंत्रों का जाप बहुत मंगलकारी साबित हो सकता है। यह एक बेहद खास तिथि है।
11
12
माह की किसी भी चतुर्थी के दिन भगवान श्री गणेश की पूजा के दौरान संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत की कथा पढ़ना अथवा सुनना जरूरी होता है।
12
13
कलयुग में गणेश जी का धूम्रवर्ण है। वे घोड़े पर आरूढ़ रहते हैं, उनके दो हाथ है तथा उनका नाम धूम्रकेतु है।
13
14
भारतीय संस्कृति मे दान का महत्व सर्वाधिक बताया गया है, दान का अर्थ सिर्फ किसी चीज को लेना नहीं है। दान को स्वीकार करना प्रतिग्रहण है।
14
15
हर महीने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। अलग-अलग दिन पड़ने वाले प्रदोष की महिमा अलग-अलग होती है। सोमवार का प्रदोष का सोम प्रदोष, मंगलवार को आने वाला भोम भौम और अन्य वार को आने वाला प्रदोष सभी का महत्व और लाभ अलग-अलग है।
15
16
मंगल (भौम) और प्रदोष का दिन शनि की साढ़ेसाती, मंगलजनित दोषों के निवारण, कर्जमुक्ति तथा अभीष्ट सिद्धि प्राप्ति के लिए यह दिन विशेष मायने रखता है।
16
17
एक नगर में एक वृद्धा रहती थी। उसका एक ही पुत्र था। वृद्धा की हनुमानजी पर गहरी आस्था थी। वह प्रत्येक मंगलवार को नियमपूर्वक व्रत रखकर हनुमानजी की आराधना करती थी।
17
18
मंगल-भौम प्रदोष व्रत :हर महीने की शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष व्रत रखा जाता है। इसमें मंगलवार और शनिवार को आने वाले प्रदोष तिथि का विशेष महत्व माना गया है।
18
19
हिन्दू पंचांग के अनुसार वर्तमान में आश्विन माह में अधिक मास चला रहा है। अधिक मास 18 सितंबर से शुरू हो गया है और 16 अक्टूबर तक चलेगा। अश्विन माह इस बार 3 सितंबर से 31 अक्टूबर तक होगा। यह अवधि 59 दिनों की होगी। आओ जानते हैं अक्टूबर और अश्विन माह के 7 ...
19