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पुत्रदा एकादशी 2021 : जानिए व्रत रखने के 4 फायदे

शुक्रवार,जनवरी 22, 2021
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माना जाता है कि यह कथा पढ़े बिना संतोषी माता का व्रत अधूरा होता है। संतोषी माता व्रत की पौराणिक कथा के अनुसार एक बुढ़िया थी। उसका एक ही पुत्र था।
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21 जनवरी 2021, गुरुवार से शाकंभरी नवरात्रि का पर्व शुरू हो गया है। यह पर्व 28 जनवरी, गुरुवार तक मनाया जाएगा। मान्यता के अनुसार पौष मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी से पूर्णिमा तक शाकंभरी नवरात्रि मनाई जाती है।
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वैसे तो वर्ष भर में चार नवरात्रि मानी गई है, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष में शारदीय नवरात्रि, चैत्र शुक्ल पक्ष में आने वाली चैत्र नवरात्रि, तृतीय और चतुर्थ नवरात्रि माघ और आषाढ़ माह में मनाई जाती है। परंतु तंत्र-मंत्र के साधकों को अपनी सिद्धि के लिए ...
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हिन्दू धर्म के अनुसार रविवार भगवान विष्णु और सूर्यदेव का दिन भी है। इस दिन उन्हीं की आराधना करना चाहिए। हिन्दू धर्म में इसे सर्वश्रेष्ठ वार माना गया है। यदि आप गुरुवार को मंदिर नहीं जा पा रहे हैं तो इस दिन मंदिर अवश्य जाना चाहिए। आओ जानते हैं कि ...
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वर्ष 2021 में 16 जनवरी, शनिवार को विनायक चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। यह तिथि भगवान श्री गणेश की तिथि है। हिन्दू धर्मग्रंथों के अनुसार श्री गणेश की कृपा प्राप्ति
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16 जनवरी, शनिवार को साल 2021 की पहली विनायक (Vinayak Chaturthi 2021) चतुर्थी है। प्रत्येक माह में दो चतुर्थी होती है। इस तरह 24 चतुर्थी और प्रत्येक तीन वर्ष बाद अधिमास की मिलाकर 26 चतुर्थी होती है। सभी चतुर्थी की महिमा और महत्व अलग अलग है। हर माह ...
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असम का प्रमुख पर्व माघ बिहू इस साल 15 जनवरी 2021, शुक्रवार को मनाया जा रहा है। यह फसल कटाई का उत्सव भी है। पोंगल की तरह ही माघ बिहू भी मुख्य रूप से किसानों का त्योहार है।
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आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में धूम-धाम से भोगी त्योहार मनाया जाता है। महाराष्ट्र के कई क्षेत्रों में मकर संक्रांति को भोगी कहते हैं। यह त्योहार 13 जनवरी से ही प्रारंभ हो जाता है। खासकर 14 जनवरी को यह त्योहार है। असम में इसी त्योहार को भोगाली बिहू कहते ...
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असम में इस बार 15 जनवरी को माघ बिहू उत्सव मनाया जाएगा। यह त्योहार भी मकर संक्राति की तरह ही मनाया जाता है या यह कहें कि यह मकर संक्राति का ही स्थानीय रूप है। बिहू शब्द दिमासा लोगों की भाषा से है। 'बि' मतलब 'पूछना' और 'शु' मतलब पृथ्वी में 'शांति और ...
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पूर्णतया प्रकृति को समर्पित यह त्योहार फसलों की कटाई के बाद आदि काल से मनाया जा रहा है। नए धान का चावल निकाल कर उसका भोग बनाकर
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पोंगल पर्व से तमिलनाडु में नववर्ष का शुभारंभ हो जाता है। इस साल पोंगल पर्व 14 जनवरी 2021, गुरुवार को मनाया जाएगा।
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वर्ष 2021 का पहला रवि प्रदोष व्रत 10 जनवरी को मनाया जा रहा है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, प्रदोष व्रत प्रत्येक मास की त्रयोदशी तिथि को होता है।
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उत्तर भारत में मकर संक्रांति तो दक्षिण भारत में पोंगल उत्सव या त्योहार मनाया जाता है। दूसरी ओर पूर्वोत्तर भातर में बीहू पर्व की धमू रहती है। दक्षिण भारतीय किसानों का पार्व पोंगल पर्व गोवर्धन पूजा, दिवाली और मकर संक्रांति का मिला-जुला रूप है। जिस ...
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तमिलनाडु के प्रमुख पर्व है पोंगल को पारंपरिक रूप से 4 दिनों तक मनाया जाता है। इस वर्ष पोंगल 13 से 16 जनवरी तक मनाया जाएगा, लेकिन पोंगल का मुख्य दिन 14 जनवरी को है।
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जैन धर्म के 24 तीर्थंकर है। प्रथम ऋषभनाथ हैं तो अंतिम महावीर स्वामी। भगवान पार्श्वनाथ 23वें तीर्थंकर थे और उनकी जयंती पौष कृष्ण पक्ष की दशमी को मनाई जाती है। आओ जानते हैं उनके बारे में 10 खास बातें।
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वर्ष 2021 में मासिक कालाष्टमी पर्व 6 जनवरी, बुधवार को मनाया जाएगा। वैसे तो प्रमुख कालाष्टमी का व्रत 'कालभैरव जयंती' के दिन किया जाता है, लेकिन कालभैरव के भक्त हर महीने ही कृष्ण पक्ष की अष्टमी...
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भगवान श्रीकृष्ण की आठ पत्नियां थीं। यथा- रुक्मणि, जाम्बवन्ती, सत्यभामा, कालिन्दी, मित्रबिन्दा, सत्या, भद्रा और लक्ष्मणा। इनमें से रुक्मिणी पहली पत्नि थीं। आओ जानते हैं रुक्मिणी के संबंध में 10 खास बातें।
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वर्ष 2021 में बुधवार, 6 जनवरी को रुक्मणी अष्टमी पर्व मनाया जाएगा। यह पर्व पौष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। मान्यताओं के अनुसार इसी दिन द्वापर युग में देवी रुक्मणी का जन्म हुआ था।
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प्रत्येक माह में दो चतुर्थी होती है। इस तरह 24 चतुर्थी और प्रत्येक तीन वर्ष बाद अधिमास की मिलाकर 26 चतुर्थी होती है। सभी चतुर्थी की महिमा और महत्व अलग-अलग है। आओ जानते हैं संकट चतुर्थी की 7 खास बातें।
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