Hanuman Chalisa

वैशाख अमावस्या का क्या है महत्व, 5 उपायों से पितरों की होगी शांति

वेबदुनिया धर्म-ज्योतिष टीम
बुधवार, 15 अप्रैल 2026 (15:41 IST)
Vaishakh Amavasya significance: हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख मास की अमावस्या का विशेष आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व है। वर्ष 2026 में यह अमावस्या 17 अप्रैल, शुक्रवार को मनाई जाएगी। वैशाख अमावस्या को सतुआ अमावस्या या सातुवाई/ सातुवाई अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों में इस दिन को पितरों की तृप्ति, कालसर्प दोष से मुक्ति और दान-पुण्य के लिए अक्षय फलदायी माना गया है।ALSO READ: Vaishakh maas 2026: वैशाख मास प्रारंभ, जानें इस विशेष माह की 10 खास बातें
 

वैशाख अमावस्या का महत्व

पितृ तर्पण: मान्यता है कि वैशाख अमावस्या पर पितर पृथ्वी के निकट होते हैं। इस दिन किया गया तर्पण उन्हें जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति दिलाने में सहायक होता है। इस दिन गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने से अनजाने में किए गए पापों का नाश होता है।
 
गर्मी का दान: चूंकि इस समय भीषण गर्मी शुरू हो जाती है, इसलिए इस अमावस्या पर शीतल वस्तुओं के दान का विधान है, जो सीधे पितरों को तृप्ति पहुंचाता है।
 
कालसर्प दोष: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिनकी कुंडली में राहु-केतु के कारण दोष है, उनके लिए इस दिन पूजा करना अत्यंत फलदायी है।
 

पितरों की शांति के लिए 5 अचूक उपाय

यदि आपके कार्यों में बाधा आ रही है या घर में अशांति रहती है, तो इस अमावस्या पर ये 5 उपाय जरूर करें:
 

1. सत्तू और जल का दान

वैशाख अमावस्या पर सत्तू, मिट्टी का घड़ा (मटका), पंखा और जल का दान करना सबसे उत्तम माना जाता है। पितरों के नाम से प्यासे को पानी पिलाने या राहगीरों को सत्तू खिलाने से पितृ दोष शांत होता है।
 

2. पीपल के वृक्ष की पूजा

पीपल में त्रिदेवों और पितरों का वास माना गया है। इस दिन सुबह पीपल के वृक्ष पर जल, कच्चा दूध और काले तिल अर्पित करें। शाम के समय पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और अपने पितरों से क्षमा प्रार्थना करें।
 

3. दक्षिण दिशा की ओर तर्पण

तांबे के पात्र में जल लेकर उसमें गंगाजल, दूध, अक्षत और काले तिल मिलाएं। पितरों की दिशा अर्थात् दक्षिण दिशा की ओर मुख करके अपने पूर्वजों का स्मरण करते हुए अंजलि से जल अर्पित करें। इससे अतृप्त आत्माओं को शांति मिलती है। इस तिथि पर गंगा, यमुना या किसी शुद्ध जलाशय में तर्पण करना लाभकारी है।ALSO READ: Vaishakh 2026: वैशाख माह के व्रत त्योहारों की लिस्ट
 

4. पंचबलि कर्म (भोजन दान)

अमावस्या के दिन घर में बने शुद्ध सात्विक भोजन का अंश पांच हिस्सों में निकालें: गाय, कुत्ता, कौआ, देवादि और चींटियों को भोजन कराएं। विशेष रूप से कौए को भोजन देना पितरों तक सीधे संदेश पहुंचाने जैसा माना जाता है।
 

5. चांदी के नाग-नागिन का पूजन

यदि कुंडली में कालसर्प या पितृ दोष भारी है, तो इस दिन चांदी के छोटे से नाग-नागिन के जोड़े की पूजा करें और उन्हें किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर दें या शिव मंदिर में अर्पित करें।
 

शांति के लिए विशेष मंत्र:

इस दिन इस मंत्र का जाप करने से पितृ प्रसन्न होते हैं:
 
'ॐ पितृभ्य: नम:' या 'ॐ अर्यमायै नम:' 
 
सावधानी: अमावस्या के दिन तामसिक भोजन (मांस-मदिरा) से पूरी तरह परहेज करना चाहिए और घर में शांति का वातावरण बनाए रखना चाहिए।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: वैशाख महीना किन देवताओं की पूजा के लिए है सबसे शुभ? जानें इसका धार्मिक महत्व

Show comments

सभी देखें

गुप्त नवरात्रि में ये मंत्र जप लिया तो तुरंत ही दूर होंगे संकट और माता का मिलेगा आशीर्वाद

गुंडिचा मंदिर क्यों है जगन्नाथ रथयात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव? जानिए 5 खास बातें

भगवान जगन्नाथ की मौसी कौन हैं? जानिए रथयात्रा से जुड़ी यह रोचक परंपरा

गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक की सही व्याख्या क्या है? मौलाना जरजिस अंसारी के दावे की पड़ताल

पुरी के जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास: कब, कैसे और क्यों हुई शुरुआत?

सभी देखें

22 July Birthday: आपको 22 जुलाई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 22 जुलाई 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

भड़ली नवमी 2026: खरीदारी के लिए कब रहेगा शुभ मुहूर्त? जानें अच्छे संयोग और खास समय

क्या हिंसक जन आंदोलन से होगा भारत में सत्ता परिवर्तन, क्या कहता है मेदिनी ज्योतिष?

गुप्त नवरात्रि की नवमी के दिन करें 5 महत्वपूर्ण कार्य

अगला लेख