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Kushmanda Jayanti: कूष्मांडा जयंती के दिन करें माता की खास पूजा, मिलेगा सुख संपत्ति का आशीर्वाद

Written By WD Feature Desk
Updated: सोमवार, 27 अक्टूबर 2025 (10:13 IST)
Special Rituals on Kushmanda Jayanti: कूष्मांडा जयंती हिंदू पंचांग के अनुसार, विशेष रूप से नवरात्रि देवी दुर्गा के चौथे रूप की पूजा का दिन है। कूष्मांडा जयंती या कूष्मांडा नवमी कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर मनाई जाती है। इसे 'कूष्मांडा' देवी की जयंती कहा जाता है, जो सौम्य रूप में ब्रह्मांड की रचनाकार मानी जाती हैं। इस दिन विशेष रूप से माता कूष्मांडा की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि, लक्ष्मी की कृपा, और धन-दौलत की बढ़ोतरी होती है।ALSO READ: Kartik Month 2025: क्यों खास है कार्तिक माह? जानिए महत्व और इस महीने में क्या करें और क्या करने से बचें
 
कूष्मांडा देवी की पूजा का महत्व: उनका नाम 'कूष्मांडा' तीन शब्दों से मिलकर बना है - 'कु' का अर्थ है 'थोड़ा', 'उष्मा' का अर्थ है 'ताप' या 'ऊर्जा' और 'अंड' का अर्थ है 'अंडा' यानी सृष्टि का बीज। माता कूष्मांडा का वर्णन देवी दुर्गा के उन रूपों में किया जाता है जो अपने भक्तों की सभी इच्छाओं को पूरा करने वाली होती हैं। उनका यह रूप शुभकारी, करुणामयी और सम्पत्ति देने वाला माना जाता है। उनकी पूजा से जीवन में हर प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं और लक्ष्मी का वास होता है। उनका वास शक्ति, धन और समृद्धि में होता है, इसलिए उनकी पूजा से घर में सुख-शांति और आर्थिक समृद्धि का आगमन होता है।ALSO READ: Kartik Month 2025: कार्तिक मास में कीजिए तुलसी के महाउपाय, मिलेंगे चमत्कारी परिणाम बदल जाएगी किस्मत
 
पूजा विधि:
 
1. पवित्र स्नान: इस दिन पूजा से पहले शुद्धता के लिए स्नान करना चाहिए और स्वच्छ वस्त्र पहनने चाहिए।
 
2. कलश स्थापना: घर के किसी पवित्र स्थान पर कलश स्थापित करें। कलश में जल, सुपारी, नारियल और फूल रखें।
 
3. मां का चित्र: माता कूष्मांडा का चित्र या मूर्ति रखें और दीपक जलाएं।
 
4. धूप, दीप, और अगरबत्ती: पूजा स्थल पर धूप, दीपक, और अगरबत्ती जलाएं।
 
5. मां के स्तुति मंत्र का जाप: 
 
या देवी सर्वभूतेषु मां कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
 
कूष्मांडा देवी के मंत्र का जाप करें
 
6. आरती और भोग: माता को फल, मिठाई या खीर का भोग अर्पित करें। इसके बाद आरती गाएं।
 
7. विशेष ध्यान: पूजा के दौरान ध्यान और समर्पण से अपनी मनोकामनाएं व्यक्त करें।
 
कूष्मांडा देवी के मंत्र: ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥ इस मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति और आर्थ‍िक समृद्धि की प्राप्ति होती है।
 
पूजन के लाभ:
 
* घर में शांति और सुख-समृद्धि का वास होता है।
 
* आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।
 
* घर में लक्ष्मी का आगमन होता है और आर्थिक संकट दूर होते हैं।
 
* जीवन में सकारात्मकता और मानसिक शांति बनी रहती है।
 
अगर आप इस दिन कूष्मांडा देवी की पूजा करते हैं, तो इससे न केवल धार्मिक आशीर्वाद मिलता है, बल्कि जीवन में हर प्रकार के संकट और परेशानी से राहत मिलती है तथा अपार सुख संपत्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। 

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