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Doomavati jayanti : कैसे करें मां धूमावती की साधना?

Written By WD Feature Desk
Updated: मंगलवार, 11 जून 2024 (17:19 IST)
Dhumavati Jayanti
 

Highlights 
 
 
मां धूमावती 10 महाविद्याओं की अंतिम विद्या है। 
गुप्त नवरात्रि में विशेष तौर इस माता की पूजा की जाती है। 
2024 में कब है धूमावती जयंती। 

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Dhoomvati Jayanti 2024 : प्रतिवर्ष ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मां धूमावती की जयंती मनाई जाती है। इसे मां धूमावती प्रकटोत्सव पर्व भी कहते हैं।  वर्ष 2024 में धूमावती देवी की साधना 14 जून, शुक्रवार को  जाएगी।  
 
मां धूमावती 10 महाविद्याओं में से एक सातवीं शक्ति हैं, जिसे उग्र स्वरूप में जाना जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार देवी धूमावती मां पार्वती का ही बहुत उग्र रूप है, जिसे धूमावती के नाम से जाना जाता है। 
 
आइए जानते हैं कैसे करें धूमावती देवी की साधना- 
 
- देवी धूमावती का स्वरूप उग्र होने के कारण साधना करने से पहले इसके नियम अवश्य ही जान लेना चाहिए। इस दिन सुहागिन महिलाओं को इस देवी की पूजा नहीं करना चाहिए। तथा उपासक व्यक्ति को सात्विक रहते हुए नियमों के साथ व्रत करना चाहिए। इस दिन शराब और मांस नहीं खाना चाहिए। 

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साधना/पूजा विधि : puja vidhi 
 
- धूमावती जयंती अथवा प्रकटोत्सव के दिन ब्रह्म मुहूर्त में जागकर स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ कपड़े धारण करें। 
 
- फिर गंगाजल से पूजन के स्थान को पवित्र करें। 
 
- अब पुष्प, सिंदूर, कुमकुम, अक्षत, जल आदि सामग्री चढ़ाएं। 
 
- तत्पश्चात धूप, दीप, फल तथा नैवैद्य आदि से माता की पूजा करें। 
 
- फिर मां धूमावती की कथा पढ़ें अथवा सुनें। 
 
- देवी धूमावती के मंत्र : धूं धूं धूमावती ठ: ठ, ॐ धूं धूं धूमावत्यै फट् या 'ॐ धूं धूं धूमावती देव्यै स्वाहा:' का जाप करें।   
 
- पूजन के पश्चात अपनी कामना बोलकर माता से प्रार्थना करें। और यदि सिद्धि चाहते हैं तो तिलयुक्त घी से हवन करें।  इस तरह पूजन करने से सभी पापों का नाश होकर मनोवांछित फल मिलता है। तथा घर से दुःख-दारिद्रय आदि दूर हो जाता हैं।  

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