दिवाली के 11 दिन बाद देव प्रबोधिनी उत्सव और तुलसी विवाह का मंगल अवसर आता है। इसी को देवउठनी ग्यारस कहते हैं। एकादशी को यह पर्व बड़े उत्साह से मनाया जाता है। देव प्रबोधिनी एकादशी का महत्व शास्त्रों में उल्लेखित है। एकादशी व्रत और कथा श्रवण से स्वर्ग की प्राप्ति...