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Bahula chauth Katha : बहुला चतुर्थी की रोचक कथा
Highlights
बहुला चतुर्थी की व्रत कथा।
भाद्रपद मास पर पढ़ी जाती है यह कथा।
बहुला चौथ कब है 2024 में।
Story of Bahula Chaturthi: हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर बहुला चतुर्थी व्रत रखा जाता है। और वर्ष 2024 में यह व्रत 22 अगस्त, दिन गुरुवार को मनाया जाएगा।
आइए जानते हैं यहां बहुला चतुर्थी व्रत की रोचक कथा :
बहुला चतुर्थी व्रत भगवान श्री कृष्ण से जुड़ा हुआ है। इस व्रत से संबंधित एक बड़ी ही रोचक कथा प्रचलित है। इसके अनुसार जब भगवान विष्णु का कृष्ण रूप में अवतार हुआ तब इनकी लीला में शामिल होने के लिए देवी-देवताओं ने भी गोप-गोपियों का रूप लेकर अवतार लिया।
कामधेनु नाम की गाय के मन में भी भगवान श्री कृष्ण की सेवा का विचार आया और अपने अंश से बहुला नाम की गाय बनकर नंद बाबा की गौशाला में आ गई। भगवान श्रीकृष्ण का बहुला गाय से बड़ा स्नेह था।
एक बार श्रीकृष्ण के मन में बहुला की परीक्षा लेने का विचार आया। जब बहुला वन में चर रही थी, तब भगवान सिंह रूप में प्रकट हो गए। मौत बनकर सामने खड़े सिंह को देखकर बहुला भयभीत हो गई। लेकिन हिम्मत करके सिंह से बोली, 'हे वनराज मेरा बछड़ा भूखा है। बछड़े को दूध पिलाकर मैं आपका आहार बनने वापस आ जाऊंगी।'
सिंह ने कहा कि- सामने आए आहार को कैसे जाने दूं, तुम वापस नहीं आई तो मैं भूखा ही रह जाऊंगा।
बहुला ने सत्य और धर्म की शपथ लेकर कहा कि- मैं अवश्य वापस आऊंगी। बहुला की शपथ से प्रभावित होकर सिंह बने श्रीकृष्ण ने बहुला को जाने दिया। बहुला अपने बछड़े को दूध पिलाकर वापस वन में आ गई। बहुला की सत्यनिष्ठा देखकर श्रीकृष्ण अत्यंत प्रसन्न हुए और अपने वास्तविक स्वरूप में आकर कहा कि 'हे बहुला, तुम परीक्षा में सफल हुई। अब से भाद्रपद चतुर्थी के दिन गौ-माता के रूप में तुम्हारी पूजा होगी। तुम्हारी पूजा करने वाले को धन और संतान का सुख मिलेगा।'
इस दिन श्री गणेश जी की चतुर्थी तिथि होने से संकष्टी चतुर्थी और बहुला चतुर्थी व्रत रखकर भगवान कृष्ण का पूजन भी किया जाएगा।
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