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श्री दुर्गासप्तशती के मंत्र नवरात्रि पर करते हैं चमत्कारी असर

Updated: सोमवार, 27 मार्च 2017 (11:43 IST)
श्री दुर्गासप्तशती स्वयं साक्षात् देवी दुर्गा हैं। वह अपने आप में पूर्ण तंत्र है। नित्य पाठ करने से सभी आपदाएं दूर होकर समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। 1-1 मंत्र जपने से विशेष समस्या का निवारण होता है। 

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4. मनोवांछित फल प्राप्ति के लिए-
 
'एवं देव्या वरं लब्ध्वा सुरथ: क्षत्रियर्षभ:।।'
 
5. सभी प्रकार के भयनाश के लिए-
 
'सर्व स्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्ति समन्विते:।
भयेभ्यस्त्राहि नो देवि, दुर्गे देवि नमोस्तुते।।'
 
6. रुके कार्यों में सफलता के लिए- 
 
'धर्म्याणि देवि, सकलानि सदैव कर्माएयत्यादृत: प्रतिदिनं सुकृति करोति।
स्वर्गं प्रयाति च ततो भवानी प्रवती प्रसादात् लोकत्रयेऽपि फलदा तनु देवि, लेन।।' 
 
7. धनवृद्धि के लिए- 
 
'इत्थं निशभ्यदेवानां वचांसिमधुसूदन:।
चकार कोपं शम्भुश्च भ्रकु‍टीकुटिलाननौ।।'
 
8. देवी कृपा के लिए नित्य जप करें-
 
'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।'
 
इसका नित्य जप करें तथा समय-समय पर यथाशक्ति हवन करें। नित्य अर्चन आवश्यक है। देवी कृपा अवश्य प्राप्त होगी तथा समस्या का निवारण होगा। इति:।

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लेखक के बारे में
पं. उमेश दीक्षित
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