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Ashadha Gupt Navratri: घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं मां भगवती, भूलकर भी न करें ये गलतियां

Written By WD feature Desk
Updated: गुरुवार, 4 जुलाई 2024 (11:44 IST)
Ashadha Gupt Navratri 2024: वर्ष में 4 नवरात्रियां होती हैं। माघ और आषाढ़ू मास में गुप्त नवरात्रि आती है। चैत्र में चैत्र नवरात्रि और अश्विन में शारदीय नवरात्रि मनाते हैं। इस बार आषाढ़ माह में गुप्त नवरात्रि रहेगी। आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि का प्रारंभ 6 जुलाई, दिन शनिवार से हो रहा है। वहीं नवरात्रि का समापन 15 जुलाई 2024 को होगा।
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ज्योतिष मान्यता के अनुसार यदि नवरात्रि की शुरुआत शनिवार से होती है तो माता घोड़े पर सवार होकर आती हैं। माता का घोड़े पर चढ़कर आना शास्त्रों के अनुसार अशुभ माना जाता है। कहते हैं कि यह धरती पर प्राकृतिक आपदा और युद्ध का संकेत है। यह घटनाएं बढ़ जाएगी।
 
हिन्दू धर्म में गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्याओं की गुप्त तरीके से पूजा की जाती है। इस नवरात्रि में तंत्र साधना का भी महत्व है। आप जनता को इस नवरात्रि में सिर्फ व्रत रखकर आराधना ही करना चाहिए। व्रत के कड़े नियमों का पालन नहीं कर सकते हैं तो व्रत न रखें अन्यथा नुकसान होगा। इस नवरात्रि में भूलकर भी कुछ कार्य नहीं करना चाहिए।ALSO READ: Das mahavidya: गुप्त नवरात्रि में नौदुर्गा नहीं 10 महाविद्याओं की होती है पूजा, जानें सभी का परिचय
 
1. व्रत रखने वालों को दाढ़ी-मूंछ, बाल और नाखून नहीं कटवाने चाहिए। 
 
2. खाने में तामसिक भोजन, प्याज, लहसुन और नॉनवेज आदि न खाएं।
 
3. तम्बाकू या किसी भी प्रकार के व्यसन से व्रत खंडित होता है।
 
4. व्रत में नौ दिनों तक खाने में अनाज और नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। 
 
5. फलाहार एक ही जगह पर बैठकर ग्रहण करें। 
 
6. शारीरिक संबंध बनाने से व्रत का फल नहीं मिलता है।
 
7. अगर अखंड ज्योति जला रहे हैं तो इन दिनों घर खाली छोड़कर नहीं जाएं। 
 
8. नौ दिन का व्रत रखने वालों को गंदे और बिना धुले कपड़े नहीं पहनने चाहिए। 
 
9. व्रत रखने वाले लोगों को बेल्ट, चप्पल-जूते, बैग जैसी चमड़े की चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। 
 
10. व्रत रखने वालों को नौ दिन तक नींबू नहीं काटना चाहिए।
 
11. विष्णु पुराण के अनुसार, नवरात्रि व्रत के समय दिन में सोना निषेध है।
 
12. चालीसा, मंत्र या सप्तशती पढ़ रहे हैं तो पढ़ते हुए बीच में दूसरी बात बोलने या उठने की गलती कतई न करें। इससे पाठ का फल नकारात्मक शक्तियां ले जाती हैं।ALSO READ: गुप्त नवरात्रि की 10 महाविद्याओं के 10 मंत्र, तुरंत होते हैं सिद्ध

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