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Last Updated : शनिवार, 10 फ़रवरी 2024 (01:05 IST)

अर्थव्यवस्था पर श्वेत पत्र 2024 में ही क्यों? खुद PM मोदी से जानिए

अर्थव्यवस्था पर श्वेत पत्र 2024 में ही क्यों? खुद PM मोदी से जानिए - White Paper on Economy Why only in 2024? Know from PM Modi himself
White paper in Parliament regarding economy: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार 2014 में ही सत्ता में आने पर अर्थव्यवस्था पर श्वेत पत्र ला सकती थी, लेकिन उन्होंने 'राजनीति' के बजाय 'राष्ट्रनीति' को चुना क्योंकि वह देश का आत्मविश्वास डिगाना नहीं चाहते थे।
 
श्वेत पत्र आम चुनाव से पहले पिछले संसद सत्र में पेश किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की आलोचना करते हुए एक श्वेत पत्र पेश किया और कहा कि उस सरकार ने अंधाधुंध राजस्व व्यय, बजट से ज्यादा उधार लेने और बैंकों पर न चुकाए गए ऋणों का बोझ बढ़ाकर भारतीय अर्थव्यवस्था को गैर-निष्पादित अर्थव्यवस्था में बदल दिया था।
 
राजनीति नहीं राष्ट्रनीति : एक बिजनेस समिट को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि 2014 से पहले के दशक में देश जिन नीतियों पर चल रहा था, वे देश को दिवालियापन की राह पर ले जा रही थीं।
 
उन्होंने कहा कि इस पर हमने संसद में अर्थव्यवस्था पर एक श्वेत पत्र पेश किया है। मोदी ने कहा कि इस पर चर्चा जारी है। इतना बड़ा दर्शक वर्ग है तो मैं अपने 'मन की बात' भी कहना चाहूंगा कि जो श्वेत पत्र मैं अभी लेकर आया हूं, वह मैं 2014 में भी ला सकता था। अगर मेरा मकसद राजनीतिक लाभ लेना होता तो मैं 10 साल पहले ही ये आंकड़े लोगों के सामने रख देता। मोदी ने कहा कि 2014 में श्वेत पत्र लाना उनके लिए राजनीतिक रूप से अनुकूल होता।
 
मुझे लगा, सच बताना चाहिए : उन्होंने कहा कि राजनीति ने मुझे ऐसा करने के लिए कहा लेकिन राष्ट्रनीति ने मुझे ऐसा करने की अनुमति नहीं दी और इसलिए, मैंने 'राजनीति' के बजाय 'राष्ट्रनीति' को चुना। और जब 10 वर्षों में स्थिति मजबूत हो गई है और हम किसी भी हमले का सामना कर सकते हैं, तब मैंने सोचा कि मुझे लोगों को सच बताना चाहिए और इसीलिए मैंने संसद में श्वेत पत्र पेश किया।
 
हम कहां से कहां पहुंचे : मोदी ने कहा कि जब आप इसे देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि हम कहां थे और किस स्थिति से उठकर यहां तक पहुंचे हैं। अब आप विकास की नई ऊंचाई देख रहे हैं। मोदी ने कहा कि यह उनकी गारंटी है कि उनके तीसरे कार्यकाल में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
 
तीसरे कार्यकाल का खाका तैयार : मोदी ने कहा कि वह तीसरे कार्यकाल के लिए पहले से ही पूरी रूपरेखा तैयार करना शुरू कर चुके हैं और 15 लाख से अधिक लोगों से सुझाव लिए हैं। प्रधानमंत्री ने साथ ही कहा कि नया भारत अब बेहद तेज गति से काम करेगा। उन्होंने कांग्रेस नीत संप्रग के शासनकाल की तुलना में अपने 10 वर्षों के कार्यकाल में काम की गति और शासन की शैली में आए बदलाव का ब्योरा देते हुए कहा कि उनका तीसरा कार्यकाल और भी बड़े फैसलों का गवाह बनेगा।
 
प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं पूरी रूपरेखा तैयार कर रहा हूं (तीसरे कार्यकाल की)। मैंने अनेक प्रकार से 15 लाख से अधिक लोगों से सुझाव लिए हैं। मैं पहली बार ये बात बता रहा हूं। काम जारी है और 20-30 दिन में यह अंतिम रूप ले लेगा। नया भारत इसी तेज गति से काम करेगा। ये मोदी की गारंटी है। प्रधानमंत्री ने पिछली सरकार की अर्थव्यवस्था के कथित कुप्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा सहित अन्य शासन संबंधी मुद्दों और संसद में लाए गए ‘श्वेत पत्र’ का जिक्र किया। (भाषा/वेबदुनिया) 
Edited by: Vrijendra Singh
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