इंदौर के चिकित्‍सक बोले... ‘वैक्‍सीन’ से डरें नहीं, हमने लगवाया है, ‘गो फॉर इट’ यह बि‍लकुल सुरक्षि‍त है

कोरोना वायरस से बचाव के लिए अब 60 साल तक के उम्र के बुजुर्गों के लिए वैक्‍सीन की शुरुआत हुई हैं। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैक्‍सीनेशन करवाया है। ऐसे में वेबदुनिया ने इंदौर के चिकित्‍सकों से चर्चा कर यह जानने की कोशिश की है कि वैक्‍सीन को लेकर यहां क्‍या स्‍थि‍ति है। चर्चा में यह निकलकर सामने आया है कि लोग वैक्‍सीन लगवाना चाहते हैं, वे अपने जान-पहचान वाले डॉक्‍टरों को फोन कर वैक्‍सीन के बारे में इन्‍क्‍वॉरी भी कर रहे हैं, लेकिन वे डरे हुए भी हैं। वैक्‍सीन को लेकर लोगों में कहीं न कहीं एक असंमजस की स्‍थि‍‍ति भी है। हालांकि डॉक्‍टरों का कहना है कि इससे डरे नहीं, यह सुरक्षि‍त है, गो फॉर इट।

वैक्‍सीन के लिए सरकारी में जाएं या प्राइवेट का रुख करें, इसके लिए रजिस्‍ट्रेशन कैसे होगा, उसकी प्रक्र‍िया क्‍या होगी, उसे लेकर किसी तरह के साइड इफेक्‍ट्स आदि के बारे में डॉक्‍टरों ने खुलकर अपनी राय जाहिर की है। डॉक्‍टरों का कहना है कि लोगों को वैक्‍सीन के लिए खुद आगे आना चाहिए, इसमें कोई साइड इफेक्‍ट नहीं है, वे खुद के साथ ही अपने परिवार के सदस्‍यों का भी वैक्‍सीनेशन करवा चुके हैं, आइए जानते हैं इंदौर के चिकित्‍सक क्‍या कहते हैं वैक्‍सीनेशन को लेकर।

मैंने अपनी मां को भी लगवाया
कोरोना वैक्‍सीन का 60 साल के बुजुर्गों के लिए जो अभि‍यान आज से शुरू हुआ है, उसका रिस्‍पॉन्‍स बहुत अच्‍छा है। लोग काफी रुझान ले रहे हैं। जानकारी के लिए भी लोग आ रहे हैं। यह अच्‍छी बात है। मैंने खुद ने भी अपनी मां को वैक्‍सीन लगवाया है। लोग जागरुक हो रहे हैं, हालांकि और ज्‍यादा जागरुकता की जरुरत है। डॉ संजय खरे, स्‍कि‍न वि‍शेषज्ञ, एमवॉय अस्‍पताल इंदौर
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थो कन्‍फ्यूजन है, धीरे-धीरे यह कम हो जाएगा
लोगा में जागरुकता है, वैक्‍सीन लगाने के लिए लोग अस्‍पताल में जा रहे हैं, सरकारी में भी काफी लोग आ रहे हैं, क्‍योंकि यहां टीका निशुल्‍क है। हालांकि कुछ लोगों के मन में वैक्‍सीन को लेकर थोड़ा कन्‍फ्यूजन है, लेकिन मेरा मानना है कि धीरे-धीरे यह असंमजस कम हो जाएगा, लोगों को जागरुक होकर आगे आना चाहिए। मैंने हमारे घर में सभी को वैक्‍सीन लगवाया है, अब तो हमारे सेकंड डोज का वक्‍त आ गया है।- डॉ आरके माथूर, रिटार्यड एचओडी, सर्जरी एमवॉय इंदौर

हमें अब तक कोई निर्देश नहीं मिले
लोगों को दिलचस्‍पी तो है, मेरे पास भी रोजाना कई इन्‍कवॉरीज आ रही हैं, आज ही सुबह से 10 से 12 लोगों ने कॉल कर पूछा है। हालांकि लोग कुछ डरे हुए भी हैं। अभी सेल्‍फ रजिस्‍ट्रर्ड के लिए लिंक तो दे दी है, लेकिन हमें अभी तक कोई निर्देश नहीं मिले है कि क्‍या करना है, कैसे करना है। न ही यह बताया गया है कि वैक्‍सीन की उपलब्‍धता क्‍या होगी, उसे कैसे स्‍टोरेज करना है। न ही हमें इस बारे में कोई मेल आया है। जहां त‍क डर का सवाल है तो अब तक कोई समस्‍या नहीं हुई है। मैंने भी पहला डोज लिया है, कुछ मामूली लक्षणों के अलावा कोई तकलीफ नहीं है। टीकाकरण में सामान्‍य से लक्षण तो सामने आते ही हैं।-डॉ आशा पंडि‍त, रिटायर्ड आईडीपीएस, स्‍वास्‍थ्‍य विभाग, इंदौर
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लिंक में थोी प्रॉब्‍लम आ रही है
ज्‍यादातर लोग वैक्‍सीन लगवाने के लिए तैयार हैं। हालांकि लिंक से रजिस्‍टर्ड करने में थोड़ी समस्‍या आ रही है, किसी का रजिस्‍ट्रेशन हो रहा है, किसी का नहीं हो रहा है। मेरे पास फोन आ रहे हैं लोगों के कि क्‍या करना है कैसे करना है। इस बारे में लोगों को प्रोत्‍साहित करने के लिए नर्सिंग संगठन के सदस्‍यों की चर्चा भी चल रही है कि कैसे लोगों को जागरुक किया जाए।-डॉ विजय हराल्‍का, पूर्व अध्‍यक्ष नर्सिंग होम ऐसासिएशन, इंदौर
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