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  4. up vidhansabha special session has clarified the picture of dissatisfaction in the opposition
Written By Author विकास सिंह
Last Updated : शुक्रवार, 4 अक्टूबर 2019 (13:12 IST)

यूपी में 36 घंटे के सत्र में विपक्ष के कई विधायकों का अपनी ही पार्टी से दिखा 36 का आंकड़ा

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लखनऊ । उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं वर्षगांठ पर बुलाए गए विधानसभा का विशेष सत्र में विपक्ष की एकता तार-तार हो गई है। 36 घंटे के इस विशेष सत्र में विपक्षी विधायकों का अपनी ही पार्टी से छत्तीस का आंकड़ा दिखाई दिया। विपक्ष के सामूहिक बहिष्कार के बीच कई विपक्षी विधायक न केवल सदन की बैठक में शामिल होने पहुंचे बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ में कसीदे गढ़ते भी नजर आए।
  
विधानसभा के विशेष सत्र में पहले दिन कांग्रेस विधायक अदिति सिंह पार्टी के निर्दशों को दरकिनार करते हुए सदन में पहुंची तो दूसरे दिन मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई और प्रगितशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव भी अचानक सदन में पहुंच गए।

सदन में पहुंचे शिवपाल सिंह यादव एक ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ में कसीदे गढ़ रहे थे तो दूसरी ओर उनकी पुरानी पार्टी के नेता विधानसभा के बाहर योगी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। सदन में शिवपाल यादव ने सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि प्रदेश का नेतृत्व एक ईमानदार मुख्यमंत्री के हाथ में है। इसके साथ ही शिवपाल सिंह यादव सरकार की कई योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री के नेतृत्व की तारीफ की। 
सपा में वापसी की गुंजाइश नहीं – सदन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करने के बाद बाहर निकले शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि अब समाजवादी पार्टी में वापसी की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि अलग पार्टी बनाने के बाद अब वापसी के सभी रास्ते बंद हो चुके है।

वहीं मीडिया ने जब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के उनके लिए पार्टी के दरवाजे खुले होने वाले बयान पर सवाल किया तो शिवपाल ने ऐसे शब्दों को अपने लिए अपमानजनक बातते हुए कहा कि पार्टी मैंने खड़ी की है, मेरे लिए दरवाजा खोलने की बात बोलना मेरा अपमान है। 
 
सत्र में बिखर गया विपक्ष- गांधी जयंती पर योगी सरकार के बुलाए गए 36 घंटे के विशेष सत्र में कई नेताओं ने अपनी पार्टी को बगावती तेवर दिखा दिए। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की संसदीय सीट रायबरेली से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह पार्टी के निर्देशो को दरकिनार पर बैठक में शामिल हुई।
अदिति सिंह कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की टीम का अहम हिस्सा मानी जाती है ऐसे में अदिति सिंह के इस कदम से उनके भाजपा में जाने की अटकलें तेज हो गई है। इससे पहले अदिति सिंह जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के मोदी सरकार के फैसले का भी समर्थन कर चुकी है।
 
इसके साथ ही विशेष सत्र में समाजवादी पार्टी के विधायक नितिन अग्रवाल भी सदन में नजर आए। पिछले काफी समय से नितिन अग्रवाल के भाजपा नेताओं के संपर्क में होने की खबरे सामने आ रही थी। सपा विधायक नितिन अग्रवाल के पिता नरेश अग्रवाल पहले ही समाजवादी पार्टी का साथ छोड़ भाजपा में शामिल हो चुके है।
 
विशेष सत्र में पार्टी अनुशासन के लिए पहचानी जाने वाली बसपा के खेमे में भी भाजपा बड़ी सेंध लगाने में कामयाब दिखी है। बसपा विधायक अनिल सिंह, बृजेश सिंह और असलम रायनी भी सदन में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पीएम मोदी  की तारीफ में कसीदे गढ़े।

दोनों ही विधायकों ने अपनी ही पार्टी को घेरते हुए कहा कि बसपा अपने उद्देश्यों से भटक गई है। श्रावस्ती से विधायक असलम रायनी ने सदन में अपनी पार्टी पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ की जमकर तारीफ की।