Udaipur : Udaipur Murder Case पर Rajasthan के DGP का बड़ा खुलासा- सामने आया पाक कनेक्शन

पुनः संशोधित बुधवार, 29 जून 2022 (20:10 IST)
हमें फॉलो करें
जयपुर। Udaipur Murder Case News : राजस्थान के पुलिस महानिदेशक ने बुधवार को बताया कि उदयपुर में टेलर की नृशंस हत्या की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि हत्या में शामिल 2 आरोपियों में से एक के पाकिस्तान के इस्लामिक संगठन दावत-ए- इस्लामी से लिंक मिले हैं और उसने 2014 में कराची का दौरा किया था।

पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस ने दर्जी कन्हैया लाल की हत्या में शामिल मुख्य दो आरोपियों के संपर्क में रहने वाले तीन और लोगों को हिरासत में लिया है। उन्होंने बताया कि रियाज अख्तरी और गौस मोहम्मद के रूप में पहचान किये गये दो लोगों ने मंगलवार को उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल की दुकान गला काट कर उसकी हत्या कर दी और ऑनलाइन वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि वे इस्लाम के अपमान का बदला ले रहे है।
प्रदेश पुलिस प्रमुख ने कहा कि दोनों को मंगलवार को हिरासत में लिया गया और उनके खिलाफ खिलाफ गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के साथ साथ अन्य भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
लाठर ने कहा कि हत्या में शामिल एक आरोपी गौस मोहम्मद के कराची के इस्लामिक संगठन ‘दावत-ए-इस्लामी से लिंक पाए गए हैं। वे 2014 में करांची गया था। हत्या में शामिल दो मुख्य आरोपियों सहित अभी तक हमने पांच लोगों को हिरासत में लिया है। जब उनसे पूछा गया कि दोनों आरोपियों के लिंक दावत ए इस्लामी से थे तो लाठर ने कहा कि इससे इंकार नहीं किया जा सकता है क्योंकि दोनों समान रूप से शामिल थे।
लाठर ने कहा कि सभी दृष्टिकोणों को देखते हुए और मुख्यमंत्री के निर्देश पर इसे आतंक का कार्य माना गया है। इसलिये मामले में गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि एनआईए ने भी मदद की अपील की थी और एनआईए की टीम उदयपुर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि मामला एनआईए को स्थानांतरित कर दिया गया है और राज्य पुलिस उनकी मदद करेगी।
लाठर ने बताया कि 2014 में गौस मोहम्मद कराची के दावत ए इस्लामी संगठन गया था। इस संगठन के मुंबई और दिल्ली में कार्यालय है। पुलिस महानिदेशक ने बताया कि हिरासत में लिया गया आरोपी रियाज वेल्डिंग का काम करता है और गौस मोहम्मद छोटे-मोटे काम करता है। उन्होंने बताया कि यह भी पता चला कि कन्हैया की हत्या में प्रयोग में लिया गया हथियार रियाज ने चार पांच साल पहले बनाया था।
दो मुख्य आरोपियों के सीमा पार कनेक्शन पर लाठर ने कहा कि राज्य पुलिस को सभी डिजिटल साक्ष्य मिल रहे है और इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 452, 153 (ए), 153 (बी), 295 (ए) और 34 और यूएपीए 1967 की धारा 16,18 और 20 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
लाठर ने के खिलाफ 10 जून को नाजिम द्वारा धान मंडी थाने में कथित आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने के दर्ज मामले का भी जिक्र किया। 11 जून को कन्हैया को गिरफ्तार किया गया और अगले दिन उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि 15 जून को कन्हैयालाल ने थाने में अर्जी दी थी कि चार पांच लोग उसका पीछा कर रहे है और उसकी जान का खतरा है। थानाधिकारी स्थिति की गंभीरता का आकलन करने में विफल रहे। विशेषतौर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहे विवादित बयान के बाद की परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने (थानाधिकारी) स्थिति की गंभीरता का आकलन करने में विफल रहे।

उन्होंने कहा कि मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई और इस मुद्दे को बिना किसी कानूनी कार्रवाई के सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा लिया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले में सहायक पुलिस उपनिरीक्षक को मंगलवार को निलंबित कर दिया गया था और बुधवार को थानाधिकारी को मामले में लापरवाही के लिये निलंबित कर दिया गया।
मूक दर्शक बनी रही राजस्थान सरकार : केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने राजस्थान के उदयपुर में दो व्यक्तियों द्वारा एक दर्जी की नृशंस हत्या करने की घटना की निंदा करते हुए बुधवार को कहा कि राज्य सरकार इस पर ‘मूकदर्शक’ बनी रही और कांग्रेस की आंतरिक प्रतिद्वन्द्विता के कारण कानून एवं व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हुई है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री ठाकुर ने उदयपुर के धानमंडी थानाक्षेत्र में टेलर की नृशंस हत्या किए जाने के बारे में सवालों के जवाब में यह बात कही। केंद्रीय मंत्री राजस्थान के मुख्यमंत्री की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को देश में बढ़ते साम्प्रदायिक तनाव पर राष्ट्र को संबोधित करना चाहिए। ठाकुर ने कहा कि कानून एवं व्यवस्था राज्य का मुद्दा होता है । उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हमेशा अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लेते हैं ।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने कहा कि यह कोई पहला उदाहरण नहीं है। ऐसी कई घटनाएं घटी हैं लेकिन इस बार सभी सीमाएं पार हो गई। यह अत्यंत निंदनीय है। ठाकुर ने कहा कि उदयपुर में जो कुछ भी हुआ, वह राजस्थान में प्रशासन पर सवालिया निशान खड़ा करता है क्योंकि यह शांतिपूर्ण प्रदेश है और यहां दुनियाभर से पर्यटक आते हैं ।

उन्होंने कहा कि
यह एक बड़ा उदाहरण है कि किस प्रकार से राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार के तहत कानून एवं व्यवस्था की स्थिति ध्वस्त हुई है। सात दिन पहले एक वीडियो जारी हुआ और इसके बाद कोई एहतियाती कदम नहीं उठाया गया तथा सरकार मूकदर्शक बनी रही । इससे स्पष्ट होता है कि किस प्रकार से वोट बैंक की राजनीतिक के कारण कानून एवं व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हुई और आतंक को को जड़ें जमाने दी गईं। मंत्री ने दावा किया कि पूरे राज्य में भय का माहौल बनाया जा रहा है और कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व एवं गहलोत सरकार ‘मूकदर्शक’ बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि मैं कहना चाहता हूं कि कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई से कानून एवं व्यवस्था प्रभावित हुई है और सरकार के नाम पर वहां कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि अब एनआईए की जांच शुरू हुई है और उन्हें पूरा विश्वास है कि तेजी से कार्रवाई की जाएगी।



और भी पढ़ें :