यूपी में कड़ी टक्कर की ओर बढ़ती चुनावी जंग, भाजपा को अभी भी बढ़त

2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को रिकॉर्ड 325 सीटें मिली थीं, वहीं सपा को 48 सीटें मिली थीं। मायावती की बसपा को 7 तथा कांग्रेस को 4 सीटें मिली थीं। राज्य में बहुमत के लिए 202 सीटों की जरूरत है।

पुनः संशोधित शनिवार, 13 नवंबर 2021 (18:53 IST)
नई दिल्ली। (Uttar Pradesh Assembly Election 2022) की समय जैसे-जैसे करीब आ रहा है, मतदाताओं के रुझान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। एक वक्त भाजपा के लिए एकतरफा जीत दिखाई दे रही थी, लेकिन अब मुकाबला कड़ी टक्कर में तब्दील होता दिखाई दे रहा है। हालांकि अब भी पलड़ा भाजपा का ही भारी दिख रहा है।

सितंबर में एबीपी न्यूज द्वारा करवाए गए सर्वे में भाजपा को 259 से 267 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया था, जबकि समाजवादी पार्टी को 152 से 160 सीटें मिलती दिखाई दे रही थीं। लेकिन, नवंबर माह में कराए गए सर्वे में आंकड़े कुछ बदले हुए नजर आ रहे हैं।

ताजा सर्वे के मुताबिक भाजपा को 213 से 221 सीटें मिल सकती हैं, जबकि समाजवादी पार्टी की स्थिति में सुधार होता दिख रहा है। नए सर्वे के मुताबिक सपा को 152 से 160 सीटें मिल सकती हैं। बसपा को जहां 16 से 20 सीटें मिल सकती हैं, वहीं को 6 से 10 सीटें मिलने का अनुमान व्यक्त किया गया है। अन्य दलों के खाते में 2 से 6 सीटें जा सकती हैं।

जहां तक मुख्‍यमंत्री पद की बात है तो को 41 फीसदी लोगों का मानना है कि योगी आदित्यनाथ एक बार फिर मुख्‍यमंत्री बनने चाहिए, जबकि 31 फीसदी लोग अखिलेश को इस पद पर देखना चाहते हैं। यूपी चुनाव में अभी 4-5 महीने का वक्त है। माना जा रहा है कि इस स्थिति में परिवर्तन आ सकता है।

उल्लेखनीय है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को रिकॉर्ड 325 सीटें मिली थीं, वहीं सपा को 48 सीटें मिली थीं। मायावती की बसपा को 7 तथा कांग्रेस को 4 सीटें मिली थीं। राज्य में बहुमत के लिए 202 सीटों की जरूरत है।



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