sawan somwar

पत्थरबाजों के मानवाधिकार, सैनिकों के क्यों नहीं...

Updated: गुरुवार, 8 फ़रवरी 2018 (14:45 IST)
क्या कश्मीर में पत्थरबाजों के ही मानवाधिकार होते हैं, सैनिकों के नहीं? इसी सवाल के साथ सैनिकों के बच्चों ने मानवाधिकार आयोग से गुहार लगाई है। 
 
गौरतलब है कि सेना की टुकड़ी पर पत्थर फेंकने वालों पर सेना की जवाबी कार्रवाई में दो नागरिकों की मौत हो गई थी। इसके बाद राज्य पुलिस ने सेना के एक अधिकारी पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। बाद में सेना ने भी जवाबी एफआईआर दर्ज कराई थी।
 
सैनिकों के बच्चों ने अपनी शिकायत के बाद एक टीवी चैनल से बातचीत में बताया कि हमने आयोग से कहा है कि क्या कश्मीर में पत्थरबाजों के ही मानवाधिकार होते हैं, सैनिकों के कोई मानवाधिकार नहीं होते। दरअसल, पत्थरबाजों से मामले वापस लेने और सैनिकों पर मामले दर्ज करने की घटनाओं से चिंतित सैनिकों के बच्चों ने मानवाधिकार आयोग से गुहार लगाई है। 
 
इन बच्चों ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष एचएल दत्तू को लिखे पत्र में भारतीय सेना के जवानों के मानव अधिकारों के संरक्षण की मांग की है और पूछा है कि राज्य के पत्थरबाजों पर रहम और सैनिकों पर सितम क्यों हो रहा है? बच्चों का तर्क है कि पत्थरबाज रोज सैनिकों के मानव अधिकारों का उल्लंघन कर रहे हैं। पत्र लिखने वालों में प्रीति, काजल मिश्र और प्रभाव हैं। इनमें से दो बच्चे एक लेफ्टिनेंट कर्नल के हैं और एक रिटायर्ड नायब सूबेदार की बेटी है।
 
बच्चों ने अपने आवेदन में लिखा है कि जम्मू-कश्मीर का स्थानीय प्रशासन आंखें बंद कर स्थानीय लोगों का पक्ष ले रहा है। इसकी वजह से पत्थरबाज न केवल सैनिकों पर पत्थर बरसाते हैं बल्कि उनकी जान को इनसे हमेशा खतरा बना रहता है। पत्थरबाज अक्सर जान से मारने की धमकी भी देते हैं। बच्चों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में एक गुप्त युद्ध लड़ा जा रहा है। घाटी के लोग सेना के जवानों को ही अपना दुश्मन मानने लगे हैं।

Show comments

Ather का सबसे सस्ता Electric Scooter, कीमत सुनकर रह जाएंगे हैरान, 120Km Range के साथ आएगा Konarc

Meta CEO Mark Zuckerberg ने भारत से मांगी माफी, 5-6 घंटे तक Facebook से हटाया गया था PM Modi का वीडियो

E20 Petrol : क्या सरकार ला रही है Flex-Fuel वाहनों के लिए नई पॉलिसी? सरकार ने दिया बड़ा अपडेट

CJP प्रोस्टेट पर बोले CJI- युवाओं की बात सुननी चाहिए, हिंसा का जवाब हिंसा नहीं हो सकता

No Insurance, No Fuel प्रोजेक्ट क्या है, सुप्रीम कोर्ट क्यों करना चाहता है लागू और आप पर कैसे पड़ेगा असर

सभी देखें

BSP के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन

SpaceX Rocket Moon Crash : 8,700 Kmph की रफ्तार से चांद से टकराया SpaceX रॉकेट का हिस्सा, वैज्ञानिकों ने टेलीस्कोप से रखी नजर, देखें Video

Sheikh Hasina Return : शेख हसीना ने किया ऐलान- दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी, बोलीं- गिरफ्तारी या मौत का भी डर नहीं, भारत ने कार्यक्रम से क्यों बनाई दूरी

E20 Petrol : क्या सरकार ला रही है Flex-Fuel वाहनों के लिए नई पॉलिसी? सरकार ने दिया बड़ा अपडेट

Weather Alert : कैसा रहेगा कल का मौसम, 5 अगस्त को कहां होगी बारिश, IMD ने किन राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

अगला लेख