विपक्ष का हंगामा जारी रहा, पांच बार बाधित होने के बाद राज्यसभा पूरे दिन के लिए स्थगित

Last Updated: मंगलवार, 10 अगस्त 2021 (21:56 IST)
हमें फॉलो करें
नई दिल्ली। सहित विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण मंगलवार को राज्यसभा की बैठक बार-बार बाधित होने के बाद शाम चार बजे दिनभर के लिए कर दी गई। उच्च सदन की बैठक हंगामे के कारण दोपहर दो बजे से पहले दो बार तथा दो बजे के बाद तीन बार बाधित हुई। हंगामे के कारण उच्च सदन में शून्यकाल नहीं हो पाया, प्रश्नकाल बेहद संक्षिप्त रहा और 'देश में कृषि से संबंधित समस्याओं और उनके समाधान' पर अल्पकालिक चर्चा में केवल दो ही वक्ता अपनी बात रख पाए।
ALSO READ:

PM मोदी को अपने राज्यसभा सांसदों पर क्यों आया गुस्सा?

सुबह 11 बजे बैठक शुरू होने पर सभापति एम. वेंकैया नायडू ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। इसके बाद सभापति ने सदन को सूचित किया कि तृणमूल कांग्रेस के सुखेंदु शेखर राय, कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे, माकपा के इलामारम करीम तथा भाकपा के विनय विश्वम ने पेगासस मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए नोटिस दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार की ओर से सदन में बयान दिया गया था जिस पर सवाल और स्पष्टीकरण पूछे जा सकते थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि सदन में आज कृषि संबंधी समस्याएं और उनके समाधान के मुद्दे पर एक अल्पकालिक चर्चा निर्धारित है। उन्होंने कहा कि किसानों का मुद्दा बड़ा है, महत्वपूर्ण है और इस पर चर्चा होनी चाहिए। इस बीच विपक्षी सदस्यों ने पेगासस मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। सभापति ने सदस्यों से सदन की कार्यवाही चलने देने और व्यवधान न डालने की अपील की। सदन में व्यवस्था न बनते देख उन्होंने बैठक शुरू होने के महज दस मिनट के अंदर ही कार्यवाही दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी।


दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर उपसभापति हरिवंश ने प्रश्नकाल आरंभ कराया। इस बीच विपक्षी सदस्यों का हंगामा भी पुन: शुरू हो गया। हंगामे के बीच ही कुछ सदस्यों ने जलविद्युत परियोजना, कैंसर, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े पूरक सवाल पूछे और संबंधित मंत्रियों ने उनके जवाब दिए।
उपसभापति ने हंगामा कर रहे सदस्यों से बार-बार प्रश्नकाल सुचारू रूप से चलने देने का आग्रह किया लेकिन सदन में हंगामा थमते नहीं देख उन्होंने 12 बजकर करीब 30 मिनट पर सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

दो बार के स्थगन के बाद उच्च सदन की बैठक जब दोपहर दो बजे शुरू हुई तो पेगासस जासूसी विवाद सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर अड़े विपक्षी सदस्यों का सदन में हंगामा पुन: शुरू हो गया। हंगामे के बीच ही पीठासीन अध्यक्ष भुवनेश्वर कालिता ने देश में कृषि से संबंधित समस्याओं और उनके समाधान पर अल्पकालिक चर्चा शुरू कराई।
चर्चा में पहले भाजपा के विजयपाल सिंह तोमर और फिर बीजद के प्रसन्न आचार्य ने अपनी बातें रखीं। इसी बीच, आसन के समक्ष आए विपक्षी सदस्यों का हंगामा तेज हो गया जिसके कारण सदन की बैठक पीठासीन अध्यक्ष भुवनेश्वर कालिता ने दो बज कर 17 मिनट पर 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी। 15 मिनट बाद उन्होंने हंगामे के चलते बैठक और आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी।

आधे घंटे बाद यानी दोपहर करीब 3 बजे बैठक जब फिर शुरू हुई तो विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच पीठासीन अध्यक्ष भुवनेश्वर कालिता ने घोषणा की कि उपसभापति ने विभिन्न दलों के नेताओं को विचार-विमर्श के लिए अपने कक्ष में आमंत्रित किया है। इसके बाद उन्होंने बैठक को एक घंटे के लिए स्थगित कर दिया। इसके बाद जब 4 बजे उच्च सदन की बैठक पुन: शुरू हुई तो हंगामे के बीच कालिता ने बैठक को बुधवार, 11 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया।(भाषा)



और भी पढ़ें :