राहुल में तो समझ नहीं, सोनिया गांधी ही खेद प्रकट कर दें

पुनः संशोधित शुक्रवार, 13 दिसंबर 2019 (17:40 IST)
नई दिल्ली। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘रेप इन इंडिया’ बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि उन्हें तो समझ नहीं है, लेकिन उनकी माता और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को इस पर खेद प्रकट करना चाहिए।
गांधी ने झारखंड में एक रैली में सरकार की महत्वकांक्षी योजना ‘मेक इन इंडिया’ का जिक्र करते हुए कहा था कि इसको लेकर बड़ी बातें कही जा रही थीं, लेकिन अब जहां देखो वहां मेक इन इंडिया नहीं ‘रेप इन इंडिया’ है। कांग्रेस नेता के इस बयान को लेकर आज के दोनों सदनों में सत्ता पक्ष ने जबरदस्त हंगामा किया।

शीतकालीन सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने के बाद जोशी ने कहा कि गांधी का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है और यह महिलाओं तथा पूरे देश का अपमान है। उन्होंने कहा कि यह भी निंदनीय है कि कांग्रेस इस पर खेद व्यक्त करने के बजाय इसका बचाव कर रही है। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने अध्यक्ष के चेंबर में इस मुद्दे पर बातचीत के दौरान कहा कि गांधी ने यह बयान संसद के बाहर दिया है।

जोशी ने कहा कि इस मुद्दे पर गांधी तथा पार्टी के किसी भी नेता ने खेद व्यक्त नहीं किया। उन्होंने कहा कि गांधी को तो समझ नहीं है लेकिन यदि कांग्रेस पार्टी में समझ है तो पार्टी को या उनकी माता और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को इस पर खेद प्रकट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बयान देकर गांधी दुनिया भर को क्या संदेश देना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेता साध्वी निरंजन ज्योति के संसद के बाहर दिए गए एक बयान पर पिछले सत्र के दौरान हंगामा मचा था और भाजपा ने उनसे इस पर खेद प्रकट करवाया था। बाद में खुद प्रधानमंत्री ने भी खेद प्रकट किया था।

संसदीय कार्य मंत्री ने लोकसभा अध्यक्ष के सत्र की समाप्ति से पहले समापन वक्तव्य के दौरान विपक्ष के हंगामे की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी याद में यह पहला मौका है, जब समापन वक्तव्य भी शोरशराबे में पढ़ा गया। वह इसकी निंदा करते हैं।

राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के इस मुद्दे पर कांग्रेस का साथ देना भी दुर्भाग्यूपर्ण है। उन्होंने कहा कि तृणमूल नेता राज्यसभा में सत्र के दौरान भी काफी उत्तेजित नजर आए जो उचित नहीं है। उल्लेखनीय है कि इस मुद्दे पर आज संसद के दोनों सदनों में जोरदार हंगामा हुआ जिसके कारण कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।



और भी पढ़ें :