dharma sangrah

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा होगी 20 भाषाओं में

Updated: सोमवार, 18 जून 2018 (22:19 IST)
नई दिल्ली। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सीबीएसई को केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) पहले की ही तरह 20 भाषाओं में आयोजित करने का आदेश दिया है। जावड़ेकर ने ये आदेश तमिल, मलयालम, तेलुगु, कन्नड़, गुजराती और बंगला सहित 17 भाषाओं को सीटीईटी के लिए विकल्पों की सूची से हटाने के सीबीएसई के फैसले की व्यापक आलोचना होने के बाद दिए हैं। 
 
जावड़ेकर ने ट्वीट किया कि सीटीईटी परीक्षा पहले की तरह ही सभी भारतीय भाषाओं में ली जाएगी। मैंने सीबीएसई को उसी तरह सभी 20 भाषाओं में यह परीक्षा लेने का आदेश दिया है जिस तरह पहले यह परीक्षा ली जाती थी। उन्होंने आगे कहा कि सीटीईटी की परीक्षा अंग्रेजी, हिन्दी, असमिया, बंगला, गारो, गुजराती, कन्नड़, खासी, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, मिजो, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, तमिल, तेलुगु, तिब्बती और उर्दू में ली जाएगी। 
 
द्रमुक नेता कनिमोझी ने 17 भाषाओं को हटाने के सीबीएसई के पूर्व के फैसले को लेकर ट्विटर पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह फैसला अलग-अलग क्षेत्रीय भाषाएं बोलने वाले लोगों के लिए गहरा झटका साबित होगा। उन्होंने लिखा कि तमिल और 16 अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा से हटाने का फैसला अत्यंत निंदनीय और संघवाद की जड़ों पर प्रहार है। सीबीएसई के तमिल मातृभाषा वाले छात्र को शिक्षकों के बिना गहरा नुकसान ही होगा।
 
कनिमोझी ने कहा कि छात्र अपनी मातृभाषा पढ़ने के बजाय हिन्दी और संस्कृत पढ़ने के लिए बाध्य हैं। इससे पूरे देश में एक अन्य भाषा संघर्ष शुरू हो जाएगा। यह हिन्दी, हिन्दू व हिन्दुस्तान बनाने की भाजपा की एक और कोशिश है। (भाषा)

Show comments

अयोध्या राम मंदिर चोरी के 81 लाख कैसे बरामद हुए? चंपत राय की चिट्‍ठी से खुला बड़ा राज

ITR Filing 2026 Deadline: 31 जुलाई से पहले ऐसे भरें आयकर रिटर्न, पेनल्टी से बचें

Weather Alert : देशभर में मानसून हुआ एक्टिव, दिल्ली समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, गुजरात-असम में बाढ़ से बिगड़े हालात

सस्ते Electric Scooters की होने वाली है इंट्री, Ather से Honda तक मचेगी हलचल

क्या जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बंद हो गए? दिल्ली पुलिस ने दिया बड़ा बयान, जानिए क्या है पूरा सच?

सभी देखें

बांग्‍लादेश से निर्वासित लेखिका तस्‍लीमा नसरीन 19 साल बाद लौटीं कोलकाता, क्‍या है कोलकाता आने की वजह?

रील बनाने जूते पहनकर ‘रथ’ पर चढ़ा मुस्लिम युवक, कोर्ट ने दी रोजाना मंदिर सफाई की सजा

धामी सरकार का बड़ा फैसला, उत्तराखंड में लागू हुआ एस्मा, 6 महीने हड़ताल पर रहेगी रोक

दतिया उपचुनाव के नतीजों से तय होगा नरोत्तम मिश्रा का राजनीतिक भविष्य?

CJP Effect! शिक्षकों की कमी, टूटी बेंचों और खराब शौचालयों को लेकर कई राज्यों में सड़कों पर उतरे स्कूली छात्र

अगला लेख