Hanuman Chalisa

वीयरेबल मोशन-सेंसर के लिए नई जलरोधी सामग्री

Updated: शनिवार, 2 अक्टूबर 2021 (12:00 IST)
नई दिल्ली, भारतीय शोधकर्ताओं ने वीयरेबल, यानी पहनने योग्य मोशन सेंसर बनाने के लिए नई जलरोधी सामग्री विकसित की है। शोधकर्ताओं का कहना है कि ये मोशन सेंसर पुनर्वास प्रक्रियाओं के दौरान चाल-ढाल के विश्लेषण, और रोगियों की निगरानी जैसे अनुप्रयोगों में उपयोगी हो सकते हैं।

वीयरेबल मोशन सेंसर आमतौर पर ऐसी सामग्री से बने होते हैं, जो मानव गति से उत्पन्न होने वाले यांत्रिक तनाव को विद्युत संकेतों में परिवर्तित करते हैं। बड़ी और सूक्ष्म दोनों गतिविधियों के प्रति यह सामग्री लचीली, मजबूत और अत्यधिक संवेदनशील होनी चाहिए।

इस अध्ययन में, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), गुवाहाटी के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी सामग्री विकसित की है, जो संवेदनशीलता और स्थायित्व दोनों दृष्टियों से मौजूदा तनाव सेंसर से बेहतर होने का वादा करती है।

अब तक, पहनने योग्य तनाव सेंसर पॉलिमर या कपड़े से बने होते थे, जिसमें विशेष सामग्री के नैनो-कणों को एम्बेड किया जाता था। इसमें गति का पता लगाने के लिए निरंतर खिंचाव बना रहता है, जो समय के साथ सामग्री की क्षमता को कम करके उसे विफलता की ओर ले जाता है।

शोधकर्ताओं ने एक धातु-मुक्त, रासायनिक रूप से प्रतिक्रियाशील और विद्युत चालकता से लैस स्याही विकसित की है, जिसे उन्होंने एक विशिष्ट पैटर्न में रासायनिक रूप से प्रतिक्रियाशील कागज पर जमा किया है।

संचालन के विभिन्न चक्रों के दौरान पैटर्न वाले इंटरफेस को स्थिर पाया गया। इसके अलावा, यह सामग्री घर्षण के प्रति सहनशील, अत्यधिक जलरोधी, और निम्न तनाव स्तरों के प्रति संवेदनशील पायी गई है।

यह अध्ययन आईआईटी, गुवाहाटी के रसायन विज्ञान विभाग के डॉ उत्तम मन्ना और इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर रॉय पैली के नेतृत्व में किया गया है।

अध्ययनकर्ताओं में, सुप्रिया दास, राजन सिंह, अविजीत दास और सुदीप्ता बाग शामिल थे। यह अध्ययन शोध पत्रिका 'मैटेरियल्स होराइजन्स' में प्रकाशित किया गया है।

डॉ मन्ना ने कहा, “इस नई सामग्री का उपयोग करके बनाया गया सेंसर इतना संवेदनशील है कि यह मुस्कुराहट और हंसी को अलग-अलग पहचान सकता है, यहां तक कि निगलने की गति का भी पता लगा सकता है। यह स्वास्थ्य देखभाल, मानव-मशीन इंटरैक्शन और ऊर्जा संचयन सहित विभिन्न क्षेत्रों में उपकरणों के विकास का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।'(इंडिया साइंस वायर)

Show comments

CJP आंदोलन के बीच CBI का बड़ा खुलासा, NEET-UG पेपर लीक केस में संजीव मुखिया के खिलाफ नहीं मिला कोई सबूत

Kia Syros EV भारत में लॉन्च, शुरुआती कीमत 13.49 लाख रुपए एक चार्ज में मिलेगी 526 किमी की रेंज

Samsung Galaxy Z Fold8, Fold8 Ultra और Flip8 लॉन्च: दमदार AI फीचर्स, नया डिजाइन और शानदार कैमरा के साथ आए नए फोल्डेबल स्मार्टफोन

गुजरात में बारिश का तांडव, वलसाड में 36 इंच, 7 ट्रेनें रद्द, सेना अलर्ट पर

सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से लगा बड़ा झटका, जब्त हुई जमानत, 3 माह में करना होगा सरेंडर

सभी देखें

PM मोदी का छात्रों के नाम Video संदेश, पेपर लीक पर और सख्त होगा कानून, कैबिनेट लाएगी नया बिल

गुजरात में बाढ़ का संकट, 1,200 सड़कें बंद और स्कूलों में छुट्टी, PM मोदी ने CM से की बातचीत, केंद्र देगा हरसंभव मदद

Kusha Missile : अब आसमान से हमला करना पड़ेगा भारी, भारत की 'कुशा' मिसाइल हवा में ही तबाह करेगी दुश्मन के फाइटर जेट, ड्रोन और क्रूज मिसाइल

गोरखपुर में विकास की नई तस्वीर, 12 दिन में CM योगी ने शुरू कराए 1,753 रुपए करोड़ के प्रोजेक्ट्स

NEET पेपर लीक विवाद पर सियासत तेज, CJP आंदोलन के बीच केंद्र सरकार और विपक्ष आमने-सामने, राहुल गांधी का मार्च, अन्ना हजारे का मौन आंदोलन

अगला लेख