प्रसाद और थरूर के अकाउंट बंद करने के मामले में संसदीय समिति ने टि्वटर से 2 दिन में मांगा जवाब

Last Updated: बुधवार, 30 जून 2021 (00:09 IST)
नई दिल्ली। संसद की एक समिति ने केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के अस्थाई रूप से बंद किए जाने के मामले में इस माइक्रो-ब्लॉगिंग इकाई से दो दिनों के भीतर जवाब तलब किया है। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सूचना प्रौद्योगिकी मामलों संबंधी स्थाई समिति ने टि्वटर को पत्र भेजकर दो दिनों के भीतर जवाब मांगा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर इस समिति के प्रमुख हैं।
इस समिति ने ऐसे समय में यह कदम उठाया है जब नए आईटी नियमों समेत कई मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार और टि्वटर के बीच रस्साकशी चल रही है। सूत्रों ने बताया कि थरूर ने समिति को निर्देश दिया था कि प्रसाद और उनके अकाउंट पर रोक लगाने को लेकर टि्वटर से जवाब मांगा जाए।

दरअसल, प्रसाद ने कुछ दिनों पहले ट्वीट कर अपने अकाउंट को अस्थाई रूप से बंद किए जाने की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था, दोस्तो! आज कुछ बहुत ही अनूठा हुआ। टि्वटर ने संयुक्त राज्य अमेरिका के डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट अधिनियम (डीएमसीए) के कथित उल्लंघन के आधार पर लगभग एक घंटे तक मेरे अकाउंट तक पहुंच को रोका और बाद में उन्होंने मुझे अकाउंट के उपयोग की अनुमति दी।
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प्रसाद के इस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए सूचना प्रौद्योगिकी मामलों संबंधी स्थाई समिति के प्रमुख थरूर ने कहा था, रवि जी, मेरे साथ भी यही हुआ। स्पष्ट रूप से डीएमसीए अति सक्रिय हो रहा है। कांग्रेस सांसद के मुताबिक, टि्वटर ने उनके एक ट्वीट को डिलीट कर दिया क्योंकि इससे किसी जमाने में मशहूर रहे वोकल ग्रुप (संगीत समूह) ‘बोनी एम’ के गाने ‘रासपुतिन’ से संबंधित कॉपीराइट का मामला जुड़ा था।
थरूर ने कहा कि एक पूरी प्रक्रिया के बाद उनका अकाउंट फिर से शुरू कर दिया गया। उन्होंने कहा था कि इस मामले को लेकर टि्वटर से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।(भाषा)



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