पाक बोट : तस्कर होते तो खुदकुशी नहीं करते- रक्षामंत्री

Last Updated: सोमवार, 5 जनवरी 2015 (10:25 IST)
हमें फॉलो करें
नई दिल्ली। पोरबंदर से करीब 365 किलोमीटर दूर बीच समुद्र में तटरक्षक बलों की ओर से पाकिस्‍तानी बोट की घेराबंदी किए जाने और फिर उसमें ब्‍लास्‍ट के मामले में रक्षा मंत्री ने सोमवार को कहा कि यदि बोट में सवार लोग तस्‍कर होते तो वे ब्‍लास्‍ट नहीं करते।
भारतीय रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जिस रास्ते से यह बोट आई थी वह मथुआरों का रास्ता नहीं था। अब इसमें सवार चाहे आतंकी या तस्कर थे लेकिन वे पाकिस्तानी एजेंसियों के संपर्क में थे जिससे उनके आतंकवादी होने का शक बढ़ता है। > उन्‍होंने कहा कि ये बोट सामान्‍य रास्‍ते से भारतीय जलसीमा में नहीं आई थी। पार्रिकर ने सवालिया लहजे में कहा कि यदि बोट में सवार लोग तस्‍कर होते तो वे फिर पाक एजेंसियों के संपर्क में क्‍यों होते?> रक्षामंत्री मनोहर पर्लिकर ने कहा यह संदिग्ध आतंकवादी कार्रवाई लगती है, क्योंकि कोई तस्कर खुदकुशी क्यों करते। खुदकुशी से आतंकवादी होने का शक होता है। दूसरी बात यह कि इस बोट के सवार पाकिस्तान की एजेंसियों के संपर्क में थे। यदि तस्कर होते तो उनको इसकी जरूरत नहीं होती।
 
रक्षामंत्री ने स्पष्ट किया कि यह तस्करी का मामला नहीं है यह संदिग्ध आतंकवादी कार्रवाई लगती है। यह बोट जिस रास्ते से आई थी वह रास्ता मछुआरों वाला नहीं था अत: यह मछुआरे भी नहीं थे। उन्‍होंने कहा कि ये बोट सामान्‍य रास्‍ते से भारतीय जलसीमा में नहीं आई थी।

उन्‍होंने कहा कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के पास इस पाकिस्‍तानी बोट के बारे में पूरी पुख्‍ता जानकारी थी। करीब 12-14 घंटे तक बोट पर निगरानी रखी गई थी। उन्‍होंने बोट मामले में बेहतर ढंग से निपटने के लिए भारतीय तटरक्षक बलों की भूमिका की सराहना की। रक्षा मंत्री पार्रिकर ने भारतीय तटरक्षक के साथ ही इस अभियान में शामिल जवानों की प्रशंसा जो ‘बिना अनुमति वाली नौका’ की समय पर सटीक तरीके से घेराबंदी करने के अभियान में शामिल थे जिससे एक संभावित खतरा टल गया।



और भी पढ़ें :