रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत पीछे, NSA अजीत डोभाल को इस बात का दुख

पुनः संशोधित मंगलवार, 15 अक्टूबर 2019 (22:05 IST)
नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने रक्षा आधुनिकीकरण की आवश्यकता पर जोर देते हुए मंगलवार को कहा कि प्रौद्योगिकी भू-राजनीति में जीतने की कुंजी है और को राष्ट्रीय सुरक्षा बढ़ाने के लिए उभरती हुई वास्तविकताओं के साथ बुनियादी बातों पर पुनर्विचार करने और अपने ढांचों को फिर से संयोजित करने से पीछे नहीं हटना चाहिए।
डीआरडीओ सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत पीछे है। उन्होंने पाया कि देश की सुरक्षा कमजोरियां आज बहुत अधिक हैं और आने वाले समय में और भी अधिक होने वाली हैं।

डोभाल ने कहा कि बेहतरीन उपकरणों से सुसज्जित सेनाओं के नियंत्रण में हमेशा चीजें रहती हैं जो मानव जाति के भाग्य का फैसला करती हैं।
उन्होंने कहा कि उनके पास हमेशा उच्च प्रौद्योगिकी रही है और इस बारे में भारत का अपना ऐतिहासिक अनुभव दुखद रहा है क्योंकि यह हमेशा पिछड़ता रहा है और पिछड़ने वालों को कुछ नहीं मिलता है।

विज्ञापन
Traveling to UK? Check MOT of car before you buy or Lease with checkmot.com®
 

और भी पढ़ें :