उदयपुर हत्याकांड : NIA कर रही मामले में पाकिस्तान के तार जुड़े होने की जांच, राजसमंद में प्रदर्शन

पुनः संशोधित गुरुवार, 30 जून 2022 (00:38 IST)
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जयपुर/नई दिल्ली। उदयपुर हत्याकांड में जांच अधिकारी दर्जी की हत्या करने वाले एक शख्स और के एक इस्लामी संगठन के बीच संभावित तार जुड़े होने की संभावना का पता लगा रहे हैं। इस घटना की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) कर रहा है, वहीं पूरी सतर्कता बरत रही है।
राजसमंद जिले के भीम कस्बे में एक प्रदर्शन मार्च के दौरान एक पुलिसकर्मी पर तलवार से हमला कर दिया गया। पुलिस ने एक मस्जिद की ओर बढ़ रही और पथराव कर रही भीड़ को रोकने के लिए आंसूगैस के गोले छोड़े।

उदयपुर में की अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। उस पर मंगलवार को दो लोगों ने हमला कर दिया था और उन्होंने इस नृशंस हत्या का वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर डाला। उन्होंने एक और वीडियो डालकर यह दावा किया कि उन्होंने इस्लाम के अपमान का बदला लिया है।

इस दौरान एक अंत्‍येष्टि स्थल पर पत्थर फेंके गए और अंतिम यात्रा निकलने के दौरान कुछ लोगों ने वहां के दरवाजे को तोड़ने की कोशिश की। राजस्थान में सोजत (पाली), भीनमल और सांचोर (जालौर) और रेवदर (सीकर) समेत अनेक जगहों पर इस घटना के विरोध में बाजार बंद रहे।

दर्जी की गर्दन काटने वाले शख्स रियाज अख्तरी और इस अपराध का वीडियो बनाने वाले गौस मोहम्मद की गिरफ्तारियों के अलावा पुलिस ने हमले में कथित रूप से शामिल तीन अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है।

राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एमएल लाठर ने कहा गौस मोहम्मद के पाकिस्तान के दावत-ए- इस्लामी से तार जुड़े होने की बात पता चली है और उसने 2014 में कराची का दौरा किया था।

जब लाठर से पूछा गया कि क्या दूसरे आरोपी के भी इस्लामिक संगठन से तार जुड़े हो सकते हैं तो उन्होंने कहा कि इस संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता। दिल्ली में एक अधिकारी ने कहा कि अख्तरी के तार दावत-ए-इस्लामी से जुड़े होने का पता चला है जिसकी शाखाएं भारत में भी हैं।

मंगलवार को जयपुर पहुंचे एनआईए के दल ने विधि-विरुद्ध क्रियाकलाप गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। राज्य पुलिस प्रमुख ने बताया कि राजस्थान पुलिस एनआईए की सहायता करेगी। केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने उदयपुर की घटना को आतंकवादी घटना कहा है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को ट्वीट किया कि उसने एनआईए को जांच संभालने का निर्देश दिया है। उसने कहा, किसी संगठन की संलिप्तता और अंतरराष्ट्रीय तार जुड़े होने की बात की पूरी तरह तफ्तीश की जाएगी।

ऑटोप्सी रिपोर्ट में दर्जी के शरीर पर चोट के 26 निशान मिले हैं जिनमें धारदार हथियार से पहुंचे जख्म भी शामिल हैं। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी।

उदयपुर के सात थाना क्षेत्रों में लगाया गया कर्फ्यू सुबह भी जारी रहा लेकिन पुलिस ने कड़ी निगरानी में कन्हैयालाल की अंतिम यात्रा निकालने की अनुमति दी। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने मोटरसाइकलों और कारों में भी भाग लिया और अशोक नगर शवदाह गृह पहुंचे।

लोग ‘भारत माता की जय’ और ‘कन्हैया हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं’ जैसे नारे लगा रहे थे। कुछ लोगों ने रास्ते में एक मुस्लिम कब्रिस्‍तान पर पथराव किया और उसके दरवाजे को तोड़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तत्काल हालात को काबू में कर लिया।

कन्हैयालाल की पत्नी जसोदा ने कहा कि वह डरे हुए थे और जान के खतरे की वजह से छह दिन से दुकान नहीं खोली थी। उन्होंने बताया कि जैसे ही उनके पति ने दुकान खोली, उनकी हत्या कर दी गई। अधिकारियों ने कहा कि कन्हैया ने पुलिस को लिखित शिकायत में कहा था कि उसे कुछ लोगों से जान का खतरा है जिन्होंने उसकी दुकान का मुआयना किया था।

राजसमंद के भीम कस्बे में एक भीड़ ने एक मस्जिद की ओर बढ़ने की कोशिश की और हालात तनावपूर्ण हो गए। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसूगैस के गोले छोड़े। भाजपा ने राजस्थान में इस कांड पर अशोक गहलोत सरकार पर तीखा हमला बोला है और घटना को राज्य सरकार की ‘तुष्टीकरण की नीति’ का नतीजा बताया है।

भाजपा प्रवक्ता राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि यह इकलौती घटना नहीं है बल्कि धार्मिक कट्टरता से जुड़े अपराध की सिलसिलेवार घटनाएं हुई हैं। कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि राज्य में उसकी सरकार पूरी तरह ‘राज धर्म’ जानती है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी, चाहे अपराधी किसी धर्म या जाति के हों।(भाषा)




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