समंदर में उतरा भारत का नया रक्षक INS इंफाल, गाइडेड मिसाइल का विनाश करने में माहिर, देखें फोटो

पुनः संशोधित शनिवार, 20 अप्रैल 2019 (21:01 IST)
भारतीय नौसेना ने शनिवार मझगांव डॉक शिप बिल्डर्स में गाइडेड मिसाइल विध्वंसक पोत 'इंफाल' का जलावतरण किया। इसे देश में ही डिजाइन और बनाया गया है। भारत का नया प्रहरी INS इंफाल गाइडेड मिसाइल का विनाश करने और उसे चकमा देने में माहिर है।
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प्रहरी INS इंफाल की खूबियां : INS इंफाल की लंबाई 163 मीटर और चौड़ाई 17.4 मीटर है। 2 बहुउद्देश्यीय हेलीकॉप्टर ले जाने और उनका संचालन करने में यह सक्षम है। इसका वजन 7,300 टन है। INS इंफाल की गति 30 नॉट है। INS इंफाल वर्टिकली लांच मिसाइल सिस्टम से दूर तक मार कर सकने में सक्षम है।
'प्रोजेक्ट 15ब्रेवो' के तहत यह तीसरा पोत है। इससे पहले 2015 में 'विशाखापट्टनम' और 2016 में 'मुर्मागोवा' का जलावतरण किया गया था। ये तीनों पोत 2021 से नौसेना में शामिल हो जाएंगे। नौसेना की परंपरा के अनुसार जलावतरण से पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा की पत्नी और नौसेना पत्नी कल्याण संगठन की प्रमुख रीना लांबा ने पोत के एक हिस्से पर नारियल फोड़ा।
एडमिरल लांबा ने कहा कि एमडीएल, भारतीय नौसेना, डीआरडीओ, ओएफबी, बीईएल व अन्य सार्वजनिक उद्यमों और निजी उद्योग के तालमेल से देश के सामरिक उद्देश्यों को हासिल करने के लिए बल का स्तर बनाए रखा गया है।
एडमिरल लांबा ने पोत निर्माण में शामिल पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि ऐसे पोत को डिजाइन कर नौसेना डिजाइन महानिदेशालय 'खरीददार' से 'निर्माणकर्ता' बनने के नौसेना के सपने को साकार करने में योगदान दे रहा है।
लांबा ने कहा कि भारतीय नौसेना इस बात के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध और गौरवान्वित है कि हमारे सभी युद्धपोतों और पनडुब्बियों को आज ऑर्डर पर देश में ही बनाया जा रहा है।

 

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