मुख्तार अंसारी समेत परिवार पर 91 केस, योगी सरकार में मिली थी पहली सजा
- अकेले मुख्तार अंसारी पर दर्ज हैं 61 केस
- मुख्तार अंसारी समेत परिवार पर कुल 91 केस दर्ज हैं
- पत्नी फरार, बेटों और साले पर भी कई मामले दर्ज हैं
इतना ही नहीं, मुख्तार के अलावा उसका पूरा परिवार ही धमकी, दादागिरी और रंगदारी में लगा हुआ है। उसकी पत्नी फरार है तो उसके साले और बेटों पर भी कई मुकदमें दर्ज हैं। बता दें कि करीब 40 सालों बाद योगी सरकार में उसे पहली बार सजा मिली थी।
योगी काल में मिली पहली सजा : बता दें कि कुख्यात मुख्तार अंसारी का पिछले 4 दशकों से अपराध की दुनिया में सिक्का चलता रहा। लेकिन उसे पहली सजा सितंबर 2022 में हुई थी जब प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार थी। इसके बाद से उसे कुछ 7 अन्य मामलों में भी सजा मिली है।
मुख्तार पर ही 61 मामले दर्ज : आंकड़ों की बात करें तो अकेले मुख्तार पर ही 61 मामले दर्ज हैं। इनमें से 22 मुकदमे विचाराधीन हैं। वहीं उसकी पत्नी अफसां अंसारी पर 11 मुकदमे दर्ज हैं। मुख्तार के बेटे अब्बास पर 8 और छोटे बेटे उमर पर 6 केस दर्ज हैं। मुख्तार की बहू निखत पर भी एक मुकदमा दर्ज है। इतना ही नहीं मुख्तार के भाइयों अफजाल पर 7 मामले तो सिगबतुल्लाह पर 3 केस चल रहे हैं।
पूरा परिवार रंगदारी में : बता दें कि सिर्फ मुख्तार अंसारी ही नहीं,उसका पूरा परिवार ही रंगदारी में लगा हुआ है। उसकी पत्नी अफशां फरार है। उस पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। अफशां के भाई यानी मुख्तार के साले अनवर शहजाद और शरजील रजा उर्फ आतिफ भी उसकी गैंग के सदस्य हैं। शरजील रजा तो जेल में बंद है, लेकिन उसके पास गाजीपुर में करोड़ों की संपत्ति बताई जाती है। हाल ही में पुलिस ने दोनों सालों के बैंक खातों को सीज कर दिया था। यह रकम दंबगई, रंगदारी और जबरन वसूली से बनाई गई थी।
Edited by Navin Rangiyal

