कांग्रेस प्रमुख खरगे का दावा, सरकार मेक इन इंडिया के सपने को साकार करने में विफल
- खरगे ने शेयर किए विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े आंकड़े
- मोदी राज में औसत विनिर्माण विकास में गिरावट क्यों आई?
- विनिर्माण क्षेत्र में 10 करोड़ नौकरियों का वादे का क्या हुआ?
Mallikarjun Kharge on make in India : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार 'मेक इन इंडिया' के सपने को साकार करने में विफल रही।
उन्होंने विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े कुछ आंकड़ों का उल्लेख करते हुए यह दावा भी किया कि सरकार की तरफ से पूरी तरह निष्क्रियता देखी गई है।
खरगे ने 'एक्स' पर अपनी पोस्ट में कहा, मोदी सरकार 'मेक इन इंडिया' को साकार करने में विफल! विनिर्माण क्षेत्र में सरकार के कदमों को लेकर जोर-शोर से ढोल पीटने का शोर भी निष्क्रियता के कारण दब गया है।
उन्होंने सवाल किया कि पिछले दशक में भारत की जीडीपी में विनिर्माण द्वारा जोड़ा गया मूल्य 16 प्रतिशत से घटकर 13 प्रतिशत क्यों हो गया है? मोदी सरकार में औसत विनिर्माण विकास में गिरावट क्यों आई है?
खरगे के अनुसार, UPA राज में औसत विनिर्माण विकास दर 7.85 प्रतिशत थी, जो घटकर लगभग 6 प्रतिशत ही रह गई। मोदी सरकार ने 2022 तक विनिर्माण क्षेत्र में 10 करोड़ नौकरियों का वादा किया था। वे नौकरियां कहां हैं? पिछले 10 वर्षों में विनिर्माण क्षेत्र में कार्यबल में गिरावट क्यों आई है?Modi Govt failed to realise Make in India !
— Mallikarjun Kharge (@kharge) March 2, 2024
The loud drumbeating on their interventions in Manufacturing Sector has been drowned by complete INACTION!
Some direct questions —
⚙️ Why has the value added by Manufacturing in Indias GDP declined from 16% to 13% over the last… pic.twitter.com/f8cQESLxDY
कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया कि क्या यह सच नहीं है कि उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना का अधिकांश हिस्सा शुरू होने में विफल रहा? प्रमुख क्षेत्रों के लिए धन का बड़े पैमाने पर कम उपयोग क्यों किया गया?
उन्होंने दावा किया कि कपड़ा क्षेत्र में पीएलआई के 96 प्रतिशत कोष का इस्तेमाल नहीं किया गया तथा नवीकरणीय क्षेत्र में पीएलआई के लिए शून्य निधि प्रदान की गई।
Edited by : Nrapendra Gupta

