Hanuman Chalisa

MP की कमान संभालेंगे कमलनाथ, ऐसी थी संजय गांधी के साथ दोस्ती, इंदिरा गांधी मानती थीं तीसरा बेटा...!

Updated: सोमवार, 17 दिसंबर 2018 (10:06 IST)
कमलनाथ आज सोमवार दोपहर 1.30 मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। कमलनाथ की गिनती देश के दिग्गज राजनेताओं में होती है। मध्यप्रदेश ने देश को जितने भी नामी राजनेता दिए हैं, उनमें से एक कमलनाथ भी हैं।
 
 
कानपुर में जन्मे, देहरादून और पश्चिम बंगाल में पढ़ाई की लेकिन कमलनाथ ने राजनीति की शुरुआत मध्यप्रदेश से की। कमलनाथ ने संजय गांधी साथ मारुति कार का कारखाना लगाने का सपना देखा और उसे पूरा कराया। कमलनाथ को संजय गांधी का करीबी माना जाता है। छिंदवाड़ा में चुनावी सभा में इंदिरा गांधी ने कमलनाथ को अपना 'तीसरा बेटा' बताया था।
 
18 नवंबर 1946 को उत्तरप्रदेश के कानपुर में जन्मे कमलनाथ की स्कूली पढ़ाई मशहूर दून स्कूल से हुई।  दून स्कूल से पढ़ाई करने के बाद कमलनाथ ने कोलकाता के सेंट जेवियर कॉलेज से बीकॉम किया। 27 जनवरी 1973 को कमलनाथ अलका नाथ के साथ शादी के बंधन में बंधे। कमलनाथ के 2 बेटे हैं। उनका बड़ा बेटा नकुलनाथ राजनीति में सक्रिय है।
 
देश के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार से आने वाले संजय गांधी की दोस्ती दून स्कूल में पश्चिम बंगाल से आने वाले कमलनाथ से हुई। दून स्कूल से शुरू हुई यह दोस्ती धीरे-धीरे पारिवारिक होती गई। दून स्कूल से पढ़ाई करने के बाद कमलनाथ कोलकाता के सेंट जेवियर कॉलेज पहुंचे। हालांकि शहर तो बदल गया लेकिन दोनों की दोस्ती ज्यादा दिन दूर नहीं रह पाई।
 
कमलनाथ पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के दौर से ही गांधी परिवार के करीबी रहे हैं। कमलनाथ अपना बिजनेस बढ़ाना चाहते थे। ऐसे में एक बार फिर दून स्कूल के ये दोनों दोस्त फिर करीब आ गए। बताया जाता है कि इमरजेंसी के दौर में कमलनाथ की कंपनी जब संकट में चल रही थी, तो उसको इस संकट से निकालने में संजय गांधी का महत्वपूर्ण रोल रहा।
 
संजय गांधी की छवि एक तेजतर्रार नेता की मानी जाती थी। कमलनाथ इंदिरा गांधी के इस छोटे बेटे के साथ हर समय रहते थे। बड़े बेटे राजीव गांधी को राजनीति में आने की इच्छा नहीं थी, ऐसे में संजय गांधी को जरूरत थी एक साथ की और वे थे कमलनाथ।
 
1975 में इमरजेंसी के बाद से कांग्रेस खराब दौर से गुजर रही थी। इस दौर में संजय गांधी की असमय मौत हो गई थी, इंदिरा गांधी की भी उम्र भी अब साथ नहीं दे रही थी। कांग्रेस लगातार कमजोर होती गई। कमलनाथ गांधी परिवार के करीब आ ही चुके थे, वे लगातार मेहनत भी कर रहे थे। वे लगातार पार्टी के साथ खड़े हुए थे। इसका इनाम उन्हें इंदिरा गांधी ने दिया, जब उन्हें छिंदवाड़ा सीट से टिकट दिया और राजनीति में उतार दिया!

Show comments

Paper Leak पर सरकार का विपक्ष को खुला न्योता, जेपी नड्डा बोले- संसद में 18 घंटे भी चर्चा को तैयार

Sonam Wangchuk : अनशन खत्म करने को तैयार सोनम वांगचुक, सरकार के सामने क्या शर्त रखी

लड़कियों से छेड़छाड़, प्राइवेट पार्ट पर बरसाई लाठी, CJP के के आरोपों पर हाईकोर्ट ने केन्द्र से मांगा जवाब

राहुल गांधी के दिल्ली धरने के विरोध में भोपाल में बीजेपी का प्रदर्शन, कांग्रेस कार्यालय का किया घेराव

Hero HF Deluxe अब सिर्फ 59,999 रुपए में, 7,635 रुपए सस्ती हुई बाइक, जानिए किन राज्यों में मिलेगा ऑफर और खरीदने से पहले जरूरी बातें

सभी देखें

LIVE: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी CJP, 16 मेट्रो स्टेशन बंद होने से सुप्रीम कोर्ट नाराज

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में 5 बड़े फैसले, संतों को बड़ी जिम्मेदारी

CJP Protest: जंतर-मंतर पर हुई हिंसा पर बड़ा खुलासा, Delhi Police पर अभिजीत दिपके का आरोप

मुंबई छात्र प्रदर्शन में धुरंधर की एक्टर आयशा खान भी हिरासत में, इंस्टाग्राम पर सुनाई पूरी आपबीती

Weather Update : मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 12 राज्यों में IMD का अलर्ट, पूर्वोत्तर में भारी बारिश का खतरा

अगला लेख