ramcharitmanas

जैन मुनि तरुणसागरजी का 51 वर्ष की उम्र में निधन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया शोक

Updated: शनिवार, 1 सितम्बर 2018 (10:34 IST)
नई दिल्ली। जैन मुनि तरुणसागरजी का शनिवार तड़के निधन हो गया है। वे 51 साल के थे। तरुणसागरजी को 20 दिन पहले पीलिया हुआ था, इसके कारण वे बहुत कमजोर हो गए थे।
 
उनके प्रवास स्थल पर उनके दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु जुटने लगे हैं। आज दोपहर 3 बजे दिल्ली मेरठ हाइवे पर स्थित तरुणसागरम तीर्थ में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। यात्रा सुबह 7 बजे राधेपुरी दिल्ली से प्रारंभ होकर 28 किलोमीटर दूर तरुणसागरम पर पहुंचेगी।
 
छत्तीसगढ़ में ली थी दीक्षा : तरुण सागरजी महाराज का मूल नाम पवन कुमार जैन था। उनका जन्‍म दमोह (मध्यप्रदेश) के गांव गुहजी में 26 जून 1967 को हुआ। मुनिश्री ने 8 मार्च 1981 को घर छोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ में दीक्षा ली।
 
 
जैनमुनि को करीब 20 दिन पहले पीलिया की शिकायत के बाद मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। हालांकि इलाज के बाद भी उनकी सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद जैनमुनि ने अपना इलाज करवाने से मना कर दिया था और अपने अनुयायियों के साथ गुरुवार शाम को दिल्ली के कृष्णा नगर स्थित राधापुरी जैन मंदिर चातुर्मास आ गए।
 

Show comments

अभिजीत दीपके का कंगना पर तीखा तंज, उन्हें गंभीरता से लेता ही कौन है?

Paper Leak Law 2026 : लोकसभा से पास हुआ नया एंटी पेपर लीक बिल, अब 10 साल की जेल और 10 रुपए करोड़ तक जुर्माना, क्या-क्या बदला

Audi Q9 : Audi की अब तक की सबसे बड़ी SUV से उठा पर्दा, 7-सीटर लग्जरी, Hands-Free Driving और V8 इंजन से होगी लैस

Rahul Gandhi : राहुल गांधी के आरोपों से लोकसभा में हंगामा, अमित शाह पर छात्रों पर गोली चलवाने का आरोप, सरकार ने मांगा सबूत, पेपर लीक बिल पर तीखी बहस

WhatsApp का मेगा अपडेट, 5 नए फीचर्स बदल देंगे कॉलिंग का पूरा एक्सपीरियंस

सभी देखें

LIVE: राज्यसभा में पेश हुआ एंटी पेपर लीक बिल, लोकसभा 3 बजे तक स्थगित

इंदौर में आर्थिक तंगी से मां-बेटे ने खाया जहर, क्‍या देश में बढ़ रहे तंगी से मौत के मामले?

सुप्रीम कोर्ट के दिल्ली सरकार को निर्देश, पैलेट गन से जख्मी छात्रों का करवाए निशुल्क इलाज

भारतीय हॉकी टीम की केसरिया जर्सी पर मचा बवाल, प्रियंका गांधी और पूर्व कप्तान विरेन रॉसकिन्हा ने उठाए सवाल; हॉकी इंडिया ने क्या कहा?

‍बिहार में किन्नर बनाएंगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मंदिर, क्या है इसकी अहम वजह

अगला लेख